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किसानों के लिए सोलर पंप पाने का सुनहरा अवसर, पहले आओ पहले पाओ योजना हुई शुरू

किसानों के लिए सोलर पंप पाने का सुनहरा अवसर, पहले आओ पहले पाओ योजना हुई शुरू
पोस्ट - October 19, 2022 शेयर पोस्ट

पीएम कुसुम योजना के तहत सब्सिडी पर सोलर पंप, पंजीकरण करवाना अनिवार्य है।

मौसम में हो रहे निरंतर बदलाव का सीधा असर अब साफ देखने को मिल रहा है। जिसके परिणाम स्वरूप हर साल मानसूनी बारिश में असमानता आ रही है। कहीं सामान्य से अधिकतम, तो कहीं सामान्य से कम बारिश देखने को मिली रही है। इस साल उत्तर प्रदेश में सामान्य से भी कम बारिश हुई है। जिसके चलते प्रदेश में सूखें की स्थिति है। प्रदेश में अधिकांश खेती वर्षा पर आधारित है। ऐसें में यहां मानसूनी वर्षा नहीं होने के कारण भूमिगत जल स्तर काफी नीचे चला गया है। जिसके चलते यहां के कई जिलों के किसानों को सिंचाई के पर्याप्त जल भी नहीं मिल पा रहा है।  इस स्थिति के चलते किसानों की खेती भी प्रभावित हो रही है। यहां फसलों की सिंचाई के लिए नए उपाय तलाशे जा रहे है। जिसमें सरकार भी नई योजनाएं चला रही हैं। इसी बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत किसानों को सब्सिडी पर सोलर पंप देने का फैसला किया है। पूरे राज्यभर में किसानों को पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर सोलर पंप सेट दिए जाएंगे। इसके लिए किसानों का विभागीय वेबसाइट पर पंजीकरण होना अनिवार्य है। तो आइए ट्रैक्टरगुरु के इस लेख से पूरी खबर के बारे में जानते है। 

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सोलर पंप के सहारे समाधान किया जा सकता हैं।

सिंचाई की वजह से फसल उत्पादन प्रभावित न हो इसके लिए यूपी की योगी सरकार किसानों को सोलर पंप सब्सिडी पर दे रही है। सोलर पंप दुर्गम क्षेत्रों एवं बिजली कटौती से परेशाना किसानों को राहत देगा। सिंचाई की समस्या का सोलर पंप के सहारे समाधान होगा। सौर ऊर्जा से चलने वाले सोलर पंप को किसान अपने खेत में इंस्टॉलेशन करा कर अपने आसपास के क्षेत्रों में किसानों को भी सिंचाई की समस्या से मुक्त कर सकते है। साथ ही उपज में भी कमी नहीं आएगी और किसानों की आय भी प्रभावित नहीं होगी। यूपी सरकार पीएम कुसुम योजना के तहत पूरे राज्य में पहले आओ पहले पाओ के आधार पर करीब 10 हजार से अधिक सोलर पंप सेट, सब्सिडी पर किसानों को दिया जाएगा।

सब्सिडी पर दिए जाएंगे सोलर पंप

कुछ दिनों पहले उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने समीक्षा बैठक की थी। इस समीक्षा बैठक के दौरान सरकार द्वारा राज्य में सूखे की स्थिति से किसानों को बचाने एवं बिना किसी रुकावट के सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराने के लिए किसानों को पीएम कुसुम योजना के तहत सब्सिडी पर सोलर पंप देने की घोषणा की थी। घोषणा के तहत प्रदेश सरकार किसानों को खेती-बाड़ी में सिंचाई की सुविधा देने के लिए सोलर पंप का लाभ देने जा रही है। इसमें किसानों को सौर ऊर्जा से चलने वाले 2 से 10 एचपी तक का सोलर पंप लगाने के लिए अनुदान दिया जाएंगा। सोलर पंप योजना का लाभ पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर किसानों को दिया जाएंगा। किसानों को आवेदन के साथ ही अनुमानित लागत बैंक ड्राफ्ट के जरिए बुकिंग राशि  जमा करवानी होगी। सरकार द्वारा पात्रता की जांच के बाद चयनित कंपनी के द्वारा किसानों के खेत में सोलर पंप का इंस्टॉलेशन कर दिया जाएंगा। 

किसानों को होगा फायदा

यूपी में इस बार सामान्य से भी कम वर्षा हुई है, जिससे राज्य में सूखे की स्थिति है। किसानों को सूखे की स्थिति से बचाने के लिए सौर ऊर्जा से चलने वाले सिंचाई पंप सेट उपलब्ध कराए जाएंगे। सोलर पैनल किसानों के खेतों में स्थापित किए जाएंगे जिससे वह अपने आईपी सेट के लिए बिजली पैदा करने में मदद मिल सके। सौलर पंप किसानों को कृषि कार्यों के लिए ग्रिड से जुड़़ी बिजली पर निर्भर रहने से राहत देगा। सोलर पंप ग्रामीण किसानों को काफी फायदा होगा। क्योंकि कई बार ग्रिडी से जुड़ी बिजली के इंतजार में किसान सही समय पर सिंचाई का कार्य नहीं कर पाते हैं। साथ ही सिंचाई के लिए उन्हें डीजल पर अधिक खर्च करना पड़ता है। 

