मोदी सरकार 3.0 : पीएम मोदी के जन्मदिन यानी 17 सिंतबर को वर्तमान सरकार के 100 दिन पूरे हो गए हैं। केंद्र सरकार ने तीसरे कार्यकाल के पहले 100 दिनों में कृषि उत्पादकता और निर्यात में सुधार पर ध्यान केंद्रित करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए और किसान-हितैषी नीतियां लागू की हैं। मोदी सरकार 3.0 के पिछले 100 दिनों के कार्यकाल में देश में 11 लाख से ज्यादा लखपति दीदियां बनी हैं, तिलहन और प्याज के किसानों के लिए बड़े फैसले लिए गए हैं, भारतीय किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए विदेशों में उत्पादित तेलों पर आयात शुल्क बढ़ाया गया है, निर्यात को बढ़ावा देने के लिए बासमती चावल पर निर्यात शुल्क कम किया गया है, फसलों पर एमएसपी बढ़ाया गया है। इस बीच केंद्रीय कैबिनेट ने किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। मंत्रिमंडल ने रबी फसल 2024-25 के लिए पीएंड के उर्वरकों पर सब्सिडी (एनबीएस) दरों को मंजूर कर लिया है। इससे किसानों को रबी फसल के लिए रियायती दरों पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इस योजना के लिए केंद्र सरकार लगभग 24,475 करोड़ रुपए खर्च करेगी, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में रबी फसल सत्र 2024-25 (1 अक्टूबर 2024 से 31 मार्च 2025 तक) के लिए फॉस्फेटिक और पोटैशिक (पीएंडके) उर्वरकों पर पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) दरों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। रबी फसल सत्र 2024-25 में पीएंडके खाद की जरूरत पूरी करने के उद्देश्य से रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के प्रस्ताव को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूर कर लिया है। बताया गया है कि इस संबंध में रबी फसल सत्र 2024 के लिए अस्थायी बजटीय जरूरत लगभग 24,475.53 करोड़ रुपए होगी। बता दें कि खरीफ फसलों की कटाई के पश्चात किसान रबी सीजन में गेहूं सहित अन्य फसलों की बुवाई करते हैं। ऐसे में किसानों को खाद की पर्यात आपूर्ति सस्ती कीमत पर सुनिश्चित हो, इसके लिए केंद्र सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया है।
सरकार ने कहा, इस पहल से किसानों को रियायती, किफायती और उचित मूल्य पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। इसके अतिरिक्त, उर्वरकों तथा निविष्टियों की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में हालिया रुझानों को देखते हुए फॉस्फेटिक और पोटैशिक उर्वरकों पर सब्सिडी को तर्कसंगत बनाया जाएगा। किसानों को सस्ती कीमतों पर इन उर्वरकों की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लक्ष्य के साथ रबी फसल वर्ष 2024 के लिए अनुमोदित दरों (01.10.2024 से 31.03.2025 तक) के आधार पर फॉस्फेटिक और पोटैशिक उर्वरकों पर सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
सरकार उर्वरक निर्माताओं और आयातकों के माध्यम से किसानों को रियायती दरों पर 28 ग्रेड के फॉस्फेटिक और पोटैशिक उर्वरक उपलब्ध करा रही है। ऐसे में फॉस्फेटिक और पोटैशिक (पी एंड के) उर्वरकों पर सब्सिडी 1 अप्रैल 2010 से पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) योजना द्वारा नियंत्रित होती है। सरकार अपने किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए देश में किफायती दरों पर पीएंडके उर्वरकों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
सरकार ने उर्वरकों और निविष्टयों यानी यूरिया (Urea), डीएपी (DAP), एमओपी (Mop) और सल्फर (Sulfur) की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में हालिया रुझानों को देखते हुए, रबी 2024 के लिए फॉस्फेटिक और पोटैसिक (पी एंड के) उर्वरकों पर 1 अक्टूबर 2024 से 31 मार्च 2025 तक प्रभावी पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) योजना दरों को मंजूरी देने का निर्णय लिया है। उर्वरक कंपनियों को अनुमोदित और अधिसूचित दरों के अनुसार सब्सिडी प्रदान की जाएगी, जिससे किसानों को रियायती, किफायती और सस्ते दामों पर उर्वरक उपलब्ध कराई जा सके।
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