Kisan Credit Card Apply Online : देश में किसानों की कृषि से जुड़ी सभी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए केंद्र एवं राज्यों की सरकारें द्वारा कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इन्हीं में किसान क्रेडिट कार्ड नाम की योजना भी शामिल है। भारत सरकार द्वारा किसान कल्याण के शुरू की गई इस योजना का संचालन नाबार्ड (नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट) के माध्यम से किया जा रहा है। इसके तहत देश में किसानों को कृषि क्षेत्र में निवेश करने के लिए आवश्यक पैसा कम ब्याज दरों पर उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही समय पर पैसा वापस करने पर सरकार की ओर से किसानों को ब्याज दर पर छूट भी दिया जाता है। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना का उद्देश्य बिना किसी गडबड़ी के किसानों तक कम ब्याज दरों पर कृषि लोन पहुंचाना सुनिश्चित करना है। कम ब्याज दरों पर अल्पकालिक (थोड़े समय के लिए) के लिए आवश्यक कृषि ऋण का लाभ उठाने के लिए किसानों के पास किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध होना अनिवार्य है। इसी बीच बिहार के किसानों के लिए अच्छी खबर है। सरकार द्वारा किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड पर कम ब्याज दरों पर उपलब्ध कराए गए कृषि ऋण पर ब्याज अनुदान देने का फैसला किया है। जिससे किसानों को केसीसी पर अब कृषि ऋण और भी सस्ता मिलेगा।
कृषि विभाग और नाबार्ड के बीच समझौता
बिहार सरकार अब किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड पर दिए गए कृषि ऋण पर लगने वाले ब्याज दर पर एक प्रतिशत ब्याज अनुदान देने का निर्णय किया है। इसे लेकर कृषि विभाग और नाबार्ड के बीच एक समझौता हुआ है। कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत की उपस्थिति में शुक्रवार को हुई कृषि एवं उससे संबद्ध विषयों की उपसमिति की बैठक में कृषि निदेशक आलोक रंजन घोष और नाबार्ड के उपमहाप्रबंधक के बीच समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किया गया। इस दौरान कृषि विभाग बिहार सरकर की ओर से 10 करोड़ रुपए भी जारी किए गए। इस एमओयू (समझौता ज्ञापन) के पश्चात अब किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाले 3 लाख तक के फसल ऋण और अल्पावधि कृषि ऋण पर 1 प्रतिशत की दर से ब्याज अनुदान दिया जाएगा। जिससे किसानों को अब यह कृषि ऋण मात्र 3 प्रतिशत की ब्याज दर पर मिलेगा। पहले किसानों को यह फसल ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड, अल्पावधि कृषि ऋण 4 प्रतिशत की ब्याज दर पर दिया जाता है।
प्रत्येक किसान को उपलब्ध कराया जाएगा किसान क्रेडिट कार्ड
कृषि विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि राज्य में किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने के लक्ष्य को कम नहीं किया जाएगा। पहले यह लक्ष्य दस लाख से अधिक था। साल 2021-22 में घटकर 8 लाख 75 हजार और साल 2022-23 में घटकर 3 लाख 75 हजार हो गया। कृषि विभाग की आपत्ति के बाद चालू वर्ष में यह लक्ष्य 6,15,498 किसान क्रेडिट कार्ड का रखा गया है। उन्होंने आगे कहा कि वित्त मंत्रालय व भारतीय रिजर्व बैंक (आबीआई) द्वारा प्रत्येक किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए कृषि विभाग प्रत्येक बैंक की शाखा की संख्या के अनुसार कृषि समन्वयक/ किसान सलाहकार को 20 किसान क्रेडिट कार्ड के लिए नए आवेदन सृजित करने में मदद करेगा। बिहार राज्य में लगभग 7900 बैंक शाखाएं हैं। अगामी दो महीने में लगभग 3 लाख 16 हजार नए किसान क्रेडिट कार्ड किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही तीन माह के पश्चात इतने ही नए किसान क्रेडिट कार्ड किसानों को दिए जाने का लक्ष्य रखा है।
किसानों को तीन लाख तक मिलता है एग्रीकल्चर ऋण
किसान क्रेडिट कार्ड पर कार्डधारकों को महज 4 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर पर तीन लाख रुपए का अल्पावधि एग्रीकल्चर ऋण मिलता है। खाताधारकों को वैसे तो यह ऋण 9 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर दिया जाता है । हालांकि केंद्र सरकार किसान क्रेडिट कार्ड पर उपलब्ध इस ऋण पर खाताधारकों को 2 प्रतिशत की दर से ब्याज अनुदान देती है और समय पर ऋण वापस करने पर ब्याज दरों में 3 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट और किसानों को देती है। जिससे यह ऋण किसानों को मात्र 4 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर से ही पड़ता है। लेकिन इस ऋण को लेने के लिए किसानों के पास किसान क्रेडिट कार्ड का होना जरूरी है। देश में ज्यादा से ज्यादा किसानों तक किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार की ओर 31 दिसंबर 2023 तक केसीसी घर-घर अभियान भी चलाया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत पीएम किसान सम्मान निधि योजना के गैर-केसीसी धारकों के किसान क्रेडिट कार्ड बनाए जाएंगे। केसीसी घर-घर अभियान के तहत करीब 1.5 करोड़ और नए किसानों को केसीसी जारी करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकारी रिपोर्ट्स के मुताबिक, 30 मार्च 2023 तक देश में लगभग 7.35 करोड़ किसान क्रेडिट कार्ड खाताधारक हैं।
विकसित किया गया है किसान ऋण पोर्टल
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग (DFS), पशुपालन और डेयरी विभाग (DAH&D), मत्स्य विभाग (DoF), भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (नाबार्ड) के सहयोग से किसान ऋण पोर्टल विकसित किया गया है। इस डिजिटल पोर्टल की मदद से सभी किसान क्रेडिट कार्ड के अतंर्गत उपलब्ध ऋण सेवाओं को आसानी से किसानों तक पहुंचाना है। इस पोर्टल के पर अब किसान क्रेडिट कार्ड लोन खाताधारकों से जुड़ी जानकारियां व्यापक तौर पर उपलब्ध है। साथ ही सभी किसान क्रेडिट कार्ड खाताधारकों का सत्यापन आधार कार्ड के जरिए किया जाएगा। जिससे पात्र किसानों तक कृषि ऋण सहायता पहुंचाने में मदद मिलती है। इसके अलावा, इंटरेस्ट सब्सेंशन दावों का भुगतान भी किसान ऋण पोर्टल के तहत सीधे किसानों तक पहुंचाया जाता है। किसान केसीसी खाता खुलवाने के लिए अपने नजदीकी किसी भी बैंक शाखा से संपर्क कर सकते हैं।
Website - TractorGuru.in
Instagram - TractorGuru Instagram Page
Facebook - TractorGuru Facebook Page
लाड़ली बहना योजना: बैंक खातों में पहुंचने लगी 36वीं किस्त की राशि
Yamaha Strengthens Prospr with Smart Weed-Control Technology