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बांस और सागौन के पेड़ लगाने पर मिलेगी किसानों को सरकार से 100% की सब्सिडी

बांस और सागौन के पेड़ लगाने पर मिलेगी किसानों को सरकार से 100% की सब्सिडी
पोस्ट -13 मई 2023 शेयर पोस्ट

छत्तीसगढ़ सरकार देगी बांस और सागौन के पेड़ लगाने पर 100 प्रतिशत की सब्सिडी,अभी करे आवेदन 

भारत में कृषि क्षेत्र में नित नए नवाचार हो रहे हैं। अब वे दिन लद गए जब किसान खरीफ और रबी सीजन की फसलें पैदा करके ही संतुष्ट हो जाता था। महंगाई के इस दौर में किसानों को अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए कुछ नया करना जरूरी है। इसीलिए केंद्र और राज्य सरकारे समय-समय पर ऐसी योजनाएं संचालित करती रहती हैं जिनमें आधुनिक खेती के लिए किसानों को सब्सिडी प्रदान की जाती है। इससे किसानों को कम से कम लागत में अधिक कमाई करने के अवसर मिलते हैं। खेती- और बागवानी में कई फसलें कुछ ही वर्षों में किसानों को मालामाल बना देती हैं। मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना 2023 के तहत छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों की इनकम में ग्रोथ के लिए बड़ा कदम उठाते हुए बांस और सागौन (Bamboo and TEAK ) के पेड़ लगाने पर 100 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान करने की घोषणा की है। यह सब्सिडी 5 एकड़ जमीन पर 5000 पौधे लगाने पर दी जाएगी। यहां ट्रैक्टर गुरू की इस पोस्ट में आपको छत्तीसगढ़ सरकार की इस योजना की पूरी जानकारी के साथ बांस और सागौन की खेती करने के तरीके भी बताए जा रहे हैं। इसे लाइक एवं शेयर करें।

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जानें, बांस- सागौन की खेती पर सब्सिडी की क्या हैं शर्तें ?

छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को बंपर कमाई का शानदार ऑफर देते हुए मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा स्कीम शुरू की है। इसमें बांस और सागौन (Bamboo and TEAK) के पेड़ लगाने पर 100 फीसदी अनुदान दिया जाएगा। यह सब्सिडी पाने के लिए किसानों एवं इच्छुक संस्थानों को सरकार के कुछ नियमों और शर्तों की पालना करनी होगी। इनमें पहली शर्त यह है कि कम से कम 5 एकड़ जमीन पर पौधे लगाए जाने चाहिए। इससे अधिक जमीन पर ये पौधे लगाए जाने पर केवल 50 प्रतिशत ही सब्सिडी दी जाएगी। तीसरी शर्त टिशू कल्चर सागौन और इसी कल्चर के बांस के पौधे लगाए जाएं।

विकसित पेड़ों को खरीदेगी सरकार

छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना 2023 के तहत प्रदेश में किसानों को बांस और सागौन के पेड लगाने पर 100 प्रतिशत सब्सिडी दिए जाने के अलावा सरकार ने एक और बड़ा ऑफर प्रदान कर दिया है। इसके लिए सरकार ने बाकायदा अधिसूचना भी जारी कर दी है। इस नोटिफिकेशन के अनुसार छत्तीसगढ़ शासन बांस और सागौन के पेड़ों के बड़े होने पर इनकी कीमत निर्धारित कर खुद किसानों से खरीद लेगा। इससे किसानों को इन पेड़ों को बेचने के लिए इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार के इस फैसले से किसानों की आर्थिक हालत में व्यापक सुधार होगा और वे पहले से बेहतर जिंदगी गुजार सकेंगे।

मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना में आवेदन के लिए क्या करें ?

छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना में आवेदन के लिए किसानों को अपने नजदीकी वन विभाग कार्यालय में संपर्क करना होगा। यहां इस योजना के तहत बांस एवं सागौन के पेड़ लगाने पर दी जाने वाली सब्सिडी का फॉर्म भरना होगा। इसमें आवश्यक दस्तावेज जैसे स्वयं का आधारकार्ड, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जमीन का खाता-खसरा, बैंक पासबुक, फोटो और आधारकार्ड से लिंक मोबाइल नंबर संलग्न करने होंगे। इनमें कोई एक भी दस्तावेज अधूरा होगा तो सब्सिडी नहीं मिल पाएगी।

बांस की खेती से 4 साल में 40 लाख की कमाई

बता दें कि बांस की खेती आपको बंपर कमाई प्रदान कर सकती है। एक बार बांस के पौधे विकसित होने पर ये वर्षों तक फलते-फूलते रहते हैं। रोपाई के करीब चार साल बाद बांस की पहली कटाई कर सकते हैं। एक हेक्टेयर में बांस की खेती करने पर आपको लगभग 40 लाख रुपये की आमदनी हो सकती है। बांस की कटाई और छंटाई का काम वर्ष में कई बार किया जाता है। इससे किसान बांस से निकली हरी टहनियों को चारे के रूप में बेचकर भी कमाई कर सकते हैं।

कैसे करें बांस की खेती?

बांस की खेती किसानों के लिए बंपर कमाई का बेहतर जरिया है। इसे किसान मुख्य व्यवसाय भी बना सकते हैं। बांस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे बंजर जमीन पर भी उगाया जा सकता है। इसमें पानी की कम जरूरत होती है। “एक बार बांस लगाओ, 50 सालों तक कमाई करते रहो” जैसी विशेषताओं के कारण भारत में बांस की खेती के प्रति किसानों का रुझान बढ़ रहा है। इसकी खेती पूर्वी भारत में ज्यादा की जाती है। यह हर जगह पनपने वाला पौधा है। अगर आपको 1 हेक्टेयर जमीन पर बांस के पौधे रोपने हैं तो इसके लिए 1500 पौधों की जरूरत होगी। पौधे लगाते समय ध्यान रहे कि पौधे से पौधे की दूरी 2.5 मीटर हो और लाइन से लाइन की दूरी 3 मीटर होनी चाहिए। बांस की खेती के लिए उन्नत किस्म के पौधे चयन करने चाहिए। भारत में बांस की अच्छी नस्लों में बाम्बूसा, ऑरनदिनेसी, बंबूसा पॉलीमोरफा, किमोनोबॉम्बूसा फलकेटा, डेंड्रोकैंलेमस, स्ट्रीक्स, मेलोकाना ब्रेक्किफेरा आदि हैं। बांस के पौधों की रोपाई जुलाई में करनी चाहिए। तीन से चार साल में बांस की कटाई की जा सकती है।

सागौन के 350 पेड़ों से होगी 70 लाख की आमदनी

सागौन (Teak ) की खेती भी खूब प्रॉफिट प्रदान करने वाली है। एक एकड़ में सागौन के लगभग 500 पौधे लगाए जा सकते हैं। हालांकि इनके पूरी तरह से विकसित होने में करीब 15 साल का लंबा समय लगता है लेकिन 500 पौधों में से यदि 350 पेड तैयार हो गए तो ये आपको 70 लाख रुपये की मोटी आमदनी दे सकते हैं। वर्तमान में सागौन के एक पेड की कीमत बाजार में 20,000 से कम नहीं है। अब आप ही सोच सकते हैं कि ज्यादा एरिये में यदि सागौन की खेती की जाए तो कितनी कमाई होगी?

सागवान की  विशेषताएं और उपयोगिता

  • सागवान या सागौन के पेड़ की कई विशेषताएं हैं जो इस प्रकार हैं-:
  • सागवान के पौधों और इसकी लकड़ी में कभी दीमक नहीं लग सकती।
  • सागवान की लकड़ी काफी मजबूत होने के कारण इसे इमारतों में खिड़कियां और दरवाजे बनाने, हवाईजहाज, ट्रेन डिब्बे-स्लीपर्स आदि बनाने में उपयोग किया जाता है। 
  • सागवान की लकड़ियों की बाजार में जबर्दस्त डिमांड रहती है, ये ऊंचे दामों पर बिकती हैं। 
  • इसके पेड की लंबाई 70 से 100 फीट तक होती है।
  • सागवान को सागौन, शाक, टीकवुड आदि कई नामों से जाना जाता है।
  • सागवान की लकड़ियों से अनेक कलात्मक वस्तुएं जैसे टोकरियां, खिलौने, फर्नीचर, पलंग आदि बनाए जाते हैं।

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