Supplementary Budget : गन्ना किसानों को कठिनाईयों का सामना न करना पड़े, इसके लिए केंद्र सरकार एवं राज्यों की सरकारों द्वारा कई प्रयास किए जाते हैं। गन्ने की कीमतों में वृद्धि से लेकर चीनी मिलों को उत्पादन बेचने तक के लिए सरकार द्वारा कई किसान हित में कार्य किए जा रहे हैं। गन्ना किसानों को अधिक आर्थिक सुरक्षा देने एवं गन्ने के उत्पादन क्षेत्र में उनका उत्साह बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस बीच देश के सबसे बड़े गन्ना उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए राहत भरी खबर है।
उत्तर प्रदेश की सहकारी चीनी मिलों से जुड़े गन्ना किसानों को चालू पेराई सत्र का बकाया भुगतान करने के लिए योगी सरकार ने सहकारी चीनी मिल्स संघ लिमिटेड (UPCS FFL) को गन्ना पेराई सत्र 2023-24 के गन्ना मूल्य भुगतान के लिए 400 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की है। यूपी सहकारी चीनी मिल्स संघ को यह वित्तीय राशि दस साल के लिए ऋण के तौर पर जारी की गई है। इस वित्तीय राशि पर चौदह प्रतिशत वार्षिक ब्याज लागू होगा। बकाया राशि का भुगतान होने से किसानों को अधिक आर्थिक सुरक्षा मिलेगी, जिससे वे अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने में अधिक सक्षम हो पाएंगे।
सरकार ने अपने अनुपूरक बजट में इस धनराशि का किया था प्रावधान
प्रदेश में चालू गन्ना पेराई सत्र का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान किसानों को समय से करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल ने अपने अनुपूरक बजट 2023-24 में उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स संघ लिमिटेड को गन्ना पेराई सत्र 2023-24 के लिए 400 करोड़ रुपए का प्रावधान किया था। इस राशि के प्रस्ताव को विधानमंडल में सरकार की तरफ से स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। सहकारी चीनी मिल्स संघ को यह राशि 10 साल के लिए ऋण के रूप में 14 प्रतिशत वार्षिक ब्याज पर दी गई है। इससे अब प्रदेश की सहकारी चीनी मिलों से जुड़े गन्ना उत्पादक किसानों को चालू पेराई सत्र का गन्ना मूल्य भुगतान अब और भी तेजी से होगा। वहीं, दूसरी ओर प्रदेश के छोटे गन्ना किसानों के हितों का ख्याल रखते हुए प्रदेश सरकार ने गन्ना सट्टा एवं आपूर्ति नीति में परिवर्तन करते हुए लगभग 10.74 लाख पंजीकृत छोटे किसानों को पहले गन्ना आपूर्ति करने की विशेष प्राथमिकता प्रदान की है।
किसानों के खाते में जमा कराए 15 करोड़ रुपए
प्रदेश के सहारनपुर में नगर की किसान सहकारी चीनी मिल में किसानों का चालू पेराई सत्र का 15 करोड़ रुपए का बकाया गन्ना भुगतान उनके खाते में जमा करा दिया गया है। नगर की किसान सहकारी चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक गुलशन कुमार पीसीएस ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि क्षेत्र के 11702 किसानों का 14 दिन के भीतर 15 करोड़ रुपए का गन्ना मूल्य भुगतान उनके खातों में भिजवा दिया गया है। बकाया भुगतान की प्रक्रिया निरंतर चलती रहेगी। उन्होंने किसानों से साफ, सुथरा और पत्ती, अगोला, जड़ तथा मिट्टी रहित गन्ने उत्पादन की आपूर्ति सुनिश्चित करने की अपील की है। उत्तर प्रदेश के गन्ना विकास विभाग द्वारा पेराई सत्र 2023-24 में छोटे किसानों को प्राथमिकता देते हुए 60 क्विंटल की जगह 72 क्विंटल के सट्टा धारकों को छोटे कृषक का दर्जा दिया है। इससे छोटे गन्ना किसानों को पहले गन्ना आपूर्ति का मौक़ा मिल रहा है । गन्ना किसानों को गन्ना आपूर्ति के लिए पर्ची की समस्या से नहीं जूझना पड़े इसके लिए प्रदेश सरकार ने राज्य की चीनी मिलों में एक साथ 1,424 लाख क्विंटल अतिरिक्त सट्टे की सुविधा ऑनलाइन प्रदान की है।
चीनी मिल में बैंक खाते की जानकारी दर्ज कराने की अपील
गन्ना किसानों को चालू पेराई सत्र का गन्ना मूल्य भुगतान तेजी से कराया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के बहराइच में केसरगंज के पारले चीनी मिल परसेण्डी के गन्ना प्रबंधक जगतार सिंह ने कहा है कि 13 दिसंबर तक पेरे गए समस्त गन्ने का भुगतान किसानों के बैंक खाते में भिजवा दिया गया है। किसान अपना भुगतान का पैसा खातों में जांच कर सकते हैं। जिन किसानों के बैंक खाते चीनी मिल में दर्ज नहीं है ऐसे किसानों से अपील करते हुए उन्होंने कहा है कि वह जल्द से जल्द अपना बैंक खाता चीनी मिल के गन्ना कार्यालय या चीनी मिल के सुपरवाइजर को उपलब्ध कराए और अपना गन्ना मूल्य का भुगतान समय से प्राप्त करें। बता दें कि उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने गन्ना किसानों के हित की सुरक्षा करने के लिए उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स संघ को चीनी मिलों के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए 400 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। पेराई सत्र 2022-23 के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए 50 करोड़ रुपए और चालू पेराई सत्र 2023-24 के गन्ना मूल्य भुगतान हेतु उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम की चीनी मिलों के लिए 100 करोड़ का इंतजाम किया गया है।
गन्ना किसानों के लिए निर्धारत एसएपी मूल्य
गन्ने के उत्पादन से किसानों को अधिक मुनाफा मिले, इसके लिए सरकार गन्ने की कीमतों में समय-समय पर वृद्धि करती है । गन्ने की कीमत बढ़ाने से किसानों की आमदनी में वृद्धि होती है, इसके साथ उन्हें अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त आर्थिक मदद मिलती है। पंजाब में किसानों को गन्ना मूल्य 391 रुपए प्रति क्विंटल दिया जा रहा है। वहीं, हरियाणा सरकार की ओर से राज्य में 386 रुपए प्रति क्विंटल मूल्य गन्ना किसानों को दिया जा रहा है। वहीं, उत्तर प्रदेश में किसानों को अगेती प्रजाति के लिए 350 रुपए प्रति क्विंटल, सामान्य प्रजाति के लिए 340 रुपए प्रति क्विंटल व अन्य रिजेक्ट प्रजाति के 335 रुपए प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य का भुगतान सरकार द्वारा किया जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा गन्ने के मूल्य पर 25 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी करने की तैयारी चल रही है ऐसे में अगर सरकार गन्ने का मूल्य बढ़ती है, तो गन्ना किसानों को 375 प्रति क्विंटल तक गन्ना के लिए एसएपी मूल्य यानी गन्ने का राज्य अनुशंसित मूल्य मिल सकता है।
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