Union Budget 2025 : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने संसद में अपना 8वां और मोदी सरकार 3.0 का पहला पूर्ण बजट पेश कर दिया है। बजट 2025 में सरकार का फोकस कृषि एवं इससे जुड़े सेक्टरों पर रहा है। वित्त मंत्री ने इस केंद्रयी बजट 2025-26 में किसानों के लिए कई बड़े ऐलान किए है। वित्तीय मंत्री ने किसान क्रेडिट कार्ड पर कर्ज की लिमिट 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपए करने की घोषणा की है।
वित्त मंत्री निर्माला सीतारमण ने कहा कि बिहार में मखाना बोर्ड बनेगा, जिससे छोटे किसानों और व्यापारियों को फायदा होगा। छोटे उद्योगों को विशेष क्रेडिट कार्ड दिए जाएंगे, इसमें पहले साल 10 लाख कार्ड जारी होंगे। MSME के लिए लोन गारंटी कवर 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ किया जाएगा। इससे 1.5 लाख करोड़ तक का कर्ज मिल सकेगा। सीतारमण ने बजट में स्टार्टअप के लिए लोन 10 करोड़ से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपए करने का ऐलान किया है। इसकी गारंटी फीस में भी कमी की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि अगले 6 साल मसूर, तुअर जैसी दालों की पैदावार बढ़ाने के लिए सरकार का फोकस रहेगा। वित्त मंत्री ने अपने बजट संबोधन में कहा कि केंद्रीय बजट 2025-26 विकास को गति देने के हमारे प्रयासों को जारी रखता है। यह बजट 'विकसित भारत' की हमारी आकांक्षाओं से प्रेरित विकास को गति देने के लिए समर्पित है। हमारी अर्थव्यवस्था सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ रही है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि सरकार का सबके विकास पर जोर है। मध्यम वर्ग की खपत बढ़ाने पर जोर है। जियोपॉलिटिकल तनाव से ग्लोबल ग्रोथ में कमी आई है। वित्त मंत्री ने कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए पीएम धन धान्य कृषि योजना की घोषणा की। यह योजना 100 जिलों को कवर करेगी। फसल विविधीकरण, भंडारण को बढ़ाना, सिंचाई में सुधार और किसानों के लिए दीर्घकालिक और अल्पकालिक ऋण की सुविधा इसके उद्देश्यों में शामिल हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि योजना के तहत आकांक्षी जिला कार्यक्रम की सफलता से प्रेरित एक नई पहल, केंद्र सरकार, राज्यों के साथ साझेदारी में कृषि जिला कार्यक्रम शुरू करेगी। इस पहल से 1.7 करोड़ किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) 7.7 करोड़ किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों को अल्पकालिक ऋण की सुविधा प्रदान करना जारी रखेंगे। इसके अतिरिक्त, संशोधित ब्याज छूट योजना के तहत किसान क्रेडिट कार्ड की लोन लिमिट 3 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए करने का ऐलाना किया गया है, जिससे कृषि उत्पादन के लिए अधिक वित्तीय सहायता मिलेगी। छोटे उद्योगों को विशेष क्रेडिट कार्ड, पहले साल 10 लाख कार्ड जारी किए जाएंगे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने केंद्रीय बजट 2025-26 भाषण में दालों में 'आत्मनिर्भरता' हासिल करने के लिए छह साल के मिशन की घोषणा की है। अगले 6 साल मसूर, तुअर जैसी दालों की पैदावार बढ़ाने के लिए फोकस। बजट में कपास की खेती के लिए 5 साल के नए मिशन का ऐलान वित्त मंत्री ने किया, जिससे देश का कपड़ा करोबार मजबूत होगा।
मंत्री सीतारण ने कहा कि केंद्र सरकार असम में एक यूरिया प्लांट लगाएगी, जिससे यूरिया सप्लाई में मदद मिलेगी। इस प्लांट की क्षमता 12.7 लाख मीट्रिक टन होगी, जो नामरूप में बनाया जाएगा।
वित्त मंत्री ने बताया कि सूक्ष्म उद्यमों के लिए एमएसएमई क्रेडिट गारंटी कवर को 5 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपए किया जाएगा, जिससे अगले पांच वर्षों में अतिरिक्त 1.5 लाख करोड़ रुपए का क्रेडिट मिलेगा। 'एमएसएमई हमारे 45 प्रतिशत निर्यात के लिए जिम्मेदार हैं। हमें एमएसएमई तक क्रेडिट पहुंच बढ़ाने की जरूरत है। सूक्ष्म उद्यमों के लिए अनुकूलित क्रेडिट कार्ड की सीमा 5 लाख रुपए होगी। वित्त मंत्री ने कहा कि हम चाहते हैं कि एमएसएमई सेक्टर विकास करे। एक करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड एमएसएमई हैं। इससे करोड़ों लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ है। यह भारत को एक मैन्युफैक्चरिंग हेड बनाता हैI इनको ज्यादा पैसा मिल सके इसलिए इसे ढाई गुना बढ़ाया जा रहा है. इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि केंद्रीय बजट 2025-26 सरकार विशेष आर्थिक क्षेत्रों और उच्च समुद्रों में मछली पालन क्षेत्र की पैदावार को बनाए रखने के लिए एक सक्षम ढांचा लाएगी। यह मेक इन इंडिया कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए विनिर्माण मिशन नीति समर्थन और विस्तृत ढांचे के माध्यम से छोटे, मध्यम और बड़े उद्योगों को कवर करेगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारण ने बजट में बिहार के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। वित्त मंत्री ने कहा राज्य की भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए बिहार में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों की सुविधा प्रदान की जाएगी। मिथिलांचल में पश्चिमी लागत नहर परियोजना भी इसमें शामिल है। वित्त मंत्री सीतारमण ने ऐलान किया कि मखाना (फॉक्स नट) के उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन में सुधार के लिए बिहार में मखाना बोर्ड की स्थापना की जाएगी। इससे 'बिहार के लोगों के लिए एक विशेष अवसर है। मखाना के उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन में सुधार के लिए राज्य में एक मखाना बोर्ड की स्थापना की जाएगी। इन गतिविधियों में लगे लोगों को एफपीओ में संगठित किया जाएगा। केंद्रीय बजट 2025-26 पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, 'मखाना किसानों को सहायता और प्रशिक्षण सहायता और यह सुनिश्चित करने के लिए भी काम किया जाएगा कि उन्हें सभी प्रासंगिक सरकारी योजनाओं का लाभ मिले।'
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