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पीएम फसल बीमा योजना : किसानों के हिस्से का प्रीमियम दे रही सरकार, होगा लाभ

पीएम फसल बीमा योजना : किसानों के हिस्से का प्रीमियम दे रही सरकार, होगा लाभ
पोस्ट -30 दिसम्बर 2023 शेयर पोस्ट

पीएम फसल बीमा योजना : किसानों के हिस्से का प्रीमियम दे रही सरकार, जानिए पूरी जानकारी

Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana : किसानों को खेती नुकसान न हो इसके लिए सरकार की ओर से कई प्रयास किए जाते है। ऐसे में मौसम अनिश्चिताओं के कारण किसानों को कृषि में अकेले आर्थिक नुकसान नहीं उठाना पड़े इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा 13 जनवरी 2016 को एक नई योजना प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) का अनावरण किया गया। इस योजना के तहत किसानों के द्वारा बोई गई उनकी फसल के लिए सुरक्षा प्रदान की जाती है। खराब मौसम  या आकस्मिक परिस्थितियों के दौरान बोई गई फसल में नुकसान होने पर किसानों को इसकी भरपाई के लिए केंद्र सरकार द्वारा मुआवजा दिया जाता है। यह योजना उन किसानों पर प्रीमियम का बोझ कम करने में मदद करेगी जो अपनी खेती के लिए ऋण लेते हैं और खराब मौसम से उनकी रक्षा भी करेगी। यह योजना देश के प्रत्येक राज्य में संबंधित राज्य सरकारों के साथ मिलकर चलाई जा रही है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) से आंध्र प्रदेश वर्ष 20219-20 सीजन के दौरान बाहर हो गया था, लेकिन एक बार फिर से सुबा पीएमएफबीवाई योजना (PMFBY) में शाम‍िल हो गया है। खास बता यह है कि राज्स सरकार द्वारा किसानों के हिस्से का प्रीमियम भी भरा जा रहा है। ऐसे में सुबे के किसान योजना के तहत अपना रजिस्ट्रेशन कराके अपनी फसलों को सुरक्षा कवच प्रदान कर सकते हैं।

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पीएमएफबीवाई के तहत राज्य में बढ़ा बीमित क्षेत्र  

केंद्रीय कृष‍ि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के एक अध‍िकारी के मुताबिक खरीफ 2022 सीज़न से आंध्र प्रदेश पीएमएफबीवाई योजना में एक फिर से शामिल हो गया है। यह योजना पूरे राज्य में एक सामान संचालित हो रही है। खास बात यह है क‍ि राज्य सरकार के पोर्टल पर पंजीकृत सभी किसानों को बिना किसी प्रीमियम के इस योजना में शामिल किया जा रहा है। किसानों के ह‍िस्से का प्रीमियम भी राज्य सरकार दे रही है। इतना ही नहीं प्रदेश में योजना के तहत फसल बीमा का प्रीम‍ियम भी पहले के मुकाबले कम हो गया है। इस योजना के तहत राज्य में खरीफ सीजन 2022 में 1885 करोड़ रुपए राशि का प्रीम‍ियम लगा था, जो इस वर्ष 2023 में घटकर 1274 करोड़ रुपए ही रह गया है। वहीं, इस सीज़न में योजना के अंतर्गत बीमित क्षेत्र 20.36 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 28.34 लाख हेक्टेयर हो गया है

योजना के तहत प्रीमियम की दरें बहुत ही कम हैं

दरअसल, पीएमएफबीवाई योजना के तहत किसानों द्वारा सभी खरीफ फसलों के लिए केवल 2% और सभी रबी फसलों के लिए 1.5% का एक समान प्रीमियम का भुगतान किया जाना है। वहीं, वार्षिक वाणिज्यिक और बागवानी फसलों के मामले में केवल 5% प्रीमियम का भुगतान होगा। इस योजना के तहत  किसानों द्वारा भुगतान किये जाने वाले प्रीमियम की दरें बहुत ही कम हैं और शेष प्रीमियम का भुगतान सरकार द्वारा किया जाएगा। जिससे किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं में फसल क्षति के लिए किसानों को पूर्ण बीमित राशि प्रदान की जाए।  जुलाई 2022 में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने तब के केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से बातचीत के बाद इस योजना में वापसी का निर्णय ल‍िया।  इसकी वजह से यहां के क‍िसानों को प्राकृतिक आपदा की स्थिति में बीमा रूपी सुरक्षा कवच का लाभ मिलना शुरू हुआ है।

प्रीम‍ियम राशि राज्य सरकार ने खुद देना शुरू किया है

पीएम फसल बीमा योजना के तहत आंध्र प्रदेश सरकार ने क‍िसानों के ह‍िस्से की प्रीम‍ियम राशि भी खुद देना शुरू क‍िया है। क्योंकि केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन 2023 से जोखिम साझेदारी के लिए तीन मॉडल पेश क‍िए हैं। जिनमें आंध्र प्रदेश सरकार ने कप एंड कैप (80 से 110) मॉडल का विकल्प चुना है, इसमें अगर 80 प्रतिशत से कम बीमा क्लेम देय है, तो राज्य सरकार द्वारा भुगतान किए गए प्रीमियम रकम का एक हिस्सा राज्य के खजाने में वापस अपने आप जमा हो जाता है। यानि केंद्र के द्वारा इस हिस्से को पून: राज्य के खजाने में भेज दिया जाता है।

