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प्याज की खेती : प्याज किसानों को करोड़ों का नुकसान, जानिए भावों पर क्या पड़ेगा असर

प्याज की खेती : प्याज किसानों को करोड़ों का नुकसान, जानिए भावों पर क्या पड़ेगा असर
पोस्ट -27 सितम्बर 2023 शेयर पोस्ट

नासिक प्याज की खेती बारिश की कमी से प्रभावित, कम बुवाई का भावों पर होगा असर                                                   

Onion Price Rise : टमाटर के बाद अब प्याज सुर्खियां बटोर रहा है। दरअसल, महाराष्ट्र के नासिक जिले की कृषि उपज बाजार समितियों में प्याज की नीलामी बंद है और जिले के विभिन्न हिस्सों में हुई अधिक बारिश से प्याज के किसानों को वर्तमान में काफी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। नीलामी बंद होने से जिले के विभिन्न हिस्सों में किसानों को  मौजूद समय में प्याज को खराब होने से बचाने के लिए कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा रहा है।  किसानों द्वारा स्टॉक में रखा रबी सीजन प्याज अब खराब हो रहा है। जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा हैं। वहीं, नासिक जिले के कृषि उपज बाजार समिति (एपीएमसी) में  प्याज व्यापरियों की हड़ताल के कारण बंद हुई नीलामी से करीब सात लाख क्विंटल से अधिक प्याज की आवक प्रभावित हुई, जिससे सौ करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार बाधित हुआ है। इससे न केवल प्याज व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है, बल्कि किसानों को भी बहुत घाटा हुआ है। नासिक कृषि विभाग के दी गई जानकारी के मुताबिक, जिले में इस बार बारिश की कमी के कारण खरीफ प्याज की बुवाई प्रभावित हुई है। बारिश की कमी के कारण इस मानसून सीजन में अगस्त के अंत तक नासिक में केवल 2 प्रतिशत ही खरीफ प्याज की बुआई हो पाई है। वहीं, बेमौसम बारिश से रबी सीजन की प्याज पानी में भीग कर खराब हो गई। जिससे जिले में खुदरा बाजारों में प्याज की कमी होने और कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। इस बीच देश में रबी सीजन प्याज की बुवाई का समय शुरू होने वाला है। जिसे देखते हुए महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान जैसे प्रमुख प्याज उत्पादक राज्य के किसान प्याज की बुवाई कर प्याज के उत्पादन से अच्छा लाभ कमा सकते हैं। 

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किसानाें के लिए घाटे का सौदा साबित हुआ प्याज 

इस साल अप्रैल 2023 में बेमौसम बारिश ने नासिक जिले के कई हिस्सों में कहर बरपाया था। बारिश से नासिक जिले में कई एकड़ खेतों में लगी प्याज को नुकसान हुआ था, जिसमें तालुका के अमलोन, अभेती, खारदापाड़ा, शेवखंडी, आभेती, घनशेत, कुलवंडी आदि स्थानों में प्याज की खेती करने वाले किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा। जिला के पाथर्डी गांव के किसान दीपक पाटिल का कहना  कि अप्रैल 2023 में बेमौसम बारिश से 5 एकड़ खेतों में लगी प्याज को नुकसान हुआ है। उस वक्त उन्हें लगभग 250 क्विंटल प्याज खराब होने के कारण फेंकना पड़ा, बाकी प्याज उन्होंने स्टोर कर लिया और कुछ बेच दिया लेकिन 500 से 1000 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिला, जो घाटे का सौदा था। बता दें कि नासिक जिले में खरीफ प्याज की खेती होती है, जिसकी नर्सरी की प्रैक्टिस बारिश के बाद जून-जुलाई में लगाई जाती है। सितंबर से यह प्याज कृषि उपज बाजार में आना शुरू हो जाता है। लेकिन इस बाद प्याज की बहुत कम बुवाई हुई है। यहां उल्लेखनीय है कि देश के प्याज उत्पादक राज्यों में महाराष्ट्र सर्वोच्च स्थान पर आता है। महाराष्ट्र के नासिक जिले में सर्वाधिक प्याज का उत्पादन होता है। नासिक में उत्पादित प्याज का अधिकतर विदेशों में एक्सपोर्ट किया जाता है। 

