पीएम किसान मानधन पेंशन योजना : किसानों को सालाना 36 हजार रुपए देगी केंद्र सरकार
किसानों को इस योजना के तहत सालाना मिलेगा 36 हजार रुपए का लाभ, बस करने होंगे ये कम
PM Kisan Mandhan Yojana : देश में छोटे और सीमांत किसानों को वृद्धावस्था में सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना चलाई जा रही है। इस योजना के माध्यम से किसानों को वृद्धावस्था में बिना किसी आर्थिक परेशानी के आराम से जीवनयापन करने के लिए सरकार द्वारा पेंशन राशि दी जाती है। पीएम किसान मानधन योजना (PMKMY) के तहत केंद्र सरकार लाभार्थी किसानों के बैंक खाते में सालाना 36 हजार रुपए की पेंशन देती है। हालांकि इसके लिए लाभार्थियों को हर महीने प्रीमियम देना होता है। केन्द्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा है कि प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना के तहत अब तक कुल 23.38 लाख किसानों का नामांकन हो चुका है। इस केंद्रीय योजना में यह प्रावधान है कि आवेदन करने वाले किसानों की आयु जब 60 वर्ष या इससे पास हो जाती है, तो उन्हें 3000 रुपए प्रति माह या 36 हजार रुपए की वार्षिक राशि पेंशन के तौर पर मिलना शुरू हो जाती है।
प्रधानमंत्री मानधन पेंशन योजना (PM-KMY)
उल्लेखनीय है कि किसानों के लिए प्रधानमंत्री मानधन पेंशन योजना (PM Kisan Mandhan Yojana) की शुरुआत सितम्बर 2019 में हुई थी। इस पेंशन योजना का उद्देश्य छोटे एवं सीमांत किसानों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा वृद्धावस्था में संरक्षण देना है। इस योजना की गाइड लाइन के अनुसार योजना में लाभार्थी किसानों द्वारा जितना योगदान दिया जाएगा उतना ही योगदान केन्द्र सरकार द्वारा दिया जाता है। इस योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को सरकार द्वारा 60 साल की आयु के बाद 3 हजार रुपए की मासिक पेंशन देकर आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना का मुख्य उद्देश्य देश के किसानों को बुढ़ापे में आत्मनिर्भर बनाना, भूमिहीन किसानों को सशक्त बनाना, किसानों का विकास करना और उन्हें मजबूत बनाना आदि है
किसानों को जमा कराना होता है प्रीमियम
मालूम हो कि यह पेंशन योजना एक स्वैच्छिक योजना है, जिसमें 18 से 40 वर्ष तक के किसान शामिल हो सकते हैं। किसान मानधन पेंशन योजना के अंतर्गत आवेदन करने वाले लाभार्थियों को हर महीने प्रीमियम भी जमा करना होता है। किसानों को यह योगदान 60 वर्ष की आयु तक करना पड़ता है। उसके बाद किसान इस योजना में पेंशन का लाभ उठा सकते हैं। इस पेंशन योजना के अंतर्गत 18 वर्ष की आयु वाले किसान को हर महीने 55 रूपए और 40 वर्ष की आयु वाले लाभार्थियों को 200 रुपए के प्रीमियम का भुगतान करना होगा। किसान मानधन पेंशन योजना के अंतर्गत लाभार्थी किसान का बैंक खाता होना चाहिए और बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए, क्योंकि इस योजना के तहत दी जाने वाली पेंशन सीधे लाभार्थी के बैंक अकॉउंट में ट्रांसफर की जाती है। हालांकि, किसान प्रीमियम भुगतान करने का विकल्प बीच में छोड़ भी सकते हैं। एलआईसी (LIC) किसानों की मासिक प्रीमियम को प्रबंधित करता है। पेंशन योजना के लिए लाभार्थियों का नामांतरण सीएससी केंद्रों और राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है।
इस पेंशन योजना में 23 लाख से अधिक किसान करवा चुके हैं अपना नामांकन
केन्द्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने पिछले दिनों लोकसभा में कहा कि अब तक राष्ट्रीय स्तर पर 23 लाख 38 हजार 720 किसान इस पेंशन योजना के तहत अपना नामांकन करवा चुके हैं। इस योजना के अंतर्गत कर्नाटक में सर्वाधिक 41,683 किसानों ने पेंशन लाभ लेने के लिए अपना नामांकन किया है। कृषि मंत्री के कहा कि 31 जनवरी 2024 तक कर्नाटक में इस योजना के लाभार्थियों से कुल 10 करोड़ 78 लाख 51 हजार 700 रुपए की राशि एकत्र की गई और इतनी ही राशि केंद्र सरकार की ओर से भी जमा करवाई गई। उन्होंने कहा देश के अन्य राज्यों में भी किसान मानधन योजना के प्रति किसानों में आकर्षण बढ़ता जा रहा है क्योंकि इस योजना से भविष्य में उन्हें वित्तीय सुरक्षा प्राप्त होने का भरोसा है।
पीएम किसान मानधन योजना के मुख्य तथ्य
उल्लेखनीय है कि देश के किसानो को बुढ़ापे में आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से पीएम किसान मानधन योजना को लागू किया गया। इस योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानो को 60 वर्ष की आयु के बाद 3000 रूपये की मासिक पेंशन केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की जाती है। पीएम किसान मानधन योजना 2024 किसानों के लिए स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है। इस पेंशन योजना के अंतर्गत आवेदक की आयु 18 से 40 वर्ष होनी चाहिए। इस योजना के तहत पेंशन लाभ लेने के लिए लाभार्थियों को हर महीने प्रीमियम देना होगा। इस योजना के तहत भारतीय जीवन बीमा निगम नोडल एजेंसी की तरह कार्य करती है। अगर कोई पात्र किसान इस योजना को उसके द्वारा योजना में शामिल होने की तिथि से दस वर्ष से कम अवधि के भीतर निकालता है, तो उसके द्वारा केवल अंशदान का अंशदान देय ब्याज की बचत बैंक दर के साथ उसे वापस कर दिया जाएगा। यदि किसी पात्र ग्राहक ने नियमित योगदान दिया है तथा किसी कारण से उसकी मृत्यु हो गई है, तो उसका जीवनसाथी इस योजना के साथ नियमित रूप से योगदान करके भुगतान को जारी रखने का हकदार होगा।
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