National Pest Surveillance System (NPSS) : कृषि को पहले से और आसान बनाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से कई प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए सरकार खेती-बाड़ी में डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा दे रही है, ताकि किसानों को इन तकनीकों से जोड़कर उन्हें सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पैदावार के लिए आधुनिक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। इसी कड़ी में देश के किसानों को राहत पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने एआई-आधारित नेशनल पेस्ट सर्विलांस सिस्टम (NPSS) की शुरूआत की है। इस प्रणाली के माध्यम से किसानों को फोन पर ही कीट नियंत्रण करने की सही और सटीक जानकारी लेने में मदद मिलेगी। किसान फोन पर सीधे कृषि वैज्ञानिकों से जुड़ेंगे और उन्हें कीट से संबंधित समस्याओं के समाधान की सटीक जानकारी देंगे।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद में नेशनल पेस्ट सर्विलांस सिस्टम (National Pest Surveillance System) लॉन्च कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि एनपीएसएस प्रणाली का उद्देश्य कीटनाशक खुदरा विक्रेताओं पर किसानों की निर्भरता को कम करना और कीट नियंत्रण एवं प्रबंधन के प्रति उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना है। एनपीएसएस (NPSS) किसानों और विशेषज्ञों को कीट नियंत्रण और प्रबंधन में मदद करने के लिए एआई उपकरणों का उपयोग करके कीटों पर नवीनतम डेटा विस्तार पूर्वक उपलब्ध करेगा।
कृषि मंत्रालय ने अपने जारी बयान में बताया कि इस सिस्टम में एक यूजर फ्रेंडली मोबाइल ऐप और एक वेब पोर्टल का इस्तेमाल किया गया है, जो आसानी से सभी किसानों तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा, केंद्र का प्रयास खेती में नए तकनीकी नवाचारों को किसानों तक ले जाना है। उन्होंने कहा, “कृषि के क्षेत्र में सभी नए विकास किसानों के लिए फायदेमंद होने चाहिए।” साथ ही कहा कि उपज बढ़ाना पीएम नरेंद्र मोदी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, “उत्पादकता बढ़ाने के लिए किसानों को बेहतर बीजों की आवश्यकता है। हमारे वैज्ञानिक इस दिशा में किसानों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
कृषि मंत्री शिवराह सिंह ने कहा कि अगर किसान कीटों के प्रकोप को प्रारंभिक अवस्था में ही जान लेते हैं तो उसका नियंत्रण और समाधान करने में उन्हें आसानी होती है। एनपीएसएस सिस्टम शुरुआत में ही कीट को पहचान कर उसे नियंत्रण और प्रबंधन करने में किसानों की मदद करेगी। इस तकनीक का लाभ किसानों को मिलना चाहिए।” उन्होंने कहा कि मंत्रालय वैज्ञानिकों और किसानों के बीच संपर्क को मजबूत करने के प्रयास करेगा। एनपीएसएस के जरिए करीब 14 करोड़ किसानों को मदद मिलेगी। इस तकनीक से वैज्ञानिकों को खेतों से पहुंचाने की तैयारी की गई है।
केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने कहा, एनपीएसएस के जरिए वैज्ञानिकों को खेतों से जोड़ने की तैयारी की गई है। किसान एनपीएसएस तकनीक का उपयोग करके संक्रमित फसलों या कीटों की तस्वीरें लेकर कृषि विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों के पास भेजेंगे, फिर उनसे नियंत्रण और प्रबंधन सलाह लेंगे। 'द हिंदू' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी ने बताया कि उचित और सही मात्रा में समय से कीटनाशक का उपयोग शुरू करना किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती रही है। एनपीएसएस सिस्टम से किसानों को इन चुनौतियों से छुटकारा मिलेगा। उन्होंने कहा, "यह तकनीकी प्रणाली कीटों की पहचान करने और उचित समय पर उन्हें नियंत्रित करने में मदद करेगी।
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