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पीएम फसल बीमा योजना - रबी फसलों का बीमा कराने का अंतिम मौका

पीएम फसल बीमा योजना -  रबी फसलों का बीमा कराने का अंतिम मौका
पोस्ट -29 दिसम्बर 2022 शेयर पोस्ट

फसल बीमा योजना 2022 - इस तारीख से पहले करालें फसलों का बीमा, फसल बर्बाद होने पर मिलेगा मुआवजा

हमारा देश एक कृषि प्रधान देश है, देश में ग्रामीण आबादी का अधिकतम अनुपात कृषि पर आश्रित है। देश के विभिन्न हिस्सों में ग्रामीण आबादी कृषि क्षेत्र से जुड़ी हुई है। और विभिन्न हिस्सों में मौसम की अनिश्चितताओं के आधार पर खेती करते हैं। लेकिन कभी-कभी मौसम की अनिश्चितताओं के कारण देश के विभिन्न क्षेत्रों को कृषि को प्रभावित होते हुए देखा गया है। मौसम अनिश्चितताओं से साल-दर-साल कृषि में जोखिम बढ़ते जा रहे हैं। किसान ज्यादातर प्राकृतिक आपदाओं के चक्कर में नुकसान भुगत रहे हैं। इस नुकसान को कम करने और इसकी भरपाई करने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने 13 जनवरी 2016 को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) का अनावरण किया। यह योजना उन किसानों पर प्रीमियम का बोझ कम करने में मदद करती है, जो अपनी खेती के लिए बैंक से ऋण लेते हैं और खराब मौसम से उनकी रक्षा भी करती है। कुल मिलाकर यह किसानों के लिए सुरक्षा कवच का काम करती है। ऐसे में मौसम की अनिश्चितताओं से किसानों को बचने एवं फसल नुकसान से बचने के लिए कई राज्यों में सरकारें रबी फसलों का बीमा करवाने के लिए जागरुकता कार्यक्रम चलाए जा रहे है। अपने-अपने राज्य में कैंप, किसान गोष्ठी और मोबाइल वैन के जरिए रबी फसलों का बीमा करवाने के लिए किसानों को लगातार प्रेरित कर रही है। ऐसे में किसानों को प्राकृतिक आपदा से फसलों की नुकसान की भरपाई के लिए अपनी फसल का बीमा जरुर करवाना चाहिए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) अंर्तगत किसान अपने क्षेत्र के लिए जारी अधिसूचित फसलों का बीमा 31 दिसंबर 2022 तक करवा सकते है। ट्रैक्टर गुरू की इस पोस्ट के माध्यम से सरकार की अधिसूचना के बारें में सम्पूर्ण जानकारी साझा करने जा रहे है।

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राजस्थान सरकार ने जारी की अधिसूचना

राजस्थान में रबी फसलों की बुवाई का काम पूरा हो चुका है, इसलिए राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) अंर्तगत आने वाली रबी फसलों के लिए प्रीमियम की राशि की अधिसूचना जारी कर दी है। रबी फसल सुरक्षा समाधान को लेकर राजस्थान सरकार ने प्रदेश के किसानों के लिए बीमा योजना की सुविधा दे रही है। इसके तहत कृषि विभाग ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी सीजन 2022-23 के लिए राज्य के अलग-अलग जिलों में अलग-अलग फसलों के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। जिसमें हनुमानगढ़ जिलें में रबी सीजन 2022-23 के लिए सरसों, तारामीरा, गेहूं, चना और जौ को शामिल किया गया है। इसी प्रकार अन्य जिलों के लिए भी फसलों को बीमा के लिए अधिसूचित किया जाता है। ऐसे में जल्दी से किसान भाई फसलों का बीमा करवा के अपनी फसलों का सुरक्षा समाधान करवा लें। इस अधिसूचना के मुताबिक, राज्य के सभी किसान 31 दिसंबर 2022 से पहले रबी फसलों का बीमा करवा सकते हैं।

अधिसूचित फसलों की निर्धारित ब्याज दर

राजस्थान सरकार की अधिसूचना के मुताबिक, रबी सीजन- 2022-23 के तहत अधिसूचित फसल सरसों, तारामीरा, गेहूं, चना और जौ के लिए 1.5 प्रतिशत ब्याज की रकम अदा करनी होगी। पीएमएफबीवाई में राज्य शासन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार साल 2022-23 में रबी सीजन के लिए हनुमानगढ़ जिला में सरसों, तारामीरा, गेहूं, चना और जौ के लिए अलग-अलग दरों पर ब्याज का भुगतना करने की व्यवस्था कि है। जिसमें सरसों के लिए बीमा ब्याज 269.89 रुपए प्रति बीघा निर्धारित है। तारामीरा के लिए ब्याज 69.16 हजार रूपए प्रति बीघा रहेगी। गेहूं के लिए के लिए ब्याज 304.56 रूपए प्रति बीघा रहेगी। चना के लिए के लिए ब्याज 138.36 रुपए प्रति बीघा रहेगी। और जौ के लिए 205.95 रुपए ब्याज रकम प्रति बीघा निर्धारित की गई है।