योजना के तहत क‍िसानों को इतने रुपए के क्लेम का भुगतान

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई), नामांकन की दृष्टि से विश्वव की सबसे बड़ी फसल बीमा योजना है। यह योजना देश के हर राज्य सरकारों एवं संबंधित किसानों के लिए स्वैच्छिक है। इस योजना का देश के 27 राज्यों में शुरूआत से ही एक या इससे अधिक सीजन के लिए क्रियान्वित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के तहत किसानों के 29,237 करोड़ रुपए राशि के प्रीमियम भुगतना के हिस्से के विरुद्ध क‍िसानों को 1,51,926 करोड़ रुपए के बीमा क्लेम म‍िलने का दावा केंद्र सरकार द्वारा क‍िया गया है।  

बीमा दावे के निपटान क्यों है लंबित?

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा इस योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसके बीमा दावे के निपटान की प्रक्रिया को तेज और आसान बनाने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा एक इंश्योरेंस मॉड्यूल भी बनाए, जिसमें राज्य सरकारों को जोड़ा गया। इसे कारगर बनाने की दृष्टि से मैनुअल, पोर्टल व ऐप आज लांच किया गया है। इस योजना के तहत ख़रीफ़ सीजन 2022 सीज़न के दौरान, आंध्र प्रदेश में कुल 1885.06 करोड़ रुपये का प्रीमियम एकत्र किया गया, इसमें 669.93 करोड़ रुपए की हिस्सेदार केंद्र सरकार की ओर से पेश किया गया। इस सीज़न के लिए  पीएमएफबीवाई योजना के प्रावधानों के मुताबिक रिपोर्ट किए गए 568.74 करोड़ रुपए के कुल दावों में से, अभी 556.29 करोड़ रुपए के क्लेम का भुगतान पहले ही किसानों को किया जा चुका है। शेष दावे किसानों के असत्यापित आधार नंबर, नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (NEFT) से संबंधित मुद्दों एवं फसल कोड का मेल न खाने आदि विभिन्न कारणों की वजह से लंबित हैं।  

राज्य सरकार और बीमा कंपनियों द्वारा क्लेम की गणना

फसल बीमा योजना के तहत प्रीमियम का भुगतान जोखिमों और किसानों की फसल क्षति कवरेज के लिए किया जाता है, जबकि इसमें दावे प्राकृतिक आपदाओं पर निर्भर होते हैं। इस योजना क प्रावधानों के अनुसार, बीमा क्लेम की गणना तथा भुगतान केंद्र सरकार द्वारा नहीं किया जाता है, बल्कि क्लेम देने की गणना संबंधित राज्य सरकार और बीमा कंपनियों द्वारा की जाती है। क्योंकि योजना के तहत क्लेम की गणना के लिए नुकसान या उपज डेटा संबंधित राज्य सरकार के अधिकारियों या बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों की कमेटी द्वारा प्रदान किया जाता है।  इस योजना के तहत, जोखिमों के दावे के लिए बीमित किसान को फसल बर्बाद होने की स्थिति में इसकी सूचना 72 घंटे के अंदर संबंधित बीमा कंपनी या राज्य के कृषि विभाग कार्यालय में किसान क्रांप इंश्योरेंस ऐप या फसल बीमा पोर्टल की मदद से देनी होती है। सूचना मिलने के बाद फलस में होने वाले नुकसान का आकलन कर राज्य सरकारें संबंधित इंश्योरेंस कंपनियों को दावे  के लिए पैसा जारी करने का आदेश देती है। संबंधित बीमा कंपनियों या बैंकों द्वारा जल्द से जल्द नुकसान का वेरिफिकेशन कर क्लेक की राशि बीमित किसानों के बैंक खाते में भेज दी जाती है।

योजना के तहत फसलों के बीमा के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसान अपनी फसलों का बीमा लेकर प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले आर्थिक नुकसान से सुरक्षा  प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए किसान भाईयों को अपने नजदीकी बैंक शाखा में जाकर योजना के प्रावधानों के तहत अधिसूचित फसलों का बीमा के लिए रजिस्ट्रेशन करना होता है। किसान अपने नजदीकी CSC शाखा  या Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana की आधिकारिक वेबसाइट पर  संपर्क कर योजना से जुड़ी अधिक जानकारी प्राप्त कर सकता है। साथ  प्ले स्टोर से पीएम फसल बीमा योजना  (PM Fasal Bima Yojana) मोबाइल ऐप भी डाउनलोड कर सकते हैं। अपनी फसलों के लिए ऑनलाइन पंजीयन हेतु किसान सबसे पहले Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना है। यहां उन्हें Farmer Corner Apply for Crop Insurance yourself के विकल्प पर क्लिक करना है। इसके बाद किसान के सामने Farmer Application नाम का एक नया पेज खुल जाएगा। Guest Farmer के विकल्प पर क्लिक रजिस्ट्रेशन फॉर्म में मांगी गई सभी आवश्यक जानकारी को सही से ध्यानपूर्वक भरना है।

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