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बकरों की टॉप 5 नस्ल : भारी वजन के कारण बाजार में जबरदस्त मांग

बकरों की टॉप 5 नस्ल : भारी वजन के कारण बाजार में जबरदस्त मांग
पोस्ट -29 जून 2023 शेयर पोस्ट

इन नस्लों के बकरों की बाजार में जबरदस्त मांग, जानें कीमत और वजन की जानकारी

आज से कुछ दिन पश्चात यानि 29 जून 2023 को देशभर में कुर्बानी का पर्व बकरीद मनाया जाएगा। इससे देखते हुए बाजार में बड़े व भारी वजन के मोटे व स्वस्थ बकरों की काफी भारी मांग है। ऐसे में भेड़-बकरी पालन करने वाले पशुपालक के पास यदि कुछ खास नस्ल के बकरे हैं, तो वे उनसे हजारों-लाखों रूपए कमाई कर सकते हैं। आईए जानें कि बाजार में इन दिनों किस नस्ल के बकरों की मांग ज्यादा है। 

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बकरीद के अवसर पर बाजार में इस नस्ल के बकरों की जबरदस्त मांग, जानें पूरी जानकारी

कुर्बानी का पर्व बकरीद 29 जून को देशभर में मुस्लिमों समुदाय के लोगों द्वारा मनाया जाएगा। मुस्लिमों के लिए यह एक अहम त्योहार है। इस त्योहर पर इस्लाम को मानने वाले लोग बलिदान के तौर पर बकरों की कुर्बानी देते हैं। ऐसे में पिछले दिनों माह-ए-जिलहिज्ज के चांद के दीदार साथ ही बकरीद (ईद उल-अजहा) त्योहार का दिन तय किया जा चुका है। इसको लेकर तैयारियां जोरों पर है। बकरीद पर कुर्बानी के लिए बकरों की खरीद भी शुरू हो चुकी है। इन दिनों बाजारों में कुर्बानी के लिए बकरों को खरीदने का सिलसिला जारी है। हालांकि, बाजार में सामान्य नस्ल के बकरे वैसे तो सामान्य कीमत में मिल जाते हैं पर इन दिनों बाजार में कुछ विशेष नस्ल के बड़े व भारी वजन के मोटे और स्वस्थ बकरों की मांग काफी ज्यादा है। लोग ऐसे बकरों के लिए लाखों रुपए तक देने को तैयार हैं। ऐसे में अगर आप पशुपालक हैं और आपके पास इन खास नस्ल के बकरे हैं, तो इन्हें बेचकर आप इस वक्त जबरदस्त मुनाफा कमा सकते हैं। आइये, बाजार में अधिक मांग वाले इन बकरों के कुछ खास नस्लों के बारे में विस्तार से जानें। 

50 से 55 किलों वजन वाले बकरों की अधिक मांग

मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा बकरीद के दिन बकरे की कुर्बानी दी जाती है। ऐसे में मुस्लिमों द्वारा कुर्बानी के लिए बाजार में बड़े से बड़ा व मोटा ताजा बकरे जिनका वजन 50 से 55 किलोंग्राम तक हो उन्हें ज्यादा खरीदा जाता है। ऐसे में बाजारों में देश के राज्यों और शहरों से ऐसे कई नस्ल के बकरे बिक्री के लिए आते हैं, जिनका वजन 50 से 55 किलोग्राम तक होता है। लोग ऐसे बकरों को अपना बनाने के लिए इनकी मुंह मांगी कीमत भी देने को तैयार हो जाते हैं। इनमें गोहिलवाड़ी, जखराना, बरबरी, काली बंगाल, बीटल, बोअर आदि नस्ल के बकरों को खरीदना पसंद करते हैं। 