31 दिसंबर 2022 तक अधिसूचित फसलों का करवा लें बीमा

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी सीजन 2022-23 के लिए राजस्थान सरकार द्वारा राज्य के अलग-अलग जिलों में अलग-अलग फसलों के लिए अधिसूचना के मुताबिक, हनुमानगढ़ के कलेक्टर ने किसानों को सूचना देते हूए कहा है कि जिले के ऋणी, गैर ऋणी व बंटाईदार किसान अधिसूचित फसलों का बीमा 31 दिसंबर 2022 तक पीएम फसस बीमा योजना के तहत करवा सकते हैं। बीमा करवाने के लिए किसानों को अपने नजदीकी जन सेवा केन्द्र, वित्तिय संस्थान क्षेत्रिय ग्रामीण बैंक, व्यावसायिक बैंक एवं भुमि विकास बैंक, बीमा कम्पनी के अधिकृत बीमा एजेन्ट या फिर प्राधिकृत प्रतिनिधि संपर्क करना होगा। इसके अलावा राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर भी अपना आवेदन कर फसलों का बीमा करवा सकते हैं।

पीएमएफबीवाई के अंर्तगत ये जोखिम होंगे शामिल

  • खड़ी फसल (बुवाई से कटाई) में सूखा, लम्बी सूखा अवधि, बाढ, जल प्लावन, कीट एवं व्याधि, भू-स्खलन, प्राकृतिक आग एवं बिजली का गिरना, तूफान, ओलावृष्टि, चक्रवात से होने वाले उपज में नुकसान के लिए व्यापक जोखिम बीमाराज्य सरकार द्वारा संपादित फसल कटाई प्रयोगों से प्राप्त उपज आंकडों के आधार पर शामिल होगा।
  • अधिसूचित फसल की मध्य अवस्था तक प्रतिकूल मौसमी स्थितियों यथा-बाढ, सूखा, दीर्घकालिक शुष्क अवधि, कीट-व्याधि के कारण अधिसूचित इकाई में अधिसूचित फसल की सम्भावित उपज फसल की सामान्य उपज से 50 प्रतिशत से कम होने की स्थिति में देय होगी।
  • अधिसूचित क्षेत्र के आंशिक कृषि भूमि क्षेत्र में ओलावृष्टि, भू-स्खलन, बादल फटना, बिजली गिरने से प्राकृतिक आग एवं जलप्लावन से व्यक्तिगत आधार पर हुए नुकसान को भी बीमा रहेगा।
  • फसल कटाई उपरांत सूखने के लिये खेत में काटकर-फैलाकर छोडी गई फसल को चक्रवात, चक्रवाती वर्षा एवं असामयिक वर्षा तथा ओलावृष्टि से होने वाले नुकसान के लिये कटाई उपरांत अधिकतम 14 दिन की अवधि के लिए भी बीमा मान्य होगा।

फसल खराबे की सूचना देना आवश्यक

बीमा कम्पनी के टोल फ्री नम्बर 18002095959 पर नुकसान के 72 घण्टे के भीतर बीमा कम्पनी को सूचना किसानों द्वारा दी जाएगी। अगर 72 घण्टे में किसान द्वारा पूर्ण सूचना उपलब्ध नहीं करवाई जाती हैं, तो वह किसान सात दिवस में पूर्ण सूचना निर्धारित प्रपत्र में संबधित बीमा कम्पनी को आवश्यक रुप से उपलब्ध करवाएगा। कृषक द्वारा 72 घण्टे में सूचना देना अति आवश्यक हैं। पीएम फसल बीमा योजना की आधिकारिक वेबसाइट https://www.pmfby.gov.in/ पर जाकर भी इस योजना की जानकारी ली जा सकती है।

फसलवार बीमा एवं प्रीमियम की राशि

अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फसल बीमित राशि एवं प्रीमियम राशि फसलवार निर्धारित की गई है। देय प्रीमियम बीमित राशि का अधिकतम 1.5 प्रतिशत तथा उद्यानिकी एवं वाणिज्यिक फसलो के लिए अधिकतम 5 प्रतिशत ही किसानों द्वारा वहन किया जाएगा। शेष राशि का 50-50 प्रतिशत के अनुपात में केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। बीमित राशि तथा कृषक द्वारा देय प्रीमियम राशि प्रति हेक्टेयर के अनुसार होगी।

फसलों का बीमा करने के लिए प्रस्तुत किए जानें वाले दस्तावेज

  • अधिसूचित ईकाई क्षेत्र एवं अधिसूचित फसल के लिए ऋण लेने वाले सभी कृषकों का इस योजना के अन्तर्गत बीमा करना बैंको के लिए अनिवार्य हैं। कृषकों द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फसल बीमा करवाना पूर्णतया स्वेच्छिक हैं। किन्तु ऋणी कृषकों को योजना से पृथक रहने के लिये नामांकन की अन्तिम दिनांक से 07 दिवस पूर्व तक संबंधित वित्तीय संस्था में इस बाबत घोषणा पत्र प्रस्तुत कराना होगा।
  • गैर ऋणी कृषक द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तोवेजों को ऑनलाइन स्कैन कर अपलोड करना अनिवार्य होगा।
  • प्रस्तावित क्षैत्रफल में बोई गई अथवा बोई जाने वाली फसल के खसरा नम्बरों की स्वंय प्रमाणित नवीनतम जमाबन्दी की नकल, स्व प्रमाणित बुवाई प्रमाण पत्र, आधार कार्ड की प्रति, बैंक खाते के पास बुक की प्रति, आईएफएससी कोड व खाता संख्या, जमीन बटाई का शपथ पत्र (बटाईदार होने पर), बटाईदार होने पर स्वंय का राजस्थान का मूल निवास प्रमाण पत्र की प्रति जैसे दस्तावेज आवश्यक होंगे।

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