कृषि यंत्र सब्सिडी ऑफर 2023 : आज आधुनिक तकनीकों और मशीनों ने खेती को बहुत सरल बना दिया है। देशभर में सभी हिस्सों के इन आधुनिक तकनीकों और मशीनों के उपयोग से खेती में कई घंटों के काम को अब मिनटों में पूरा कर पा रहे हैं। देश की केंद्र एवं राज्य सरकारें भी चाहती हैं कि किसान इन मशीनों का अधिक से अधिक उपयोग कर पाएं। इसके लिए आपसी सहयोग से विभिन्न योजनाएं भी ला रही हैं। ऐसे में राजस्थान सरकार भी किसानों को कृषि मशीनों की कीमतों को लेकर काफी योजनाएं बना रही है। हाल ही राजस्थान की गहलोत सरकार ने कृषि मशीनों की कीमतों का बोझ हल्का करने के लिए किसानों को एक नई सब्सिडी योजना के जरिये कृषि कार्यों को झटपट निपटाने वाले टॉप 6 कृषि मशीनों की खरीद पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है। इनमें बुवाई से लेकर फसल कटाई और प्रबंधन तक का काम करने वाली मशीनें शामिल है। यानी राज्य में किसानों को ये टॉप मशीनें अब आधे दामों पर प्रोवाइड करवाई जा रही है। आईये इस पोस्ट की मदद से इस पूरी कृषि यंत्र सब्सिडी योजना के बारे में विस्तार से जानते हैं। जानते है कि सरकार द्वारा किसानों को किस कृषि यंत्र पर सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है और किसानों को इसके लिए क्या करना होगा?
खेती-किसानी में किसान अधिक से अधिक आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग कर पाएं। इसके लिए राजस्थान सरकार द्वारा राज्य के किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों की खरीद पर 40 से 50 प्रतिशत की सब्सिडी उपलब्ध करवाई जा रही है। जिनमें किसानों को सीड ड्रिल/सीड कम फर्टीलाइजर ड्रिल, डिस्क प्लाऊ/डिस्क हैरो, रोटोवेटर, मल्टी क्रॉप थ्रेसर, रिज फरो प्लांटर/मल्टी क्रॉप प्लांटर/ट्रैक्टर ऑपरेटेड रिपर, चिजल प्लाऊ पर श्रेणीवार सब्सिडी का लाभ दिया जाएगा।
सीड ड्रिल/सीड कम फर्टीलाइजर ड्रिल - 20 बी.एच.पी. से 35 बी.एच.पी. तक पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, लघु, सीमांत व महिला किसानों को कृषि यंत्र के मूल्य का 50 प्रतिशत या अधिकतम 15-28 हजार रुपए जो भी कम हो। वहीं अन्य श्रेणी के किसानों को 40 प्रतिशत या अधिकतम 12,000-22,400 रुपए जो भी कम हो दिया जाएगा।
डिस्क प्लाऊ/डिस्क हैरो - 20 बी.एच.पी. से 35 बी.एच.पी. की क्षमता तक अन्य श्रेणी के किसानों को कृषि यंत्र के मूल्य का 40 प्रतिशत या अधिकतम 16-40 हजार रुपए जो भी कम हो। वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, लघु, सीमांत व महिला किसानों को कृषि यंत्र पर 50 प्रतिशत या अधिकतम 20,000-50,000 रुपये जो भी कम हो अनुदान दिया जाएगा।
रोटावेटर - 20 बीएचपी से 35 बीएचपी क्षमता तक के रोटावेटर पर एससी/एसटी, लघु, सीमांत व महिला किसानों को 50 प्रतिशत या अधिकतम 42,000 - 50,400 रुपए जो भी कम हो। वहीं, सामान्य एवं अन्य श्रेणी के किसानों को 40 प्रतिशत या अधिकतम 34,000 - 40,300 रुपए जो भी कम हो सब्सिडी के रूप दिया जाएगा।
