Diesel Water Pump Subsidy Yojana : सिंचाई की सुविधा के बिना खेती संभव नहीं है। फसलों की बुवाई से लेकर उनकी सिंचाई तक में पानी एक अहम संसाधन है। नदी, नहरें, तालाब, बावड़ी, कुओं और नलकूप जैसे स्रोतों से खेती-बाड़ी की सिंचाई की जाती है। इसके लिए किसानों द्वारा कई प्रकार के सिंचाई यंत्रों एवं उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है। किसान इन सिंचाई यंत्रों को आसानी से खरीद सके, इस बात को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा कई तरह की कृषि यंत्र अनुदान योजनाएं लागू की जाती है। इन योजनाओं के अंतर्गत सरकार की ओर से विभिन्न सिंचाई यंत्रों पर सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जाता है। इन्हीं में डीजल वाटर पंप सब्सिडी योजना भी शामिल है। सरकार की इस योजना के अंतर्गत किसानों को बिजली व डीजल वाले वाटर पंप सेट के लिए 10 हजार रुपए तक सब्सिडी मिल जाती है। फसलों की सिंचाई में उपयोग होने वाले डीजल कृषि पंप को सब्सिडी पर खरीदने के लिए इच्छुक किसानों को आवेदन फॉर्म भरना होता है। जिसके पश्चात कृषि विभाग द्वारा सब्सिडी का लाभ चयनित किसानों को दिया जाता है। आइए, जानते है कि किसान सरकार की इस योजना में कैसे ऑनलाइन आवेदन करके सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं?
सिंचाई पंप सेट किसानों के लिए बेहद उपयोगी कृषि यंत्र/उपकरण है। किसान डीजल और बिजली वाटर पंप सेट से खेतों में फसलों की सिंचाई करते हैं। अभी प्रदेश में गेहूं की बुवाई चल रही है, जिसके लिए किसानों को सिंचाई यंत्रों की आवश्यकता होगी। इसी बात पर ध्यान रखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा डीजल वाटर पंप सब्सिडी योजना के तहत किसानों को जाति वर्ग और जोत की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग सब्सिडी का लाभ दिया जाता है। इस योजना के तहत किसानों को डीजल वाटर पंप सेट पर लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 10 हजार रुपए तक की सब्सिडी दी जाती है, जबकि छोटे एवं सीमांत किसानों को इस योजना के तहत 70 प्रतिशत तक की सब्सिडी डीजल पंप सेट के लिए मिल जाती है। खेती करने वाले किसान ऑनलाइन आवेदन करके सिंचाई की मशीन पर सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं।
डीजल वाटर पंप सब्सिडी योजना का उद्देश्य किसानों की सिंचाई लागत को कम करना है, फसल उत्पादन को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी की मदद से किसान डीजल से चलने वाले सिंचाई पंप खरीद सकते हैं। इससे फसलों की सिंचाई की समस्याओं से किसानों को राहत मिलेगी। इस पंप के इस्तेमाल से किसान खेतों में सिंचाई कर सकते हैं, जिसका सीधा प्रभाव उत्पादकता और फसल गुणवत्ता पर पड़ेगा, पैदावार बढ़ेगी, जिससे किसान आर्थिक रूप से सशक्त हो सकेंगे। प्रदेश सरकार की यह योजना विशेष रूप से उन छोटे और सीमांत किसानों के लिए है, जो खेतों की सिंचाई की समस्या से जूझ रहे हैं। ऐसे में वे सरकार की इस योजना के तहत डीजल पंप खरीद सकते हैं। इसके लिए उन्हें सरकार की ओर से 10 हजार रुपए की सब्सिडी मिलेगी। यह राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थी किसानों के बैंक खाते में जमा की जाएगी।
पानी की मशीन (डीजल वाटर पंप सेट) पर मिलने वाली सब्सिडी का लाभ केवल किसानों के लिए है।
किसान के पास खेती योग्य भूमि होनी चाहिए
आवेदक राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों का स्थाई निवासी होना चाहिए।
न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए।
आवेदक ने पहले किसी भी सरकारी योजना के तहत सिंचाई यंत्र पर सब्सिडी लाभ नहीं लिया हुआ हो।
आवेदक किसान छोटे एवं सीमांत श्रेणी से होना चाहिए।
किसानों को पानी की मशीन पर मिलने वाली छूट उनके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से वापस जमा की जाती है इसके लिए किसान को वॉटर पंपिंग सेट मशीन सब्सिडी फॉर्म भरना होगा इसकी जानकारी यहां दी गई है। इसी के आधार पर योजना का लाभ सभी किसान प्राप्त कर सकते हैं।
डीजल वाटर पंप सब्सिडी योजना में आवेदन करने के लिए किसान के पास इन निम्निलिखित दस्तावेजों का होना अनिवार्य है।
आवेदक किसान का आधार कार्ड
आधार लिंक बैंक खाता (केवाईसी पूर्ण होनी चाहिए)
खेती भूमि विवरण संबंधित दस्तावेज
वाटर पंप सेट मशीन खरीदने का पक्का बिल (रसीद)
मोबाइल नंबर
किसान का पासपोर्ट साइज फोटो
डीजल वाटर पंप सब्सिडी योजना के तहत किसान को डीजल वाटर पंप सेट के लिए सरकार से 10 हजार रुपए की वित्तीय सहायता प्राप्त होगी, जिससे वे अपने खेतों की सिंचाई अच्छे से कर पाएंगे। सिंचाई यंत्र पर मिलने वाले इस आर्थिक छूट को प्राप्त करने के लिए किसान को सबसे पहले राज्य सरकार की कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://agriculture.up.gov.in/ पर जाना होगा। वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन फॉर्म में अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी आदि जैसी पर्सनल जानकारी दर्ज करनी होगी। रजिस्ट्रेशन पूरा करने के बाद यूजर आईडी और पासवर्ड मिलेगा, जिसकी मदद से पोर्टल पर लॉगिन करना है। लॉगिन करने के बाद डीजल वाटर पंप सब्सिडी योजना का आवेदन फॉर्म खुलेगा, जिसमें मांगी गई सभी जानकारी को सही से भरें। इसके बाद सभी जरूरी दस्तावेजों को ऑनलाइन अपलोड कर फॉर्म के साथ अटैच करें। सभी जानकारी अच्छे से चैक कर आवेदन फॉर्म को जमा करें। इसके बाद 20 से 21 दिन के भीतर सब्सिडी की राशि किसान के बैंक खाते में जमा कर दी जाती है।
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