Beekeeping Scheme : किसानों की आय में वृद्धि एवं कृषि संबंधित रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कई तरह की योजनाएं चलाई जा रही है। जिनके माध्यम से किसानों को खेती-बाड़ी के साथ-साथ मधुमक्खी पालन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी कड़ी में बिहार सरकार द्वारा राज्य के किसानों की आय बढ़ाने के लिए मधुमक्खी पालन योजनाएं चलाई जा रही है । जिसके तहत बिहार उद्यान निदेशालय द्वारा मधुमक्खी पालन के लिए सामान्य वर्ग के किसानों को 75 फीसदी और अन्य सभी वर्ग के किसानों को 90 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जा रही है। सरकार की इस योजना का लाभ राज्य के सभी जिले के किसान उठा सकते हैं। अगर आप भी सरकार इस योजना का लाभ लेकर मधुमक्खी पालन करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको बिहार उद्यान निदेशालय की वेबसाइट पर आवेदन करना होगा। आईये, इस पोस्ट की मदद योजना में आवेदन करने की पूरी डिटेल के बारे में जानते हैं।
बी कीपिंग एंड हनी मिशन में दी जाएगी सब्सिडी
उद्यान निदशालय, कृषि विभाग, बिहार सरकार द्वारा बी कीपिंग एंड हनी मिशन के तहत मधुमक्खी पालन को संपूर्ण राज्य में सभी वर्गों के किसानों के लिए लागू किया गया है। इस योजना के तहत मधुमक्खी पालन करने वाले सामान्य वर्ग के किसानों को 75 प्रतिशत और एससी, एसटी वर्ग के लिए 90 प्रतिशत की सब्सिडी देने का प्रावधान राज्य सरकार ने किया है। वहीं, बी कीपिंग एंड हनी मिशन योजना के तहत मधुमक्खी पालन करने वाले किसानों को सरकार द्वारा हनी प्रोसेसिंग, बाटलिंग व हनी टेस्टिंग तथा मधुमक्खी बक्सा पर भी सब्सिडी दी जाएगी। गौरतलब है कि राष्ट्रीय बागवानी मिशन व मुख्यमंत्री बागवानी मिशन योजना के तहत भी सामान्य वर्ग के लिए 75 प्रतिशत और अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 90 प्रतिशत तक सब्सिडी और प्रशिक्षण का प्रावधान किया जाता है।
मधुमक्खी पालन के लिए सरकार देगी मधुमक्खी के बक्से और छत्ते
कृषि विभाग उद्यान निदेशालय बिहार सरकार ने राज्य में शहद उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मधुमक्खी पालन करने वाले किसानों को सब्सिडी देने का फैसला किया है। इसके लिए उद्यान निदेशालय कृषि विभाग बी कीपिंग एंड हनी मिशन के तहत किसानों को 75 हजार मधुमक्खी के बक्से और छत्ते प्रदान करेगी। मधुमक्खी पालक बक्से के छत्ते में रानी, ड्रोन और वर्कर्स के साथ आठ फ्रेम होंगे। सभी फ्रेमों की भीतरी दीवार मधुमक्खियों और ब्रुड्स से पूरी तरह से कवर होगी। इसके अलावा सरकार द्वारा शहद निकालने के लिए मधु निष्कासन यंत्र पर भी सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इस योजना में केवल डीबीटी पोर्टल पर पंजीकृत किसान ही आवेदन कर सकते हैं। इसलिए इच्छुक किसान को योजना में आवेदन करने के लिए पहले प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) कृषि विभाग,बिहार पोर्टल https://dbtagriculture.bihar.gov.in/ पर अपने आपको रजिस्टर्ड करने के लिए आवेदन करना होगा। बता दें कि सरकार द्वारा शहद उत्पादन को बढ़ाने के लिए हाल ही में उत्पादित शहद की क्वालिटी जांचने के लिए 31 मिनी टेस्टिंग लैब और चार क्षेत्रीय लैब को मंजूरी प्रदान की गई है।
मधुमक्खी पालन से किसानों को होने वाले फायदे
बी कीपिंग एंड हनी मिशन योजना में ऐसे करें आवेदन
उद्यान निदेशालय, कृषि विभाग बिहार द्वारा मधुमक्खी पालन के लिए संचालित बी कीपिंग एंड हनी मिशन योजना के तहत लाभ लेने के लिए इच्छुक किसानों को पहले कृषि विभाग बिहार, उद्यान निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट https://horticulture.bihar.gov.in/ पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। योजना के तहत केवल वही किसान आवेदन कर सकते हैं, जो पहले से डीबीटी पोर्टल बिहार सरकार पर रजिस्टर्ड हैं। योजना में आवेदन करने के लिए किसान को एलपीसी या जमीन का कैरेंट रसीद, आधार कार्ड, पहचान पत्र, बैंक खाता पासबुक की फोटो कॉपी, किसान निबंधन संख्या तथा लीज का एग्रीमेंट पेपर जैसे दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। आधिकारिक वेबसाइट http://horticulture.bihar.gov.in/ पर एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के विकल्प चुनना होगा। इसके बाद मधुमक्खी पालन के लिए आवेदन करें का विकल्प चुनें। अब योजना का रजिस्ट्रेशन फॉर्म खुल जाएगा। इस फॉर्म में मांगी गई सारी जानकारी सही से दर्ज कर फॉर्म को सबमिट करना होगा। इस प्रकार योजना में आपका आवेदन सफलतापूर्वक हो जाएगा। वहीं, ई-मित्र केंद्र या ग्राहक सेवा केंद्र की मदद से भी आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा, अपने जिले के सहायक निदेशक, उद्यान से संपर्क करके योजना के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
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