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गोवंश पालकों को मिलेंगे 18 हजार रुपए, हर महीने पैसा पाने के लिए उठाएं ये कदम

गोवंश पालकों को मिलेंगे 18 हजार रुपए, हर महीने पैसा पाने के लिए उठाएं ये कदम
पोस्ट -27 सितम्बर 2023 शेयर पोस्ट

मुख्यमंत्री सहभागिता योजना : गायों के पालन पोषण के लिए सरकार से मिलेंगे 18000 रुपए, यहाँ करें आवेदन 

अगर आप किसान हैं और आप गोवंश का पालते हैं तो आपके लिए एक अच्छी खबर है। सरकार की एक खास याेजना के तहत आपको गोवंश के पालन पोषण के लिए 18 हजार रुपए की आर्थिक मदद मिलेगी। इसके अलावा यदि आपके पास कृषि योग्य भूमि है और वर्तमान में आपके पास गोवंश नहीं है तो आपको सरकार गोवंश भी उपलब्ध कराएगी। सरकार की इस खास योजना का लाभ अक्टूबर 2023 से मिलना शुरू हाे जाएगा। सरकार का उद्देश्य निराश्रित और बेसहारा गोवंश को संरक्षण प्रदान कर गांव-गांव में किसानों को गोवंश पशुपालक बनाना और उनकी आमदनी में वृद्धि करना है।

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मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना क्या है?‌

Chief Minister Sahabhagita yojana : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेश में घूम रहे निराश्रित और बेसहारा गोवंश के संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना संचालित की जा रही है। इसके तहत प्रदेश सरकार द्वारा निराश्रित, बेसहारा गोवंश का पालन करने वाले पशुपालकों एवं किसानों को 30 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु के हिसाब से दिए जाते हैं। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बेसहारा गोवंश के भरण-पोषण के लिए दी जाने वाली राशि को 30 रुपए प्रतिदिन से बढ़ाकर 50 रुपए प्रतिदिन प्रति पशु कर दिया है। बेसहारा पशुओं की देखभाल करने वाले पशुपालकों को बढ़ी हुई राशि अगले माह यानी अक्टूबर से मिलने लगेगी। इसके लिए पशुपालन विभाग ने सभी विभागीय औपचारिकताएं पूरी कर ली है। आईए, इस पोस्ट की मदद से इस पूरी न्यूज के बारे में विस्तापूर्वक जानते हैं। 

सरकार अगले माह से उपलब्ध कराएगी 1500 रुपए प्रति माह

पशुपालन निदेशक डॉ. अरुण कुमार जादौन ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार निराश्रित, बेसहारा गोवंश के संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री निराश्रित/बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना चला रही है। इसके तहत बेसहारा गोवंश को पालने के लिए सरकार प्रतिदिन 30 रुपए प्रति पशु देती है यानी पशुओं की देखभाल करने पर पशुपालकों हर महीने 900 और साल में 10 हजार 800 रुपए की आर्थिक सहायता देती है। लेकिन अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने इस योजना के तहत दी जाने वाली अनुदान राशि को बढ़ा दिया है। अब इस योजना के तहत गोवंश के लालन-पालन के लिए सरकार प्रतिदिन 50 रुपए यानी 1500 रुपए महीना और साल में 18000 रुपए की राशि अनुदान के रूप में देगी। आवारा मवेशियों की देखभाल पर मिलने वाली यह राशि पशुपालकों को अगले महीने अक्टूबर से दी जाएगी। बता दें कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में बेसहारा/निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण के लिए प्रतिदिन मुहैया कराई जाने वाली राशि में वृद्धि की घोषणा की थी।

