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रबी सीजन 2022-23 : रबी की बुवाई में 4.37% की वृद्धि, जानें, कौनसी फसल कितनी हुई बुवाई

रबी सीजन 2022-23 : रबी की बुवाई में 4.37% की वृद्धि, जानें, कौनसी फसल कितनी हुई बुवाई
पोस्ट -26 दिसम्बर 2022 शेयर पोस्ट

रबी सीजन 2022-23 : रबी की बुवाई में 25.99 लाख से अधिक हेक्टेयर क्षेत्र में हुई बुवाई, रिकॉर्ड पैदावार होने की उम्मीद

देश भर के सभी हिस्सों में रबी सीजन फसलों की बुवाई का काम लगभग अपने पीक पर है। ऐसे में केंद्र सरकार ने रबी फसलों की बुवाई सीजन 2022-23 को लेकर देश भर में बोई जाने वाली विभिन्न रबी फसलों के क्षेत्र का आँकड़ा जारी किया है। केंद्र सरकार के द्वारा जारी आँकड़ों के मुताबिक 23 दिसम्बर 2022 तक देश भर में बोई जाने वाली विभिन्न रबी फसलों के बुवाई क्षेत्र में इस वर्ष 25.99 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में बुवाई हुई है। सरकार को इस सीजन से रिकॉर्ड पैदावार होने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इसका कारण केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारें द्वारा किसान हित में चलाई जा रही विभिन्न योजनाएँ हैं। सरकार का कहना है विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा इस वर्ष रबी फसलों की बुवाई को लेकर पहले से तैयारियां शुरु कर दी गई थी। अपने-अपने राज्य में बुवाई क्षेत्र को बढ़ाने के लिए इन विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत किसानों को आर्थिक मदद, खाद-बीज एवं अन्य कई प्रकार की सुविधाएं दी गई है। जिसके वजह से देशभर में रबी फसलों की बुवाई का क्षेत्र बढ़ा है। इस बार देश में रबी फसलों से बेहतर उत्पादन किसानों को प्राप्त होने संभावना है, जिससे किसान को बेहतर आय मिल सकती है और आत्मनिर्भर बन सकते है। आइए ट्रैक्टरगुरु के इस लेख के माध्य से सरकार के इन आँकड़ों पर नजर ड़ालते है। 

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रबी फसल बुवाई 2022-23 में 4.37 प्रतिशत की हुई वृद्धि

केंद्र सरकार द्वारा जारी आँकड़ों में बताया गया है कि इस वर्ष यानि 23 दिसम्बर 2022 तक, रबी फसलों के तहत बोया गया क्षेत्र 2021-22 में 594.62 लाख हेक्टेयर से 2022-23 में 4.37 प्रतिशत बढ़कर 620.62 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो रबी फसलों की बुवाई सीजन 2021-22 की इसी अवधि के मुकाबलें में इस वर्ष 25.99 लाख हेक्टेयर अधिक है। देश भर में बोई गई रबी फसलों के क्षेत्र में कुल 25.99 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में बढ़ोत्तरी हुई है। इसमें देशभर के अंदर बोई जाने वाली सभी रबी फसलों में वृद्धि हुई, लेकिन सबसे अधिक गेहूं के बुवाई क्षेत्र में वृद्धि देखने को मिली है। 

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गेहूं के बुवाई में वृद्धि   

केंद्र सरकार के द्वारा जानी आँकड़ों की मानें तो इस बार रबी सीजन फसलों के बुवाई क्षेत्र में गेहूं के रकबे में रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखने को मिली है। इस साल पिछले साल की तुलना में 9.65 लाख हेक्टेयर अधिक क्षेत्र में गेहूं की बुवाई हुई है। इस साल 312.26 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं फसल की बुवाई हुई है। देश के कई राज्यों में अभी भी गेहूं की बुवाई का कार्य चल रहा है। इस वर्ष रबी सीजन में अब तक गेहूं की बुआई का रकबा 3.18 प्रतिशत बढ़कर 312.26 लाख हेक्टेयर हो चुका है। जबकि एक साल पहले की अवधि में यह रकबा 302.61 लाख हेक्टेयर था। केंद्र सरकार द्वारा जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। इस वर्ष गेहूं की फसल के उत्पादन की संभावनाएं अच्छी हैं क्योंकि फिलहाल मौसम पौधों के विकास और बेहतर पैदावार के लिए काफी अनुकूल है।