मल्टी क्रॉप थ्रेसर - 20 बी.एच.पी. से 35 बी.एच.पी.की क्षमता तक पर एससी/एसटी /लघु/ सीमांत व महिला किसानों को मूल्य का 50 प्रतिशत या अधिकतम 30,000-1,00,000 रुपए जो भी कम हो सब्सिडी के रूप में दिया जाएगा। वहीं, अन्य श्रेणी के किसानों को मूल्य का 40 प्रतिशत या अधिकतम 25,000-80,000 रुपये जो भी कम हो उपलब्ध करवाया जाएगा।
रिज फरो प्लांटर/मल्टी क्रॉप प्लांटर/ ट्रैक्टर ऑपरेटेड रिपर - 20 बी.एच.पी. से 35 बी.एच.पी. क्षमता तक अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, लघु, सीमांत व महिला किसानों को मूल्य का 50 प्रतिशत या अधिकतम 30,000-75,000 रुपए जो भी कम हो दिया जाएगा। वहीं, सामान्य किसानों को मूल्य का 40 प्रतिशत या अधिकतम 24,000-60,000 रुपये जो भी कम हो दिया जाएगा।
चिजल प्लाऊ - 20 बी.एच.पी. से कम की क्षमता से 35 बी.एच.पी. की क्षमता तक के यंत्रों पर एससी/एसटी, लघु, सीमांत व महिला किसानों को 50 प्रतिशत या अधिकतम 10,000-20,000 जो भी कम हो अनुदान दिया जाएगा। वहीं, सामान्य एवं अन्य श्रेणी के किसानों को 40 प्रतिशत या अधिकतम 8,000-16,000 रुपए जो भी कम हो दिया जाएग।
राजस्थान सरकार द्वारा निर्धारित इन कृषि यंत्रों पर सब्सिडी के लिए केवल राज्य का स्थाई निवासी ही आवेदन कर सकता है। अगर कोई इच्छुक किसान जो मांगी गई सभी पात्रता को पूरी करता है, तो वह अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र या सीएससी सेंटर पर जाकर अनुदान के लिए आवेदन दे सकता है।
राजस्थान सरकार ने इन यंत्रों पर आवेदन के लिए निम्न डॉक्यूमेंट्स निर्धारित किए हैं। आवेदन के समय आवेदकों के पास इनका होना अति आवश्यक है। जो इस प्रकार है- आवेदक का आधार कार्ड / जनाधार कार्ड, जमाबंदी की नकल (6 माह से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए), जाति प्रमाण पत्र (केवल एससी/एसटी के आवेदकों के लिए), ट्रैक्टर का रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र (आर.सी.) की कॉपी (ट्रैक्टर चलित यंत्रों के लिए आवश्यक है)।
बता दें कि यंत्रों की श्रेणीवार देय अनुदान के लिए आवेदन के उपरान्त कृषक को कृषि कार्यालय की प्रशासनिक स्वीकृति जारी होने का इंतजार करना पड़ेगा। कृषि यंत्रों का खरीद किसान क्रय कृषि कार्यालय की प्रशासनिक स्वीकृति जारी होने के उपरान्त ही कर सकते हैं। कृषि यंत्र क्रय स्वीकृति की जानकारी कृषकों को मोबाइल संदेश या अपने क्षेत्र के कृषि पर्यवेक्षक के जरिये आवेदन स्वीकार होने के बाद मिल जाएगी। इसके बाद कृषक राज्य के किसी भी जिले में पंजीकृत निर्माता/विक्रेता, जिनकी सूची राजकिसान साथी पोर्टल पर प्रदर्शित हो, से कृषि यंत्र क्रय कर अनुदान का लाभ ले सकते हैं।
बता दें कि राजकिसान साथी पोर्टल पर राज्य के किसी भी जिले में पंजीकृत निर्माता/विक्रेताओं की लिस्ट प्रदर्शित है। इन लिस्टेड निर्माता एवं विक्रेताओं से कृषि यंत्र क्रय करने के उपरान्त क्रय बिल भी मिल जाएगा। इस बिल को सत्यापन के समय कृषि पर्यवेक्षक / सहायक कृषि अधिकारी के समक्ष पेश करना होगा। कृषि पर्यवेक्षक / सहायक कृषि अधिकारी द्वारा यंत्र का भौतिक सत्यापन किया जायेगा। सत्यापन के उपरान्त कृषि के बैंक खाते में सीधे ऑनलाइन ही अुनदान राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।
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