राज्य के इन सभी जिलों में दिए जाएंगे सोलर पंप

पीएम कुसुम योजना के तहत किसानों को सोलर पंप के लिए 60 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। कुल कीमत के 40 प्रतिशत लागत से किसान 2 से 10 एचपी के सोलर पंप के लिए विभागीय वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं। अनुदान पर सोलर पंप पाने के लिए 20 अक्टूबर को कृषि विभाग के पोर्टल पर आवेदन शुरू किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक राज्य सररकार द्वारा 20 अक्टूबर 2022 से सहारनपुर, मेरठ, अलीगढ़, अयोध्या, लखनऊ और गोरखपुर मंडल के सभी जिलो में अनुदान पर सोलर पंप वितरित करने का फैसला किया है। वही, 21 अक्टूबर से देवीपाटन, आगरा, बरेली, मुरादाबाद, आजमगढ़ और बस्ती मंडल के सभी जिलों में अनुदान पर पंप दिए जाएंगे। साथ ही 22 अक्टूबर 2022 से कानपुर प्रयागराज, झांसी, चित्रकुट, मिर्जापुर, वाराणसी मंडल के सभी जिलों में अनुदान पर सोलर पंप के लिए आवेदन कर सकते है। 

पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर सोलर पंप देने का फैसला

सूत्रों की रिपोर्ट के अनुसार उप कृषि निदेशक का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा किसानों को प्रथम चरण में पहले आओ-पहले पहले पाओ के आधार पर जिन कृषकों द्वारा क्षमतावार ऑनलाइन बुकिंग की जा चुकी है तथा उनका नाम प्रतीक्षा सूची में है, ऐसे कृषकों की बुकिंग को क्षमतावार लक्ष्यों की सीमा के तहत कंफर्म करने के बाद ही नये कृषकों की बुकिंग ऑनलाइन टोकन के माध्यम से पहले आओं- पहले पाओं के आधार पर की जाएगी। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों का विभागीय पोर्टल www.upagriculture.com पर पंजीकरण होना अनिवार्य है। जिले में निर्धारित लक्ष्य तक ही किसानों का चयन किया जाएंगा। ऑनलाइन टोकन जनरेट करने के बाद कृषक अंश की राशि एक हफ्ते के अंदर किसी भी इंडियन बैंक शाखा में जमा करनी होगी। यदि  किसान इस प्रकिया को पूरा नहीं करता है, तो उसका चयन स्वतः ही निरस्त हो जाएगा। 

सोलर पंप पर अनुदान के लिए शर्ते एवं दिशा-निर्देश

  • किसानों का समूह, किसान उत्पादन संगठन, सहकारी समितियां, पंचायत एवं जल उपभोक्ता एसोसिएशन सोलर पंप की स्थापना के लिए आवेदक कर सकते हैं।

  • कृषक के पास सिंचाई का स्थाई स्त्रोत होना चाहिए एवं सोलर पंप हेतु वांछित जल संग्रहण ढांचे की आवश्यकता अनुसार व्यवस्था या उपयोग होना चाहिए।

  • यह सोलर पंप कृषि भूमि की सिंचाई के लिए है। 

  • सोलर पंप किसानों को पहले आओ और पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा।  

  • योजना के लिये राज्य के वे सभी कृषक पात्र होंगे, जिनके पास कृषि हेतु विद्युत कनेक्शन नहीं है।

  • दोहित एवं अतिदोहित क्षेत्रों में नये सोलर पम्पों की स्थापना नहीं की जाएगी किन्तु यदि किसान सूक्ष्म सिंचाई तकनीकी का उपयोग करें तो पूर्व से स्थापित डीजल पंप सेटो को सोलर पंप में परिवर्तित किया जा सकता है। 

  • सोलर पंप अनुदान योजना का लाभ उठाने के लिए कृषकों का विभागीय वेबसाइट पर पंजीकरण होना अनिवार्य है।

  • किसानों की बुकिंग जनपद के लक्ष्य की सीमा से 200 प्रतिशत तक पहले आओ-पहले पाओ के सिद्धांत पर की जाएगी। 

  • सबसे पहले प्रतीक्षा सूची के कृषकों का चयन किया जाएगा।

  • दो एचपी के लिए चार इंच, तीन एवं पांच एचपी के लिए छह इंच एवं 7.5 एवं 10 एचपी के लिए आठ इंच की बोरिंग होना अनिवार्य है। बोरिंग कृषक को स्वयं करानी होगी। 

  • 22 फीट तक दो एचपी सर्फेस, 50 फीट तक दो एचपी सबमर्सिबल, 150 फीट तक तीन एचपी सबमर्सिबल, 200 फीट तक पांच एचपी सबमर्सिबल, 300 फीट तक की गहराई पर उपलब्ध जल स्तर के लिए 7.5 एचपी एवं दस एचपी सबमर्सिबल सोलर पंप उपयुक्त होते हैं।

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