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बागवानी परियोजना : किसानों को 45 दिनों में मिलेगी बागवानी प्रोजेक्ट की मंजूरी

बागवानी परियोजना : किसानों को 45 दिनों में मिलेगी बागवानी प्रोजेक्ट की मंजूरी
पोस्ट -17 दिसम्बर 2022 शेयर पोस्ट

नए साल में बागवानी परियोजनाओं की मंजूरी लेना होगा आसान, सरकार ने किए ये बड़े बदलाव

बागवानी परियोजनाओं (Horticulture Projects) : देशभर में बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय बागवनी मिशन का संचालन कर रही है। इस मिशन के तहत राज्य सरकारें अपने-अपने राज्य में बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रही है। वर्तमान समय में बागवानी किसानों के लिए एक बेहतर आय का जरिया बनकर उभरा है। देश के कई राज्यों में किसान बागवानी से अपने जीवन स्तर को बेहतर बना रहे है। ऐसे में केंद्र सरकार राष्ट्रीय बागवनी मिशन को लगातार बेहतर बनाने का प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में केंद्र सरकार ने किसानों के लिए बागवानी परियोजनाओं की मंजूरी देने की प्रक्रिया को अब और भी आसान बनाने का फैसला किया है। इसके तहत स्वीकृति की प्रक्रिया दो चरण के बजाय अब एक ही बार में पूरी की जाएगी। यानि जिन बागवानी प्रोजेक्ट को पास होने में 6 से 8 महीने का वक्त लगता था अब उन्हें स‍िर्फ 45 दिन में मंजूरी दे दी जाएगी। यह पूरी तरह से डिजिटल होगी। किसानों को ज्यादा डोक्यूमेंट्स भी सब्मिट नहीं करने पड़ेंगे, बल्कि सिंगल प्रोसेस में ही अब से बागवानी परियोजनाओं का लाभ मिलने लगेगा। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ अब पहले से और जल्दी मिलने लगेगा। जिससे किसानों को पहले से अधिक लाभ होगा। आइए ट्रैक्टर गुरू के इस लेख के माध्यम से कृषि भवन में आयोजित राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के निदेशक मंडल की 32 वीं बैठक में लिए गए फैसलों के बारें में जानते है।

New Holland Tractor

1 जनवरी 2023 से ही लागू होंगे नए नियम

बताया जा रहा है कि हाल ही में नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में आयोजित हुई राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के निदेशक मंडल की 32वीं बैठक के बोर्ड अध्यक्ष कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों के हित में कई फैसले लिए है। जिनमें बागवानी प्रोजेक्ट की मंजूरी देने की प्रक्रिया को और आसान बनाने का भी निर्णय लिया गया है। कृषि भवन में हुई बैठक के दौरान कृषि मंत्रालय और राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड ने इस प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ-साथ नए नियमों को 1 जनवरी 2023 से लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत योजना डिजाइन, आवेदन फाइलिंग प्रणाली, डॉक्युमेंटेशन तथा मंजूरी प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाया गया है। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि उम्मीद है कि यह प्रक्रिया कृषक समुदाय का काम आसान करेगी, जिससे बागवानी क्षेत्र का विकास होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड ने आर्थिक मदद के लिए अधिक से अधिक उच्च तकनीक की वाणिज्यिक परियोजनाएं सृजित करेगा। नए डिजाइन में एनएचबी ने अपनी क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजनाओं के साथ एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड को भी बढ़ावा देने के लिए भी पहल की है। बता दें कि इस मौके पर बैठक के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर रहे।

