खरीफ प्याज की खेती पर मिलेगी 50 प्रतिशत सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन

खरीफ प्याज की खेती पर मिलेगी 50 प्रतिशत सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन
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जानें, कैसे ले सकते है खरीफ प्याज की खेती पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी

देश के लाखों किसान ज्यादा दाम मिलने की उम्मीद में हर साल प्याज की खेती करते हैं। कई बार तो किसानों को प्याज के ज्यादा अच्छे दाम मिल जाते हैं तो कई बार कीमतों में मंदी के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। साल 2023-24 में प्याज के बढ़ते दामों को देखते हुए केंद्र सरकार ने प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया था। अब लोकसभा चुनाव के बीच में केंद्र सरकार ने 4 मई 2024 को प्याज के निर्यात से प्रतिबंध हटाया है। ऐसे में किसानों को उम्मीद है कि उनको प्याज की कीमत बेहतर मिलेगी। प्याज की कीमतों में तेजी की उम्मीद के बीच किसान खरीफ प्याज की खेती शुरू करेंगे।

खरीफ सीजन में प्याज की खेती के लिए किसान पहले नर्सरी तैयार करते हैं। अगर नर्सरी की तैयारी में बेहतर बीजों का चयन किया जाए तो उत्पादकता में वृद्धि होती है। सरकार भी किसानों को सब्सिडी पर प्याज के बीच उपलब्ध कराती है। खरीफ सीजन में प्याज की खेती करने वाले किसानों को 50 प्रतिशत सब्सिडी मिल रही है। किसान भाई आवेदन करके योजना का लाभ उठा सकते हैं। ट्रैक्टर गुरु की इस पोस्ट में आपको खरीफ प्याज की खेती कैसे करें, उन्नत किस्म के बीज कौनसे हैं, क्या सावधानी रखें, सब्सिडी कैसे मिलेगी आदि बातों की जानकारी दे रहे हैं तो बने रहें हमारे साथ।

खरीफ प्याज की नर्सरी के लिए उन्नत प्याज के बीज (Improved onion seeds for kharif onion nursery)

देश में सबसे ज्यादा प्याज की पैदावार महाराष्ट्र में होती है। महाराष्ट्र के बाद मध्यप्रदेश में दूसरे नंबर पर सबसे अधिक प्याज का उत्पादन होता है। इसके अलावा कर्नाटक, गुजरात, राजस्थान, बिहार, पश्चिम बंगाल, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडू और हरियाणा प्रमुख प्याज उत्पादक राज्य है। खरीफ प्याज की खेती में बिहार भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बिहार सरकार इन दिनों खरीफ प्याज की खेती को प्रोत्साहन दे रही है और किसानों को उन्नत किस्त के बीज के बारे में बता रही है। बिहार सरकार के अनुसार राज्य में एग्रीफाउण्ड डार्क रेड, निफाड-53, अर्का कल्याण, बासवंत-780, भीमा डार्क रेड, भीमा राज, भीमा रेड और भीमा सुपर खरीफ प्याज की बेहतरीन किस्में है। किसानों को प्याज की नर्सरी तैयार करते समय इन किस्मों में से किसी एक किस्म के बीज की बुवाई करनी चाहिए।

नर्सरी के लिए इस तारीख से पहले करें बीजों की बुवाई (Sow seeds for nursery before this date)

बिहार के किसान हर साल 55 हजार हैक्टेयर से ज्यादा भूमि पर प्याज की खेती करते हैं। साल-दर-साल प्याज की बुवाई का रकबा बढ़ रहा है। प्याज की खेती के लिए सबसे पहले नर्सरी तैयार करनी होती है। बिहार कृषि विभाग के अनुसार खरीफ सीजन में प्याज की नर्सरी तैयार करने के लिए बीजों की बुवाई पंक्तियों में 15 जून से पहले कर देनी चाहिए। जब पौधा 45 दिन का हो जाएगा तक मेड़ बनाकर उसकी रोपाई करनी चाहिए।

खरीफ प्याज की खेती पर सब्सिडी

खरीफ प्याज की खेती में ऐसे तैयार करें खेत (Prepare fields like this for Kharif onion cultivation)

खरीफ प्याज की खेती में ज्यादा उत्पादन के लिए खेत को वैज्ञानिक तरीके से तैयार करना चाहिए। सबसे पहले खेत की जुताई मिट्‌टी पलटने वाले हल से करनी चाहिए। इसके बाद 2-3 जुताई कल्टीवेटर या हैरो से करें। प्रत्येक जुताई के बाद पाटा अवश्य लगाना चाहिए, इससे जमीन की नमी सुरक्षित रहती है और मिट्‌टी भुरभुरी हो जाती है। एक हेक्टेयर के तैयार खेत में 8 से 10 किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है।  इसके अलावा खेत में जल निवासी की समुचित व्यवस्था का ध्यान रखना चाहिए। जल निकासी के अभाव में अगर खेत में जलभराव होता है तो फसल को नुकसान पहुंचने की संभावना अधिक रहती है।

खरीफ प्याज की खेती के लिए इन किसानों को मिलेगी सब्सिडी (These farmers will get subsidy for Kharif onion cultivation)

बिहार में अनुसंधान संस्थान के माध्यम से किसानों को प्रशिक्षण देकर प्याज की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य बागवानी मिशन के सौजन्य से कृषि अनुसंधान संस्थान की ओर से सेमिनार का आयोजन किया गया। खरीफ प्याज की खेती के लिए राज्य के 10 जिलों का चयन किया गया है। पहले चरण में पटना, नालंदा, बक्सर, भोजपुर और नवादा जिले के 50 किसानों को प्रशिक्षण मिल चुका है। प्याज की खेती करने पर 50 प्रतिशत का अनुदान किसानों को दिया जाएगा। इसके तहत 50 प्रतिशत या 60 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से उत्पादन लागत पर अनुदान मिलेगा। कृषि विभाग के पोर्टल पर अनुदान की जानकारी दी गई है।

बिहार में प्याज की खेती से कमाई (Earning from onion farming in Bihar)

बिहार सरकार प्रदेश में प्याज की खेती बढ़ाने के लिए प्रयासरत है और समय-समय पर किसानों को सब्सिडी का लाभ भी दिया जाता है। सरकार के अनुमान के मुताबिक बिहार का किसान एक हेक्टेयर भूमि में खरीफ प्याज की खेती से 2 से 2.50 लाख रुपए तक कमा सकता है। प्याज की खेती साढ़े तीन से चार महीनें में पूरी हो जाती है।

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