गोहिलवाड़ी नस्ल के बकरों की काफी डिमांड

बकरीद के लिए इन दिनों बाजारों में गोहिलवाड़ी नस्ल के बकरे की काफी ज्यादा मांग है। यह एक बहुउद्देशीय नस्ल है। इसका पालन दूध और मांस के लिए अधिक किया जाता है। यह गुजरात में भावनगर, अमरेली और जूनागढ़ जिले में सर्वाधिक पाली जाती है। इसके शरीर का आकार बड़ा होता है। इसके शरीर पर कोट का रंग काला और घने लंबे बालों से ढका हुआ होता है। इसके नाक की रेखा थोड़ी उत्तल होती है। कान ट्यूबलर और झुके हुए और सींग पीछे ओर थोड़े मुड़े हुए होते हैं। गोहिलवाड़ी नस्ल के बकरों का औसत वजन 45 से 50 किलोग्राम तक हो सकता है।  

जखराना नस्ल के बकरे की कीमत लाख रुपये से ऊपर 

राजस्थान के जखराना गांव से जानी जाने वाली जखराना नस्ल के बकरे की कीमत बाजार में इन दिनों करीब लाख रुपए से ऊपर है। इस नस्ल के बकरे की खासियत इनका शरीर का वजन है। इस नस्ल के बकरे का का वजन आमतौर पर 50 से 55 किलोग्राम तक पाया जाता है। लेकिन कई-कई बकरों का वजन 58 से 60 किलोग्राम तक भी होता है। भारत में इस नस्ल के बकरे का भाव हमेशा लाख रुपये से ऊपर होता है। इस नस्ल के बकरे के मुंह और कमर पर सफेद धब्बे होते हैं तथा शरीर का रंग काला होता है। 

बरबरी नस्ल के बकरों की काफी ज्यादा मांग 

आमतौर पर बाजार में 25 से 30 किलोग्राम तक के बरबरी नस्ल के बकरों की काफी ज्यादा मांग रहती है। इस नस्ल के बकरे सबसे ज्यादा बिक्री के लिए आते हैं। बकरीद में कुर्बानी के लिए इस नस्ल के बकरे लोगों द्वारा खूब पंसद किए जाते हैं। क्योंकि यह बाजार में आसानी से कम कीमतों पर मिल जाते हैं। बरबरी नस्ल के बकरे मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के एटा, अलीगढ़ और आगरा जैसे जिलों में पाए जाते हैं। इस नस्ल के बकरे के कान नली की तरह होते हैं। 

बीटल बकरी 

इस नस्ल के बकरे पंजाब के गुरुदासपुर, फिरोजपुर और अमृतसर के आसपास के क्षेत्र में पाए जाते हैं। इस नस्ल के बकरे के लंबे पैर, लंबे और पेंडुलस कान, छोटी और पतली पूंछ के साथ पीछे की ओर घुमावदार सींग होते हैं। इस नस्ल के वयस्क बकरे का वजन 50 से 60 किलोग्राम होता है और मादा बकरियों का वजन करीब 45 किलोग्राम होता है। बीटल बकरी भी मांसाहार के लिए बहुत लोकप्रिय और प्रसिद्ध है। बकरीद के दिनों में इसकी मांग काफी ज्यादा होती है। 

ब्लैक बंगाल नस्ल के बकरे 

ब्लैक बंगाल नस्ल के बकरे मूल रूप से बंगाल में पाए जाते है। इस नस्ल का पालन दक्षिण और पश्चिमी बंगाल, बिहार, झारखंड, असम, उड़ीसा, मेघालय और त्रिपुरा में मांस के लिए किया जाता है। ब्लैक बंगाल नस्ल की बकरियों की पहचान इसके काले रंग की होती है। लेकिन कुछ बकरियों का रंग मिश्रित भी  होता है। ब्लैक बंगाल नस्ल की बकरी का कद छोटा और शरीर गठीला और आगे से पीछे की ओर ज्यादा चौड़ा होता है। इसके कान छोटे, खड़े और सींग भी छोटे होते हैं। यह अन्य नस्लों की तुलना में कम बीमार होती है। इस नस्ल की वयस्क बकरे का आमतौर वजन 25 से 30 किलोग्राम और मादा का वजन 20 से 25 किलोग्राम तक पाया जाता है। ब्लैक बंगाल बकरियां की प्रजनन क्षमता काफी अच्छी होती है।

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