ट्रैक्टर समाचार सरकारी योजना समाचार कृषि समाचार कृषि मशीनरी समाचार मौसम समाचार कृषि व्यापार समाचार सामाजिक समाचार सक्सेस स्टोरी समाचार

पीएम किसान एआई चैटबॉट लॉन्च, किसानों को मिलेगा हर सवाल का जवाब

पीएम किसान एआई चैटबॉट लॉन्च, किसानों को मिलेगा हर सवाल का जवाब
पोस्ट -23 सितम्बर 2023 शेयर पोस्ट

पीएम किसान एआई चैटबॉट अभी 5 भाषाओं में लॉन्च, भविष्य में 22 भाषाओं में मिलेगी जानकारी

PM Kisan AI Chatbot :  प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (Prime Minister Kisan Samman Nidhi) योजना के लिए एआई-चैटबॉट (AI Chatbot) लॉन्च हुआ है। जिसके माध्यम से पीएम किसान सम्मान निधि की पहुंच में वृद्धि होगी और किसानों को उनके सवालों का फटाफट और सटीक जवाब मिलेगा।

New Holland Tractor

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने 21 सितंबर 2023 को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM KISAN) के लिए पीएम किसान एआई चैटबॉट लॉन्च किया। यह कृषि क्षेत्र को तकनीक के साथ जोड़ने की दिशा में एक महत्वूपर्ण कदम है। एआई चैटबॉट (AI chatbot) का लॉन्च पीएम-किसान सम्मान निधि योजना की पहुंच बढ़ाने और किसानों को उनके सवालों का फटाफट, स्पष्ट और सटीक उत्तर प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। राज्य मंत्री कैलाश चौधरी (Minister of State Kailash Chaudhary) ने इस दौरान कहा कि कृषि मंत्रालय (Ministry of Agriculture) ने अलग-अलग भाषाओं में एआई चैटबॉट के माध्यम से किसानों की समस्याओं का समाधान एक ही स्थान पर स्मार्ट फोन के माध्यम से हल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण काम किया है। यह कदम किसानों के जीवन में बहुत बड़ा परिवर्तन लाने वाला साबित होगा। 

मील का पत्थर साबित होगी यह पहल

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया है और आज शुरू की गई यह पहल इसमें मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि आज कृषि क्षेत्र में तकनीक के उपयोग का ही प्रभाव है कि किसान ड्रोन के माध्यम से खेती कर रहा है। जिसके कारण युवा भी कृषि की ओर आकर्षित हो रहे हैं। इसी के चलते देश में कृषि क्षेत्र में नए-नए स्टार्ट-अप शुरू हो रहे हैं। 

एआई चैटबॉट प्रयोग के लिए किसानों को प्रशिक्षण 

इस दौरान केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री ने राज्य के अधिकारियों से कहा कि वे किसानों को एआई चैटबॉट के प्रयोग के लिए प्रशिक्षण प्रदान करें, उचित निगरानी रखें और इसके इस्तेमाल के प्रारंभिक दौर में आने वाली समस्याओं का तुरंत प्रभाव से समाधान करें। उन्होंने इस पहल को मौसम की जानकारी, फसल नुकसान व मृदा की स्थिति की जानकारी देने, बैंक पेमेंट आदि से जोड़ने की बात पर बल दिया।

22 भाषाओं में उपलब्ध होगा एआई चैटबॉट

राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने पीएम किसान ऐप में बहुत कम समय में इस तकनीक को शामिल करने के लिए मंत्रालय के अधिकारियों की सराहना की और कहा कि इससे केंद्र और राज्यों के कृषि अधिकारियों के ऊपर काम का बोझ कम हो जाएगा। उन्होंने कहा कि पीएम किसान मोबाइल ऐप (PM Kisan Mobile App) के माध्यम से सुलभ एआई चैटबॉट को भाषिनी के साथ एकीकृत किया गया है, जो पीएम किसान लाभार्थियों की भाषाई और क्षेत्रीय विविधता को पूरा करते हुए बहुभाषी समर्थन प्रदान करता है। फिलहाल, एआई चैटबॉट में अंग्रेजी, हिंदी, बंगाली, उडि़या और तमिल भाषा उपलब्ध है, जल्द ही यह देश की सभी 22 भाषाओं में उपलब्ध होगा। आधुनिक तकनीक के इस एकीकरण से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि किसानों को सूचित फैसले लेने में भी सशक्त बनाया जाएगा। 

पीएम-किसान योजना से संबंधित अपडेट जानकारी मिलेगी

राज्य मंत्री ने कहा कि यह केंद्र सरकार की प्रमुख फ्लैगशिप योजना के साथ एकीकृत पहला एआई चैटबॉट है। एआई चैटबॉट के माध्यम से देशभर के किसानों को निर्बाध सहायता और समर्थन प्रदान किया जाएगा। पीएम -किसान योजना की जानकारी तक पहुंचने और शिकायतों को हल करने में किसानों के सामने आने वाली चुनौतियों को पहचानते हुए, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने पीएम किसान के लिए एआई चैटबॉट पेश करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया। इस चैटबॉट को ईकेस्टेप फाउंडेशन और भाषिनी के सहयोग से विकसित और बेहतर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा पीएम-किसान शिकायत प्रबंधन प्रणाली में एआई चैटबॉट लॉन्च करने का उद्देश्य किसानों को यूजर फ्रेंडली और सुलभ प्लेटफॉर्म के साथ सशक्त बनाना है। एआई चैटबॉट किसानों को उनके आवेदन की स्थिति, भुगतान विवरण, अपात्रता की स्थिति और अन्य योजना-संबंधित अपडेट की जानकारी प्राप्त करने में सहायता करेगा।    

Website - TractorGuru.in
Instagram - https://bit.ly/3wcqzqM
FaceBook - https://bit.ly/3KUyG0y

Call Back Button

क्विक लिंक

लोकप्रिय ट्रैक्टर ब्रांड

सर्वाधिक खोजे गए ट्रैक्टर