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बड़ी खबर : गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी, सरकार ने बनाई योजना

बड़ी खबर : गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी, सरकार ने बनाई योजना
पोस्ट - November 09, 2022 शेयर पोस्ट

गौसेवा के साथ-साथ गाय की नस्ल सुधारने के लिए वैज्ञारिक तरीकों को अपनाने की अपील

हरियाणा में गौशाला एवं गौशाला संचालकों के लिए सरकार ने बड़ा ऐलान कर दिया हैं। राज्य में 600 से अधिक गौशाला को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार नया दांव चला रही है। हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने हरियाणा में गौशाला के लिए नया प्लान बनाया है। हरियाणा के फतेहाबाद में स्वामी सदानंद प्रणामी गौ सेवा चौरिटेबल ट्रस्ट के वार्षिक उत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री चौटाला ने कहा कि राज्य सरकार स्वयं गौशाला नहीं चलाएगी बल्कि गौशालाओं का संचालन करने वालों को अनुदान प्रदान करेगी। अपनी तरफ से हर संभव सहायता प्रदान करेगी। इसीलिए प्रदेश के सभी खंडों में 225 पशुधन सर्वेक्षण समितियों का गठन किया जाएगा। प्रदेश के सभी निराश्रय पशुओं, विशेषकर गायों और नंदियों को आश्रय प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि गौशालाओं में गाय की सुरक्षा करने के साथ-साथ उसके गौबर व मूत्र से प्रोडक्ट बनाने की जरूरत है, ताकि गौशालाएं अत्मनिर्भर बन सकें। राज्य सरकार द्वारा बायोगैस प्लांट लगाने के लिए सरकारी सहायता प्रदान की जा रही है। हरियाणा के उपमुख्यमंत्री चौटाला ने कहा कि  गौशालाओं में हमें गौसेवा के साथ-साथ गाय की नस्ल सुधारने के वैज्ञानिक तरीकों को अपनाना होगा। इस दौरान उपमुख्यमंत्री चौटाला ने लाडवा की गौशाला का उदाहरण भी दिया।

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“अपना घर” में रह रहे बेसहारा व असहाय लोगों का जाना हाल चाल 

उपमुख्यमंत्री फतेहाबाद में स्वामी सदानंद प्रणामी गौ सेवा चौरिटेबल ट्रस्ट के वार्षिक उत्सव में मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उप मुख्यमंत्री चौटाला ने यहां “अपना घर” में रह रहे बेसहारा व असहाय लोगों का हाल चाल जाना और उनको यहां पर दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि श्री कृष्ण प्रणामी आश्रम गौशाला के साथ-साथ अपना घर के माध्यम से बेसहारा लोगों को आश्रय देकर बहुत बड़ी सेवा का काम कर रहा है। संस्थान बनाना आसान होता है, लेकिन उसको सुचारू ढंग से चलाना बहुत की मुश्किल होता है। उपमुख्यमंत्री ने इस दौरान आश्रम में आयोजित रक्तदान शिविर में स्वयं भी रक्तदान किया. उन्होंने आश्रम की गौशाला में गायों को चारा भी खिलाया और गौरक्षा का संदेश दिया. उन्होंने अपने कोष से इस आश्रम में सोलर प्लांट लगवाने की घोषणा की।

गौबर व मूत्र से साबुन, हवन सामग्री आदि उत्पाद बनाने की जरूरत है 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री चौटाला ने लाडवा की गौशाला का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां पर गाय की सुरक्षा के साथ-साथ उनके गोबर और मूत्र से साबुन और हवन सामग्री सहित कई तरह के उत्पाद बनाए जा रहे हैं। इससे गौशाला की आमदनी भी बढ़ी है। और गौशाला संचालन अब काफी हद तक आत्मनिर्भर है। ऐसे ही प्रसाय अन्य गौशालाओं को भी करने चाहिए। ताकि भविष्य में गौशालाएं संचालन हेतु किसी पर निर्भर न रहे। उन्होंने कहा कि पिंजौर स्थित एक गौशाला में गाय के गौबर से पेंट भी बनाया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उनका यही प्रयास होगा कि सरकारी संस्थानों में उस पेंट का प्रयोग किया जाए, ताकि अन्य गौशालाएं भी इस तरह के उत्पादन में रूचि ले सकें। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार से गौशालाओं में बायोगैस प्लांट लगाकर रसोई गैस बनाई जा सकती है, जो कि आमदनी की प्रमुख साधन हो सकती है।