अनिश्चितकालीन हड़ताल पर प्याज व्यापारी

प्याज की बढ़ती कीमतों को काबू में लाने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने प्याज निर्यात पर 40 प्रतिशत की ड्यूटी और सरकारी एजेंसियां - एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (NAFED) और नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NCCF) द्वारा प्याज एपीएमसी बाजार में रियायती दरों पर बफर स्टॉक बेचने के विरोध में नासिक जिले के 15 कृषि उपज बाजार समिति (एपीएमसी) के प्याज व्यापारियों ने हड़ताल पर जाने की घोषणा की थी। हड़ताल को 8 दिन हो चुके हैं। किसान और व्यापारियों का यह कहना है वे यह भी नहीं चाहते कि सरकारी एजेंसियां- नेफेड और एनसीसीएफ अपने बफर स्टॉक वाले प्याज को देश के थोक बाजार में तब तक बेचें, जब तक कि प्याज की औसत थोकभाव 6 हजार रूपए प्रति क्विंटल तक नहीं पहुंच जाएं। नासिक जिला प्याज व्यापारी संघ (एनडीओटीए) के पदाधिकारियों ने कहा कि वे प्याज पर निर्यात शुल्क 40 प्रतिशत तक बढ़ाने के बाद से प्याज के किसान नाराज है। किसानों ने कहा है कि अगर केंद्र प्याज पर भारी निर्यात शुल्क का फैसला वापस नहीं लेती है, तो वे आंदोलन करेंगे। पदाधिकारियों ने कहा कि व्यापारियों द्वारा उठाई गई मांगों में प्याज पर निर्यात शुल्क रद्द करना, कृषि उपज बाजार शुल्क में 50 प्रतिशत की कटौती, नीलामी में नेफेड और एनसीसीएफ की भागीदारी और प्याज के परिवहन में 50 प्रतिशत सब्सिडी शामिल है।

मुख्यमंत्री और विपणन मंत्री को दिया ज्ञापन

महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ के अध्यक्ष भरत दिघोले ने कहा कि प्याज व्यापारियों ने 20 सितंबर से महाराष्ट्र के नासिक जिले में सभी कृषि उपज बाजार समितियों में प्याज की नीलामी निलंबित कर दी है। प्याज व्यापारी संघ के एक पदाधिकारी ने कहा कि व्यापारी प्याज पर निर्यात शुल्क 40 प्रतिशत तक बढ़ाने के केंद्र सरकार के फैसले का विरोध कर रहे हैं। यह विरोध अनिश्चित काल तक जारी रहेगा। इससे खुदरा बाजारों में प्याज की कमी होने और कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका बढ़ गई है। नासिक जिले के प्याज व्यापारियों की मांगों को व्यापारी संघ ने एक ज्ञापन के जरिए मुख्यमंत्री और विपणन मंत्री को दे दिया है। हालांकि, नासिक जिलाधिकारी और मार्केटिंग बोर्ड ने सभी कृषि उपज मंडी को निर्देश दे दिया है कि जो प्याज व्यापारी नीलामी में नहीं आए, उनका लाइसेंस रद्द कर दिया जाए। साथ उनके स्थान पर नए व्यापारियों को लाइसेंस मुहैया कराए जाएं।

करोड़ रुपए की प्याज की नीलामी प्रभावित 

प्याज उत्पादक संघ के अध्यक्ष भरत दिघोले ने कहा कि प्याज निर्यात शुल्क बढ़ोतरी के फैसले के विरोध में, जिले के सभी प्याज एपीएमसी में प्याज की नीलामी अनिश्चित काल के लिए रोक दी गई है। केंद्र सरकार ने ऐसे समय में प्याज पर निर्यात ड्यूटी शुल्क में बढ़ोतरी की है, जब कृषि उपज बाजार समितियों में प्याज के औसत थोक भाव 2100 रुपए प्रति क्विंट से कम है। केंद्र के निर्यात शुल्क बढ़ोतरी के फैसले से न केवल प्याज का निर्यात मुश्किल हो रहा, बल्कि इसका असर उस प्याज पर भी हो रहा है, जो परिवहन में है। फिलहाल, नासिक जिले में प्रतिदिन करीब एक से डेढ़ लाख क्विंटल प्याज की आवक से औसतन 20 से 25 करोड़ रुपए की नीलामी प्रभावित हो रही है। लगातार प्याज की नीलामी बंद होने से अनुमानित 125 करोड़ रुपए से अधिक का प्याज कारोबार रुका हुआ है। इससे किसानों को भारी नुकसान होगा। इस बीच महाराष्ट्र के विपणन मंत्री अब्दुल सत्तार ने कहा कि सहकारिता और विपणन विभागों के सचिव नियमों के अनुसार की जाने वाली कार्रवाई पर चर्चा करेंगे और नासिक जिला कलेक्टर द्वारा आवश्यक कार्यवाई की जाएगी।

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