गर्मियों में किसान व्यापक स्तर पर सब्जियों का उत्पादन करना पसन्द करते हैं। बहुत सारे सब्जी उत्पादक किसान हैं, जो पारंपरिक अनाज की खेती से हटकर, सब्जियों की खेती बड़े पैमाने पर कर रहे हैं। इससे उनकी आय में भी काफी अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बता दें कि केंद्र सरकार हो अथवा राज्य सरकारें सभी किसानों को मार्केट मांग के अनुरूप खेती करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं और इसके लिए किसानों को अनुदान भी दे रहे हैं। इसी क्रम में गन्नौर के किसानों के लिए मुख्यमंत्री ने बड़ा तोहफा दिया है। राज्य सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी का उद्घाटन करते हुए 2600 करोड़ रुपए के विकास कार्य की घोषणा की। इससे मंडी के किसानों को काफी फायदा होगा। इसके अलावा सब्जी उत्पादक किसानों को प्रोत्साहन के लिए प्रति वर्ष 5000 रुपए प्रति एकड़ से अनुदान भी दिए जाएंगे।
ट्रैक्टर गुरु के इस पोस्ट में हम सब्जी उत्पादक किसानों को अनुदान के बारे में, लाभ, आवश्यक दस्तावेज, पात्रता शर्तें और आवेदन प्रक्रिया आदि के बारे में जानकारी दे रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी का उद्घाटन करने पहुंचे हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने घोषणा की, कि दिल्ली से जम्मू कश्मीर तक किसानों को इस मंडी का लाभ मिलेगा। गन्नौर के किसान को सब्जियों और फलों की व्यापक खेती का सुझाव देते हुए कहा कि जो किसान गन्नौर में सब्जियों और फलों की खेती करेंगे उन्हें 5000 रुपए प्रति एकड़ की सहायता सरकार की ओर से दी जाएगी। इससे मंडी के किसानों को लाभ होगा। इस योजना का लाभ सोनीपत के गन्नौर के किसानों को मिलेगा।
2600 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट से किसानों को काफी फायदा होगा। वर्तमान में गन्नौर में कुल 3000 एकड़ में सब्जी की खेती होती है, लेकिन सरकार सब्जी और फल की खेती को काफी प्रोत्साहित कर रही है। मंडी में किसानों को उनकी फसल का उचित रेट मिल सकेगा। हरियाणा के कृषि एवं कल्याण मंत्री जय प्रकाश दलाल ने कहा कि इससे किसानों की जीवनदशा में बहुत हद तक सुधार हो पाएगा।
गन्नौर से सब्जियों की सप्लाई बढ़ाई जाएगी। इसके लिए ट्रांसपोर्टेशन रूट विकसित करने का भी प्रस्ताव है। मुख्यमंत्री ने कहा, गन्नौर से सब्जियों को बाहर भेजने के लिए अलग से रेलवे स्टेशन को जोड़ा जाएगा। या फिर नए रेलवे स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। अच्छी ट्रांसपोर्टेशन की पूरी व्यवस्था सरकार करेगी।
अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कई परियोजनाओं की आधारशिला रखी। जिसके लिए 55 करोड़ रुपयों की संभावित लागत है। 495 लाख रुपए की लागत से भिवानी में सब्जी मार्केट का निर्माण होगा। करीब 1204 लाख रुपए से भिवानी में ही नई अनाज मंडी का निर्माण किया जाएगा। करीब 894 लाख रुपए की लागत से करनाल के ख़रीद केंद्र विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा 2481 लाख रुपए का उपयोग सब्जी, अनाज और लक्कड़ मंडी के विकास के लिए किया किया जाएगा।
हरियाणा सरकार, गन्नौर की इस मंडी को एशिया की सबसे बड़ी मंडी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इन परियोजनाओं के माध्यम से सरकार ने अपने बहु आयामी लक्ष्य निर्धारित किए हैं। उत्तर भारत के खरीदारों और विक्रेताओं को यह मंडी अच्छे से जोड़ सकती है। गन्नौर के किसान सब्जियों और फलों के उत्पादन को नई आशा से देख रहे हैं। मुख्यमंत्री का मानना है कि किसान अपने उत्पादन से ही इस मंडी को भव्य बना सकते हैं। उम्मीद है कि यह एशिया का सबसे बड़ा मंडी बनकर उभरेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि 3 हजार करोड़ रुपयों की लागत से कार्यों को विस्तार दिया जाएगा। 2600 करोड़ रुपए के टेंडर को 2 वर्षों के भीतर ही पूरा किया जाएगा।
सब्जी की खेती किसानों के लिए काफी लाभप्रद होती है। किसान आसानी से सब्जी का उत्पादन कर उसे नकदी में बेच पाते हैं। इससे अच्छी आमदनी हो जाती है। सरकार के इस प्रयास से उम्मीद है कि गन्नौर के किसान अपनी फसलों का और भी अच्छी कीमत पाएंगे। सब्जी के उत्पादन को भी बढ़ा पाएंगे। अगले साल से किसानों को प्रति एकड़ सब्जियों के उत्पादन पर 5000 रुपए प्रोत्साहन के तौर पर मिलेंगे। ये सब्सिडी 2024 से अगले 3 तीन सालों के लिए मिलेगी।
सब्जी की खेती पर मिलने वाले अनुदान के लिए कुछ पात्रता शर्तें इस प्रकार है।
सब्जी की खेती पर मिलने वाले अनुदान के लिए कुछ सामान्य दस्तावेजों का होना अनिवार्य है। ये दस्तावेज इस प्रकार हैं।
इस योजना में आवेदन की शुरुआत वर्ष 2024 से होगी। योजना का क्रियान्वयन 2024 से 2027 तक किया जाएगा। आवेदन से संबंधित कोई भी अपडेट आने पर ट्रैक्टर गुरु पर सबसे पहले सूचित किया जाएगा।
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