बेसहारा/आवारा गाय या बैल को पालने पर मिलेगा योजना लाभ

बता दें कि वर्ष 2012 की पशुगणना के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 205.66 लाख गोवंश थे। जिसमें लगभग 12 लाख गोवंश निराश्रित या बेसहारा थे। जिन्हें आश्रय प्रदान करने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 6 अगस्त साल 20219 में मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना (Chief Minister Destitute Cow Dynasty sahabhagita Scheme) को मंजूरी दी थी। जिसके तहत अगर कोई व्यक्ति किसी बेसहारा या आवारा गाय या बैल को पालता है, तो उस व्यक्ति को प्रति पशु कुछ सहायता राशि सरकार द्वारा प्रदान करने का प्रावधान किया गया था। यह राशि उक्त व्यक्ति को तीन महीने में एक साथ प्रदान की जाती है। बाद में तीन महीने में भुगतान का प्रावधान खत्म कर हर महीने भुगतान का प्रावधान सरकार द्वारा किया गया। इस योजना के तहत प्रदेश में 69377 परिवारों को 135195 गोवंश और पोषण मिशन के तहत 2023 परिवारों को 2453 गोवंश सुपुर्द किए गए हैं। वहीं, प्रदेश के 6901 गो आश्रय स्थलों में 11.83 लाख गोवंश संरक्षित हैं। 

पशुपालकों को दिए जा चुके हैं 1875.51 करोड़ रुपए

इन सभी को अब तक मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना (Chief Minister Destitute Cow Dynasty Participation Scheme) के तहत एक गोवंश (cattle progeny) पालने के एवज में 900 रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण के लिए मुहैया करवाए जाते हैं, राज्य सरकार अगले महीने अक्टूबर से अब इन्हें 1500 रुपये प्रतिमाह यानी एक साल में 18 हजार रुपए उपलब्ध कराएगी। निराश्रित, बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना के तहत बेसहारा या निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण के लिए वर्ष 2019 से अब तक 1875.51 करोड़ रुपए की राशि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा पशुपालकों को अनुदान के रूप में दिए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के लाभार्थी

  • मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के तहत आवारा और निराश्रित गोवंश को पालने के इच्छुक किसान या पशुपालकों को सरकार द्वारा प्रति गोवंश के लिए हर माह 1500 रुपए मुहैया करवाया जाएगा। पहले यह राशि 900 रुपए प्रति महीना प्रति पशु थी। 
  • यूपी सरकार की इस योजना का लाभ केवल राज्य के मूल निवासी नागरिक ही ले सकते हैं। 
  • इस योजना के तहत वहीं व्यक्ति पात्र होंगे, जिनके पास गोवंश को रखने की उचित व्यवस्था होगी तथा उसके पास चारा उगाने के लिए खेती योग्य भूमि और गोवंश के पालन पोषण का अनुभव होगा। 
  • योजना के तहत प्रति व्यक्ति को केवल 4 गोवंश ही उपलब्ध करवाए जाएंगे। योजना में शामिल होने के बाद जन्मे बछड़े की गणना नहीं की जाएगी यानी गाय और उसकी दूध पीती बछिया या बछड़े को एक ही माना जाएगा।

आवेदक के पास आधार कार्ड से लिंक बैंक खाता जरूरी

इस योजना के अंतर्गत दुग्ध समितियों से जुड़े डेयरी संचालकों एवं पशुपालकों को प्राथमिकता दी जाएगी। इच्छुक लाभार्थी चयन हेतु निर्धारित प्रारूप पर अपने आधार कार्ड/ वोटर कार्ड/राशन कार्ड एवं बैंक खाता पासबुक की फोटो कॉपी के साथ आवेदन करना होगा। आवेदन करने के लिए इच्छुक व्यक्ति अपने ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी एवं पशु चिकित्सा अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।

योजना का लाभ लेने के क्या करना होगा

मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के तहत अगर आप लाभ लेना चाहते है, तो इसके लिए आप को ऑफलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए आपको अपने जिला के जिलाधिकारी या मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से संपर्क कर मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना में पशुओं के पालन के लिए आवेदन करना होगा। क्योंकि यूपी सरकार की इस योजना में फिलहाल, आवेदन करने के लिए कोई भी ऑनलाइन प्रक्रिया उपलब्ध नहीं है। सरकार द्वारा आवेदन की जिम्मेदारी प्रत्येक जिले के जिलाधिकारी और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को दी गई है। 

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