Dairy Farm Loan : देश में पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए भारत सरकार और नाबार्ड (NABARD) द्वारा कई तरह की योजनाएं चलाई जा रही है। इसके माध्यम से किसानों एवं युवा पशुपालकों को पशुपालन के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इस कड़ी में केंद्र सरकार द्वारा नाबार्ड डेयरी फॉर्म योजना चलाई जा रही है, जिसके तहत पशुपालकों एवं किसानों को दुधारू पशुओं की डेयरी फार्म खोलने के लिए 10 साल तक का लंबा लोन उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार की इस योजना उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का सृजन कर बढ़ती बेरोजगारी समस्या से निपटना है। इस योजना का लाभ लेकर पशुपालक पशुपालन के क्षेत्र में डेयरी स्थापित कर आत्मनिर्भरता से पैसा कमा सकें और अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में अपना योगदान कर सकेंगे। साथ ही दूध उत्पादन में देश आत्मनिर्भर बन सकेगा। इच्छुक किसान केंद्र सरकार की इस योजना में दस साल तक की लंबी अवधि वाले लोन के लाभ हेतु आवेदन कर सकते हैं। इस पोस्ट में आवेदन संबंधित सभी जानकारी विस्तार से बताई जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रही बेरोजगारी की समस्या और पशुपालन में रोजगार के अवसर को मद्देनजर रखते हुए डेयरी उद्योग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नबार्ड) द्वारा नाबार्ड डेयरी फार्म योजना चलाकर किसानों को पशुपालन के लिए 10 साल की लंबी अवधि का लोन दिया जा रहा है। इस योजना के तहत किसानों / पशुपालकों तथा युवाओं को दुधारू पशुओं की डेयरी की स्थापना करने 10 लाख से लेकर 25 लाख रुपए तक का लोन मिलता है। खास बात यह है कि यह लोन पशुपालकों को बिना किसी बैंक गारंटी के दिया जाता है। लोन के लिए आवेदन देने वाले लाभार्थी का लोन स्वीकृत होने के बाद लोन राशि उसके बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर कर दी जाती है। नबार्ड की इस योजना के तहत पशुपालन का व्यवसाय शुरू करने के लिए किसानों को 6.5% से 9% प्रति वर्ष ब्याज दर पर लोन मिलता है ।
नाबार्ड भारत का शीर्ष विकास बैंक है, जिसकी स्थापना 1982 में संसद के एक अधिनियम के माध्यम से संधारणीय और समानता पर आधारित कृषि और ग्रामीण विकास के संवर्धन के लिए की गई। नाबार्ड (NABARD) ग्रामीण क्षेत्रों में अपने सहभागितामूलक वित्तीय और इतर सहयोगों, नवोन्मेषों, प्रौद्योगिकी तथा संस्थागत विकास के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में निरंतर योगदान कर रहा है। भारत सरकार नबार्ड के माध्यम से कृषि और ग्रामीण विकास के लिए संस्थागत ऋण की व्यवस्था करती है। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के द्वारा विभिन्न योजनाएं लागू कर किसानों को सस्ती ब्याज दरों पर अनुमोदित ऋण दिया जाता है। पशुपालन, मछली पालन एवं कृषि संबंधित अन्य व्यापारों की स्थापना के लिए नाबार्ड (NABARD) किसानों के लिए ऋण की व्यवस्था करती है। वर्तमान में देश के ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 8 करोड़ से अधिक लोग पशुपालन और डेयरी उद्योग से जुड़े हुए है।
नाबार्ड डेयरी फार्म लोन योजना (NABARD Dairy Farm Loan Scheme) के तहत किसानों को पशुपालन करने के लिए बैंक के माध्यम से लोन मुहैया कराया जाता है ताकि लोग गाय-भैंस और बकरी पालन का व्यवसाय शुरू कर लाभ कमा सके। साथ ही इसकी सहायता से खुद का पशुपालन का व्यवसाय आरंभ कर सकेगें। इस का लाभ लेकर किसान अपने लिए एक एक नियमित आय का जरिया बना सकते हैं। वहीं, उन्हें रोजगार की तलाश में इधर-उधर भटक नहीं पड़ता है। इस योजना के तहत सभी राज्य की सरकारें अपने सभी वर्ग के नागरिक पशुपालको को सब्सिडी पर लोन देती है। योजना के तहत सामान्य वर्ग के लिए अधिकतम 3.30 लाख रुपए, और अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के किसानों के लिए अधिकतम 4.40 लाख रुपए तक की सब्सिडी दी जाती है। इस योजना के तहत डेयरी फॉर्म खालने के लिए शेष 25 प्रतिशत राशि किसानों स्वय खर्च करनी पड़ती है।
नाबार्ड डेयरी फार्म लोन योजना के माध्यम से गाय- भैंस पालन की डेयरी की स्थापना के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की चिन्हित बैंक शाखाएं से 10 लाख रुपए तक लोन दिया जाता है। इसका लाभ लेने के लिए किसानों को आपने राज्य के नागरिक पशुपालन और डेयरी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। ई-मित्र या ग्राहक सेवा केंद्र की मदद से यह आवेदन सीधे राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की आधिकारिक पोर्टल पर भी किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक किसान अपने जिला के पशुपालन और डेयरी विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
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