एशियन विकास बैंक (एडीबी) खर्च करेगा 2100 करोड़ रुपए

नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में आयोजित राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के निदेशक मंडल की 32वीं बैठक में एनएचबी की एक नए प्लान स्वच्छ पौध कार्यक्रम को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। जिसके तहत एशियन विकास बैंक (एडीबी) के प्रत्यक्ष सहयोग से  2100 करोड़ रुपए के खर्च से किसानों के लिए पौधारोपण सामग्री की उपलब्धता की समस्या हल की जाएगी। इससे कमर्शियल बागवानी के तहत फलों की रोपाई के लिए रोपण सामग्री की दिक्कत का समाधान होगा। बता दें कि इस नए कार्यक्रम के तहत देश में बागवानी फसलों के अच्छी क्वालिटी की रोपण सामग्री पर फोकस देने में एक बड़ा योगदान देने का काम करेगा। क्योंकि कई बार फलों की बागवानी के लिए रोपण सामग्री मिलना मुश्किल हो जाता है। 

जैविक एवं प्राकृतिक खेती को दिया जाएगा बढ़ावा

बैठक में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा की एनएचबी के तहत जैविक व प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक नया वर्टिकल सृजित किया गया है। जिसके तहत जैविक क्षेत्र के सभी पहलुओं जैसे योजनाओं का पर्यवेक्षण-निगरानी, क्षेत्र विस्तार-उत्पादन, मूल्य श्रंखला विकास के लिए बाजार को बढ़ावा देने व बुनियादी ढांचा तैयार करने जैसे आदि काम किया जाएगा। बता दें कि बैठक में बोर्ड द्वारा चलाए जा रहे क्लस्टर विकास कार्यक्रम की प्रगति पर भी चर्चा हुई, जिस पर यह फैसला लिया गया है कि आवेदनों पर जल्दी अप्रूवल प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के आवंटन प्रक्रिया को तेज किया

बताय जा रहा है कि कृषि भवन मे हुई बैठक में बागवानी बोर्ड के प्रोजेक्ट्स के साथ कृषि अवसंरचना कोष के के तहत आवंटन की प्रक्रिया को भी तेज कर दिया गया है। इस योजना के तहत देशभर में 18,133 प्रोजेक्ट चालू किए जाएंगे, जिसके लिए सरकार ने 13,681 करोड़ रुपये का फंड जारी किया है। इस योजना के तहत देशभर में गोदामों, कोल्ड स्टोरों का निर्माण और नवीनीकरण के कार्य किए जाएंगे, जिससे फल, सब्जी और कृषि उत्पादों में नुकसान को कम किया जा सके। इस स्कीम के तहत मंजूर हुए कई प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हो चुका है। इसमें 8076 गोदाम, 2788 प्रोसेस‍िंग यून‍िट, 1860 कस्टम हायरिंग केंद्र, 937 छंटाई और ग्रेडिंग यून‍िट, 696 कोल्ड स्टोरेज, 163 टेस्ट यून‍िट और 3613 पोस्ट हार्वेल्स मैनेजमेंट यूनिट्स बनाई जाएंगी।

किसान कृषि अवसंरचना कोष स्कीम में आवेदन कर ले सकते हैं लाभ

बैठक में बताया गया कि चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान बागवानी उत्पादों का कुल निर्यात फिलहाल अनाज वाली फसलों के मुकाबले कम है। इसे बढ़ाने के लिए सरकार पूरी ताकत से प्रयास कर रही है। हालांकि कृषि क्षेत्र में हार्टिकल्चर (बागवानी) फसलों की उपज की विकास दर बहुत तेज है। कुल कृषि उत्पादन के मुकाबले बागवानी का उत्पादन लगभग बराबर है। लेकिन निर्यात में इसकी हिस्सेदारी कम से इसे बढ़ाने की दिशा में बोर्ड तेजी से काम कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि किसान चाहें तो कृषि अवसंरचना कोष स्कीम में आवेदन करके फलों की ग्रेडिंग, पोलीहाउस, ड्रोन और कृषि मशीनरी खरीदने के लिए भी पैसा ले सकते हैं। इस योजना के तहत कृषि आधारित उद्योगों के निर्माण के लिए 2 करोड़ का बैंक लोन दिया जाता है, जिसके ब्याज दर में 3 फीसदी तक की छूट भी मिलती है।

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