गाय की नस्ल सुधारने एवं दूध के उत्पादन बढ़ाने पर देना होगा ध्यान

वार्षिक उत्सव में शामिल होने के साथ ही उप मुख्यमंत्री चौटाला ने कहा हमें गाय की रक्षा के लिए गौशाला बनाने के साथ-साथ दूध के उत्पादन बढ़ाने और गाय की नस्ल सुधारने पर भी और अधिक ध्यान देने की जरूरत है। गाय की नस्ल सुधारने के वैज्ञानिक तरीकों को अपनाना होगा। इसके लिए मंत्री ने लोगों से अपील भी की। हरियाणा सरकार की ओर से देसी गायों के उत्थान में सरकार द्वारा देसी गाय पालकों को प्रोत्साहन राशि प्रदान भी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि आज से करीब 40 साल पहले भारत से ही ब्राजिल के अंदर गीर नस्ल की गाय को ले जाया गया था, वहां पर उसकी नस्ल सुधार का कार्य किया गया जो कि अब यह गाय 70 से 72 लीटर प्रतिदिन दूध देती है और वहां लोगों की आय का मुख्य साधन भी बनी है। बता दें कि उपमुख्यमंत्री ने इस दौरान आश्रम में आयोजित रक्तदान शिविर में स्वयं भी रक्तदान किया। 

सरकार गौशालाओं को उपलब्ध करा रही है हरा चारा

जानकारी के लिए बता दें बता दे कि बीते दिनों हरियाणा सरकार राज्य में बढ़ती चारे की किल्लत को देखते हुए सरकार ने चारा की खेती करने वाले किसानों सब्सिडी देने की योजना लागू की थी। सरकार ने यह योजना गौशालाओं को हरा चारा मुहैया करवाने के लिए बनाई थी। योजना के तहत किसानों को चारा उगाने के लिए भी 10 हजार रूपये प्रति एकड़ सरकार द्वारा अनुदान के रूप में दिया जाता है। इस योजना के चारा की खेती करने वाले किसानों को सरकार की ओर से पैसा मिलता है, एवं पशुओं को मिलता है चारा। यदि कोई किसान 10 एकड़ भूमि तक चारा उगाकर उसे आपसी सहमति से गौशालाओं को देता है तो सरकार उसे 10 हजार रूपये प्रति एकड़ की दर से पैसा उपलब्ध करावाएगी। यह पैसा चारा उगाने वाले किसानों के खाते में डीबीटी के माध्यम से दिया जाता है। 

गौशालाओं को दिए गए 13.44 करोड़ रुपए 

बता दें कि पिछले दिनों हरियाणा के कृषि मंत्री ने कृषि विभाग, बागवानी विभाग, पशुपालन विभाग और हरियाणा कृषि विश्व विद्यालय के अधिकारियों की बैठक हुई थी। इस बैठक के बाद कृषि मंत्री जेपी दलाल ने जानकारी देते हुए कहा चारा अर्थात तूड़े के लिए राज्य की 569 गौशालाओं को अप्रैल महीने में 13.44 करोड़ रूपये दिए गए हैं। इसके अलावा सरकार द्वारा सभी गौशालाओं को अनुदान राशि भी दिया गया। जिसमें यह राशि उपयोगी और अनुपयोगी पशुओं के अनुपात के अनुसार दी गई । विधानसभा में पारित प्रस्ताव के अनुसार 33 प्रतिशत से कम अनुपयोगी पशुओं को रखने वाली गौशालाओं को कोई सरकारी अनुदान नहीं दिया गया। जबकि 33 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक अनुपयोगी पशुओं को रखने वाली गौशालाओं को प्रति वर्ष 100 रुपये प्रति पशुधन दिया जाता है। वहीं, 51 प्रतिशत से 75 प्रतिशत तक अनुपयोगी पशुओं को रखने वाली गौशालाओं को प्रति वर्ष 200 रुपये प्रति पशुधन दिया जाएगा। एवं 76 प्रतिशत से 99 प्रतिशत तक अनुपयोगी पशुओं को रखने वाली गौशालाओं को प्रति वर्ष 300 रुपये प्रति पशुधन दिया जाएगा। तथा इसी तरह 100 प्रतिशत अनुपयोगी पशुओं को रखने वाली गौशालाओं को प्रति वर्ष 400 रुपये प्रति पशुधन दिया जाएगा। 

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