Tubewell Connection : किसानों को बेहतर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध करने के लिए सरकार द्वारा कई प्रयास किए जा रहे हैं। कई योजनाएं बनाकर सरकार राज्य में खेती करने वाले किसानों के लिए अनुदान पर सोलर कृषि पंप एवं निजी पंपों के लिए मांग के अनुसार बिजली कनेक्शन देने की व्यवस्था कर रही है। हाल ही में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने राज्य के किसानों से बिजली ट्रांसफार्मर के चोरी होने या खराब होने पर उनसे कोई शुल्क नहीं वसूल करने की घोषणा की थी। इससे किसानों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ से राहत मिली है। इस कड़ी में हरियाणा के किसानों का एक और लंबा इंतजार अब खत्म हो गया है। किसानों को जल्द ही ट्यूबवेल के कनेक्शन (Tubewell Connections For Farmers) दिए जाएंगे। इससे किसानों को सिंचाई की समस्या से निजात मिलेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि राज्य के किसानों की सभी समस्याएं दूर करने का प्रयास किया जाएगा। हाल ही में सीएम ने गरीबी से जूझ रहे राज्य के किसानों की आर्थिक मदद भी की है।
हरियाणा सरकार ने किसान हित में बड़ा फैसला किया है। राज्य के सभी किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन जारी किए जाएंगे। प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में गत दिनों चंडीगढ़ में हुई कैबिनेट की बैठक में किसानों को नए ट्यूबवेल कनेक्शन जारी करने पर फैसला लिया गया। इसके अनुसार, अब राज्य सरकार एक जनवरी 2022 से 31 दिसंबर 2023 तक सभी आवेदकों को ट्यूबवेल कनेक्शन देगी। साथ ही निर्धारित अवधि में निर्धारित चार्ज जमा करवाकर किसान ट्यूबवेल कनेक्शन का लोड बढ़वा सकेंगे। बता दें कि सरकार ने किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन का लोड बढ़वाने के लिए भी 20 दिन का समय दिया है।
सरकार द्वारा 27 जून 2024 को लिए गए निर्णय के अनुसार, राज्य में ऐसे सभी किसानों को टयूबवैल कनेक्शन जारी किए जाने हैं, जिन्होंने 01 जनवरी 2022 से 31 दिसंबर 2023 तक आवेदन किया हुआ है। उन्होंने बताया कि पहले की तरह सौर ऊर्जा पर आधारित 10 बीएचपी तक के ट्यूबवेल कनेक्शन हरेडा द्वारा जारी किए जाएंगे तथा 10 बीएचपी से ऊपर और 35 बीएचपी तक के ट्यूबवेल कनेक्शन बिजली विभाग द्वारा जारी किए जाएंगे। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. साकेत कुमार ने बताया कि उन्होंने 11 जुलाई, 2024 को ऐसे सभी पात्र आवेदकों को मांग पत्र जारी करने के दिशा निर्देश पारित भी कर दिए हैं।
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक ने बताया कि भूमिगत जल स्तर को ध्यान में रखते हुए ऐसे गांव जहां पर जल स्तर 100 फुट से नीचे चला गया है, वहां पर ट्यूबवेल कनेक्शन पाने के लिए पात्र आवेदक को माईक्रो इरिगेशन सिस्टम लगवाना अनिवार्य रहेगा। हालांकि, जहां जल स्तर 100 फुट तक उपलब्ध है, वहां पर पात्र आवेदक के पास माइक्रो इरिगेशन सिस्टम या भूमिगत पाइपलाइन में से किसी भी एक को लगवाने का विकल्प रहेगा। इसके अलावा ट्यूबवेल कनेक्शन पाने के लिए पात्र आवेदक द्वारा थ्री स्टार एनर्जी एफिशिएंट मोटर पंप सेट लगाने की शर्त भी जारी रहेगी।
बिजली निगम नारनौल एसई रंजन राव ने जानकारी देते हुए बताया कि ट्यूबवेल के लिए बिजली कनेक्शन के इंतजार में बैठे किसानों को जल्द ही बिजली कनेक्शन मिलेंगे। विद्युत निगम कार्यालय नारनौल द्वारा पूरी राशि अदा कर चुके 1813 किसानों को ट्यूबवेल के बिजली कनेक्शन देने के वर्क ऑर्डर (कार्य आदेश) जारी कर दिए गए हैं। किसान अब अपने ट्यूबवेल को बिजली से चला सकेंगे। उन्होंने बताया, जिले में एक जनवरी 2019 से 31 दिसंबर 2021 तक 3679 किसानों ने नए ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए आवेदन किया है, जिनमें से 1813 आवेदक किसान ऐसे हैं, जिन्होंने पूरी राशि अदा कर रखी है। इन किसानों को पहले चरण में नए ट्यूबवेल बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे। हरियाणा सरकार के नए निर्णय के अनुसार, आवेदन की तिथि 31 दिसंबर 2021 से बढ़ाकर 31 दिसंबर 2023 कर दी है। इस तिथि तक जो आवेदन हुए हैं, उनको नियमानुसार बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे।
जिले में एक जनवरी 2019 से 31 दिसंबर 2021 तक 3679 किसानों ने ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए बिजली निगम में आवेदन जमा करवाए हैं। तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल सरकार ने 10 बीएचपी क्षमता की मोटर के लिए बिजली कनेक्शन अप्लाई करवाने वाले किसानों को यह कहते हुए कनेक्शन जारी करने से इनकार कर दिया था कि 10 बीएचपी या इससे कम क्षमता की मोटर के लिए कनेक्शन लेने वाले किसानों को अपने ट्यूबवेल के लिए सोलर कनेक्शन लेना होगा। सौर ऊर्जा ट्यूबवेल कनेक्शन हरेडा द्वारा जारी किए जाने तय किए गए थे। इस कारण नए ट्यूबवेल कनेक्शनों की फाइल पेंडिंग में चली गई। प्रदेश में ऐसे करीब 80 हजार किसान हैं।
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