Mukhyamantri Dudharu Pashu Praday Program : देश की 70 प्रतिशत से अधिक आबादी को आजीविका उपलब्ध करlने में पशुपालन क्षेत्र बहुत बड़ी भूमिका निभा रहा है। साथ ही किसानों की आय में वृद्धि करने में भी काफी मददगार साबित हो रहा है। पशुपालन (Animal Farming) में रोजगार के नए अवसर को देखते हुए आज कई राज्य सरकारें विभिन्न योजना बनाकर किसानों को पशुपालन के लिए प्रेरित भी कर रही है। इसके लिए उन्हें गाय और भैंस जैसे दुधारू पशुओं के पालन के लिए अच्छी खासी सब्सिडी भी दी जा रही है। इस कड़ी में राज्य शासन द्वारा “मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय कार्यक्रम” (mukhyamantri dudharu pashu praday yojana) लागू किया है। राज्य सरकार द्वारा इस कार्यक्रम के माध्यम से अब हितग्राही की मंशा अनुसार दुधारू गाय के अलावा भैंस भी दी जाएगी। साथ ही इस योजना में अब विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा के साथ सहरिया और भारिया को भी लाभ मिलेगा। जनजातियों की कमजोर आर्थिक स्थिति को देखते हुए हितग्राही अंशदान की राशि 25 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दी गई है। इस कार्यक्रम का मकसद दुग्ध उत्पादन और पशुओं की दुग्ध उत्पादक क्षमता में वृद्धि, रोजगार के नवीन अवसरों द्वारा हितग्राहियों की आर्थिक स्थिति में सुधार और उच्च उत्पादक क्षमता के गौ-भैंस वंशीय पशुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग मध्यप्रदेश शासन के अनुसार, मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय कार्यक्रम के तहत प्रति पशुपालक 2 दुधारू पशु गाय/भैंस दी जाएगी। कार्यक्रम में लाभार्थी व्यक्ति को 90 प्रतिशत शासकीय अनुदान और 10 प्रतिशत हितग्राही अंशदान देय होगा। खरीद किए गए सभी पशुओं का बीमा होगा। मिल्क रूट और दुग्ध समितियों का गठन मध्यप्रदेश दुग्ध महासंघ और पशुपालन विभाग द्वारा किया जाएगा। गाय प्रदाय के लिए 1 लाख 89 हजार 250 रूपए और भैंस के लिए दो लाख 43 हजार रुपए की राशि तय की गई है। गौ प्रदाय में 1 लाख 70 हजार 325 रुपए शासकीय अनुदान और शेष 18 हजार 925 रुपए हितग्राही अंशदान होगा। भैंस प्रदाय में 2 लाख 18 हजार 700 रुपए की शासकीय सब्सिडी और केवल 24 हजार 300 रुपए हितग्राही का अंशदान होगा।
शासन के अनुसार, मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना का लाभ राज्य के बैगा, भारिया, सहरिया जनजाति समुदाय के गरीब और जरूरतमंद लोगों को दिया जाएगा। विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा के लिये 6 जिले डिण्डोरी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, मण्डला और बालाघाट, भारिया के लिए छिंदवाड़ा और सहरिया जनजाति वर्ग के लिए दतिया, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, श्योपुरकला, भिंड और मुरैना जिले में इस कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जाएगा। इस पशु प्रदाय कार्यक्रम योजना में हितग्राहियों के चिन्हांकन में उनकी आर्थिक स्थिति का विशेष ध्यान रखा जााएगा। इसमें पशुपालकों को पशु प्रदान करते समय अच्छी नस्ल के स्वस्थ पशु प्रदान किए जाएंगे तथा पशुओं के अच्छे रख-रखाव आदि से संबंधित जानकारी भी दी जाएगी।
इस कार्यक्रम में लाभ लेने के लिए हितग्राही को आवेदन निर्धारित प्रपत्र में अपने निकटतम पशु चिकित्सा संस्था या दुग्ध सहकारी समिति को देना होगा। चयन के बाद हितग्राहियों को पशुपालन, पशु आहार और पशु प्रबंधन प्रशिक्षण के साथ परिचयात्मक दौरा भी करवाया जाएगा। बता दें कि राजभवन में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग की समीक्षा बैठक की। इस बैठक में बैगा, भारिया, सहरिया जनजाति क्षेत्रों में पशु प्रदाय योजना की विगत और वर्तमान स्थिति की तुलनात्मक समीक्षा की गई। इस दौरान राज्यपाल पटेल ने वरिष्ठ अधिकारियों से पशु प्रदाय के लिए पात्रता निर्धारण, पशु चयन और वितरण की समस्त प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि योजना के लक्ष्य को आवश्यकतानुसार बढ़ाएं और उसे प्राप्त करने का भरसक प्रयास करें।
जानकारी के लिए बता दें कि, मध्यप्रदेश शासन द्वारा राज्य के पशुपालकों को पशुओं के लिए हरे चारे की आपूर्ति करने के लिए ऋण दिया जा रहा है। इसके लिए उन्हें पशु किसान क्रेडिट कार्ड स्कीम (Pashu Kisan Credit Card Scheme) के तहत केसीसी कार्ड प्रदान किया गया है। इसके माध्यम से पशुपालक किसान पशुओं को चारा खिलाने के लिए सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से लोन प्राप्त कर सकते हैं। इस कार्ड पर एक गाय के चारे के लिए 15 हजार रुपए और भैंस के लिए 18 हजार रुपए का लोन मिलेगा। यदि पशुपालक इस लोन की रेगुलर किस्त का भुगतान करते है, तो उन्हें सरकार द्वारा 3 प्रतिशत का ब्याज अनुदान दिया जाता है, जिससे यह लोन कार्डधारकों को मात्र 4 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर से पड़ता है।
इस योजना के तहत अगर आप भी पशु किसान क्रेडिट कार्ड लेना चाहते है, तो आपको अपने क्षेत्र के पशु चिकित्सालय कार्यालय में संपर्क कर योजना का आवेदन पत्र लेना है। इसमें मांगी गई सभी जानकारी दर्ज कर अपने सभी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी, बैंक की पासबुक और दो पासपोर्ट साइज फोटो आदि संलग्न कर कार्यालय में जमा करना होगा। सभी कागजात सही होने पर बैंक 10 से 14 दिनों में आपका लोन अप्रूव कर संबंधित खाते में जारी कर देगा । इसके अलावा मध्यप्रदेश ऑनलाइन कियोस्क से लागू शुल्क जमा कर इस योजना में आवेदन किया जा सकता है।
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