pesticide spraying by Agriculture Drone : देश में धान, गेहूं समेत दलहन और तिलहन फसलों की खेती किसानों द्वारा की जाती है। लेकिन जलवायु परिवर्तन के कारण हर साल विभिन्न कीटों और रोगाें के प्रकोप के कारण लगभग 35 प्रतिशत तक फसल नष्ट हो जाती है, जिससे उत्पादन प्रभावित होता है और पैदावार कम होने से किसानों की आय में भी कमी होती है। इस समस्या से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें कृषि में ड्रोन के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। ड्रोन के इस्तेमाल से खेतों में लगी फसलों पर विभिन्न कीटनाशक दवाओं एवं पोषक खाद-उर्वरकों का छिड़काव कराया जाता है, ताकि किसानों की श्रम लागत में कमी आए और उनकी आय में बढ़ोतरी की जा सके। इस कड़ी में बिहार सरकार ने खेती में ड्रोन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए एक योजना चलाई है। इस योजना के तहत राज्य में फसलों पर ड्रोन से कीटनाशक व दवाओं का छिड़काव कराया जाएगा। ड्रोन से कीटनाशक छिड़काव योजना के तहत किसानों को ड्रोन से फसलों पर छिड़काव के लिए अधिकतम 2400 रुपए का अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए राज्य के इच्छुक किसानों को कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करना होगा।
बिहार कृषि प्रबंधन एवं विस्तार प्रशिक्षण संस्थान (BAMETI) के मुताबिक, पौधा संरक्षण कृषि विभाग द्वारा किसानों को अनुदानित दर पर ड्रोन से कीटनाशक छिड़काव की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। किसानों को ड्रोन से छिड़काव पर प्रति एकड़ 50 फीसदी अधिकतम 240 रुपए अनुदान देय होगा। योजना के तहत एक किसान को अधिकतम 10 एकड़ के लिए अनुदान देय होगा। यानी एक किसान को ड्रोन से फसलों पर कीटनाशक के छिड़काव के लिए अधिकतम 2400 रुपए की सब्सिडी मिलेगी।
कृषि विभाग के मुताबिक, ड्रोन से कीटनाशक दवाओं के छिड़काव की लागत 480 रुपए प्रति एकड़ तय की गई। योजना के तहत राज्य के रैयत और गैर रैयत दोनों प्रकार के किसानों को लाभ देय होगा। आवेदन के समय गैर रैयत किसानों को शपथ पत्र या पंचायत प्रतिनिधि से अनुशंसा पत्र देना होगा। ड्रोन से किसानों को कीटनाशक छिड़काव के लिए राज्य स्तर से चार ड्रोन सर्विस प्रोवाइडर का चयन किया गया है, जो अनुदानित दर पर खेत में खड़ी फसलों पर कीटनाशकों का छिड़काव करेंगे।
कृषि विभाग के मुताबिक, फसलों पर पारंपरिक तरीके से कीटनाशक के छिड़काव करने में किसानों को कई दुष्प्रभावों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, इसमें पानी, श्रम और पैसो की ज्यादा बर्बादी होती है और फसलों पर सही से छिड़काव भी नहीं हो पाता है। लेकिन ड्रोन के इस्तेमाल से किसान एक एकड़ खेत में 8 से 10 मिनट में कीटनाशक का छिड़काव मात्र 8 से 10 लीटर पानी के घोल में कर सकते हैं। ड्रोन (Drone) के इस्तेमाल से कीटनाशक के छिड़काव से किसानों की सेहत पर काई दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा। साथ ही कीटनाशक की बचत होती है और पूरी फसलों पर समान रूप से छिड़काव भी हो जाता है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, कृषि विभाग, बिहार सरकार पोर्टल पर पंजीकृत किसान ही इस योजना में लाभ के पात्र होंगे। ड्रोन से कीटनाशक के छिड़काव के लिए प्रत्येक जिले में एक-एक हजार एकड़ क्षेत्र का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
कृषि विभाग की जानकारी के अनुसार, राज्य में प्रत्येक फसल वर्ष कीटों, रोगों और खरपतवारों से किसानों की कई एकड़ में लगी फसलों को नुकसान होता है, जिससे उन्हें आर्थिक हानि तो होती ही है साथ ही राज्य की अर्थव्यवस्था पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। फसलों को होने वाले नुकसान को देखते हुए कृषि विभाग, बिहार सरकार ने पौधा सरंक्षण के लिए ड्रोन से कीटनाशक छिड़काव योजना लागू की है। इस योजना के तहत फसलों पर कीटनाशक का छिड़काव कराया जाएगा। यह छिड़काव ड्रोन सेवा प्रदाता कंपनियों के माध्यम से कराया जाएगा। कृषि विभाग द्वारा किसानों को ड्रोन से कीटनाशक के छिड़काव पर अनुदान दिया जाएगा। कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल dbtagriculture . bihar . gov . in पर पंजीकृत किसान सीधे ही पौधा संरक्षण संबंधित ड्रोन से कीटनाशक छिड़काव योजना https : // onlinedbtagriservice . bihar . gov . in /pp /index2 . html#abc में आवेदन कर सकते हैं। नए किसान डीबीटी पोर्टल पर अपने आधार कार्ड, जमीन का रकबा, फसल के प्रकार, जमीन की रसीद आदि दस्तावेज के साथ अपना पंजीकरण कर सकते हैं।
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