Seed subsidy scheme UP : खरीफ फसलों की बुवाई का समय मानसून के आगमन के साथ 20 जून के बाद शुरू हो जाएगा। किसानों ने खरीफ की प्रमुख फसल धान की बुवाई/रोपाई के लिए अपने खाली खेतों में इसकी नर्सरी लगाने का कार्य शुरू कर दिया है। ऐसे में किसान फसल के अच्छे उत्पादन के लिए क्वालिटी युक्त उन्नत बीजों की खरीदी करना चाहते हैं। क्योंकि अच्छी पैदावार के लिए उन्नत बीज की बुवाई होना अनिवार्य है। यदि सामान्य किस्म के बीजों का इस्तेमाल खेती में करते हैं तो इससे फसल उत्पादन और गुणवत्ता पर फर्क पड़ता है। ऐसे में किसानों को बड़ी राहत देते हुए राज्य कृषि विभाग की ओर से खरीफ फसल के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले बीज अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। किसान बुवाई के लिए इन उन्नत बीजों को आधी कीमत पर खरीद सकेंगे और खेतों में इनकी बुवाई कर पैदावार बढ़ा सकते हैं।
यूपी के बांदा जिले में किसानों को अब बीजों की खरीदारी करने पर तत्काल 50 फीसदी का अनुदान दिया जा रहा है। बीज लेने के लिए किसान का रजिस्ट्रेशन कृषि विभाग में होना अनिवार्य है। किसानों को यह बीज कृषि विभाग के राजकीय बीज भंडार एवं कृषि रक्षा इकाई केंद्र पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
धान की बुवाई के समय को देखते हुए जिला कृषि विभाग द्वारा अनुदान पर अलग-अलग प्रजाति के बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पैदावार बढ़ाने वाले और उन्नत बीज की बुवाई करने की चाहत रखने वाले इच्छुक किसान राजकीय बीज गोदाम से इन बीजों की खरीद कर सकते हैं। यहां से बीज की खरीद पर किसानों को तत्काल 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। किसानों को पहले यह अनुदान उनके आधार पंजीकृत बैंक खाते में दिया जाता था, लेकिन अब यह लाभ तुरंत मौके पर ही दिया जाएगा। जिला कृषि अधिकारी के अनुसार, जिले में इस बार किसानों को सहूलियत देने के लिए कृषि विभाग के राजकीय बीज भंडार पर धान के बीज और दलहन-तिलहन के बीज उपलब्ध कराए गए हैं। कृषि बीज गोदाम पर उपलब्ध सभी बीजों पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी लाभ प्रदान किया जा रहा है। इन बीजों को खरीदने पर किसान को मौके पर ही अनुदान का लाभ मिलेगा यानी बीज खरीदते समय किसान को आधा पैसा ही देना होगा।
जिला कृषि विभाग ने कहा है कि किसान इस समय खेतों की जुताई कर सकते हैं। गर्मी की जुताई से खेतों के हानिकारक कीड़े मकोड़े, खरपतवार नष्ट हो जाते हैं। इसके अलावा, मानसून की बारिश होने पर खेतों में नमी और खरपतवार ऊपर आने से पानी व्यर्थ नहीं होता। खाद डालने के लिए किसानों को धान की बुवाई से पहले खेतों में ढैंचा की बुवाई करने की सलाह दी है। क्योंकि यह खेतों में नाइट्रोजन सहित कई तत्वों की मात्रा बढ़ाती है। इसे हरी खाद भी कहते हैं। खरीफ के मौसम में इसकी खेती कर सकते हैं। इसकी गांठों में नाइट्रोजन का भंडार पाया जाता है। इसलिए किसान ढैंचा की बुवाई कर उसकी कटाई करके उसे खेतों में पलट दें जिससे वह खाद बन जाएगी और खेतों में नाइट्रोजन सहित कई तत्वों की मात्रा बढ़ जाएगी। इससे डीएपी व यूरिया की भी बचत होगी और भूमि शक्ति में सुधार होगा। किसान किसी भी समस्या के लिए सीधे कार्यालय पर संपर्क कर सकते हैं।
जिला कृषि विभाग के अधिकारी के अनुसार, बांदा कृषि विभाग के राजकीय कृषि बीज भंडार पर 1335 क्विंटल धान बीज के वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिनका वितरण पॉश मशीनों द्वारा कृषि बीज क्रय-विक्रय केंद्र एवं कृषि रक्षा इकाई केंद्र पर शुरू किया जा चुका है। सरकारी कृषि बीज भंडार पर बासमती धान, बासमती पूसा 1718, बासमती 1728, बासमती 1692 के समेत मोटा धान किस्मों के बीजों का आवंटन हुआ है। इसके अतिरिक्त किसानों को मूंग, तिल के उन्नत बीज भी उपलब्ध कराए गए हैं। बीज की खरीदी पर अनुदान का लाभ लेने हेतु किसान का रजिस्ट्रेशन विभागीय पोर्टल पर होना चाहिए। इसलिए इच्छुक किसान बीज की खरीदारी करने से पहले अपना पंजीकरण अवश्य करा लें। किसान बीज लेने के लिए अपना आधार कार्ड और पंजीकरण साथ लेकर केंद्रों पर जाएं। कृषि बीज भंडार पर पहुंचकर बीज की खरीदारी कर अनुदान का लाभ उठाने की अपील की गई है। बीजों पर अनुदान मिलने से किसानों की खेती लागत कम होगी तथा उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
सरकारी कृषि बीज केंद्रों पर किसानों के लिए इस बार खास प्रजाति धान के बीज अनुदान पर उपलब्ध है। धान के बीज की सर्वाधिक बिक्री केंद्र पर हो रही है। सभी ब्लाकों के अलग-अलग स्थान पर कृषि बीज भंडारण केंद्र खोलकर किसानों को बीज खरीदने पर मौके पर ही अनुदान का फायदा दिया जा रहा है। इन केंद्र पर किसान को अनुदान पर बीज मिल जाता है और यह बीज अच्छी क्विंलटी का होता है तथा गुणवत्तायुक्त होने के कारण यह खराब नहीं होता है। साथ ही बाजार से सस्ता होता है, जिससे किसानों को फायदा होता है। जिले में धान की खेती भी बड़े पैमाने पर होती है। ऐसे में किसानों ने धान की खेती के लिए तैयारियां शुरू भी कर दी है। कुछ दिन में ही बेरन तैयार कर खेती की शुरुआत भी कर दी जाएगी।
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