इन राज्यों में गेहूं की बुवाई क्षेत्र में हुई वृद्धि

कृषि मंत्रालय के आंकड़ों की मानें तो इस बार चालू रबी सीजन में अब तक गेहूं की बुवाई का रकबा 312.26 लाख हेक्टेयर हो चुका है। जिसमें देश के विभिन्न राज्यों में इसकी बुवाई के क्षेत्र में वृद्धि दर्ज की गई है। इसमें राजस्थान में 1.99 लाख हेक्टेयर, गुजरात में 1.74 लाख हेक्टेयर उत्तर प्रदेश में 1.57 लाख हेक्टेयर, बिहार में 1.51 लाख हेक्टेयर, मध्य प्रदेश में 0.83 लाख हेक्टेयर, छत्तीसगढ़ में 0.64 लाख हेक्टेयर, महाराष्ट्र में 1.43 लाख हेक्टेयर, कर्नाटक में 0.15 लाख हेक्टेयर, असम में 0.01 लाख हेक्टेयर, पश्चिम बंगाल में 0.24 लाख हेक्टेयर, जम्मू और कश्मीर में 0.23 लाख हेक्टेयर रकबा में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। 

रबी फसलों में बोई जाने वाली अन्य फसलों की बुवाई भी बढ़ी

सरकार द्वारा जारी आँकड़ों की मानें तो गेहूं के अलावा रबी फसलों में बोई जाने अन्य फसलों की बुवाई का भी रकबा बढ़ा है। जिसमें रबी सत्र में छोटे पैमाने पर उगाए जाने वाले चावल की बुआई का रकबा भी अब तक 14.42 लाख हेक्टेयर हो चुका है, जो वर्ष 2021-22 की समान अवधि में 12.60 लाख हेक्टेयर था। आँकड़ों के अनुसार तिलहन की वर्ष 2021-22 में 93.28 लाख हेक्टेयर में बुवाई की गई थी जो इस वर्ष 2022-23 में 9.60 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 101.47 लाख हेक्टेयर हो गई है। इसमें सरसों का क्षेत्र पिछले वर्ष 85.35 लाख हेक्टेयर था जो वर्ष 2022-23 में 7.32 लाख हेक्टेयर की वृद्धि के साथ 92.67 लाख हेक्टेयर हो गया है। वर्ष वर्ष 2022-23 में रबी फसलों में तिलहन के क्षेत्र में सबसे ज्यादा योगदान रेपसीड और सरसों का रहा। 

चने की बुवाई का रकबा भी बढ़ा

जारी आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष चने का रकबा भी बढ़ा हुआ बताया जा रहा है, लेकिन कृषि बाजार जानकारों की मानें तो ग्राउण्ड रियलिटी में चने की बुवाई घटी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार चने की खेती के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में 0.72 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। साथ इस वर्ष 102.65 लाख हेक्टेयर से थोड़ा बढ़कर 103.37 लाख हेक्टेयर हो गया है। आँकड़ों के अनुसार इस वर्ष दलहन की बुवाई क्षेत्र में भी वृद्धि देखने को मिली है। जिसमें दलहन की वर्ष 2021-22 में 144.64 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हुई थी जो इस वर्ष 3.91 लाख हेक्टेयर की वृद्धि करते हुए 148.54 लाख हेक्टेयर तक पहुँच गई है। सभी दालों के लिए 3.91 लाख हेक्टेयर में से अकेले मसूर की दाल के क्षेत्र के हिस्‍से में 1.40 लाख हेक्‍टेयर की वृद्धि हुई है। 

पोषक अनाजों के बुआई क्षेत्र में भी वृद्धि हुई 

सरकारी मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार मोटे और पोषक अनाज के बुवाई क्षेत्र में भी वृद्धि देखने को मिली है। मोटे और पोषक अनाज की खेती के तहत आने वाले क्षेत्र में 242 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है, जो पछिले साल से 41,50 लाख हेक्टेयर से बढ़कर इस वर्ष 2022-23 में अब तक 43,92 लाख हेक्टेयर हो गई है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय की ओर से कहा गया कि देश अभी तक तिलहन तथा दलहन के क्षेत्र में आत्म निर्भर नहीं हुआ है। पिछले वर्ष देश में खाद्य जरूरतों को पूरा करने के लिए 1.41 लाख करोड़ रूपये की लागत से 142 लाख टन खाद्य तेलों का आयात करना पड़ा है इसलिए सरकार देश में दलहन तथा तिलहन की उत्पादन बढ़ाकर आयात में कमी लाने की कोशिश कर रही है।

उत्पादन बढ़ाने के लिए उन्नत किस्मों के बीज वितरित

कृषि मंत्रालय की मानें तो सरकार देश में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत किसानों को उन्नत किस्मों के बीज वितरित किए गए हैं। ताकि देश में तिलहन और दलहन का उत्पादन बढ़ाया जा सके। इसके लिए सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत एनएफएसएम ‘टीएम 370’ के नाम से विशेष कार्यक्रम भी शुरू किया है। जिसका उद्देश्य अच्छे बीज और तकनीकी प्रक्रियाओं की कमी के कारण राज्य की औसत से कम दालों की पैदावार वाले 370 जिलों की उत्पादकता बढ़ाना है। 

 

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