इस बार मानसून ने समय से पहले दस्तक देकर जून माह में ज्यादा बारिश से एक नया रिकॉर्ड बनाया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) मानसून रिपोर्ट 2025 के अनुसार जुलाई में भी इस बार पिछले कई वर्षों के औसत से 106 प्रतिशत अधिक बारिश होगी। कुछ क्षेत्रों में तो बाढ़ आने के भी आसार है। किसानों के लिए तो कम बारिश और ज्यादा बारिश दोनों ही चिंता का विषय है। भारत में मानसून की स्थिति ऐसी है कि कुछ जगह तो किसान खुशियां मना रहे हैं और कुछ जगह बारिश ने उनको मुसीबत में डाल दिया है। आइए, ट्रैक्टर गुरू के माध्यम से जानते हैं कि जुलाई 2025 में मानसून की स्थिति कैसी रहेगी और किसानों को इससे क्या फायदा और नुकसान होगा।
मानसून इस बार लगभग सभी राज्यों में मेहरबान हुआ है। दिल्ली-NCR में पिछले दिनों अच्छी बारिश हुई और तेज हवाएं भी चली। राजस्थान में इस बार मानसून पश्चिम की बजाय पूर्वी राजस्थान में अधिक बरसा है। हिमाचल प्रदेश में मानसूनी बारिश तबाही मचा रही है। यूपी-बिहार, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और गुजरात में बारिश सामान्य से ज्यादा रही। उत्तरपूर्वी भारत के अधिकांश हिस्सो में कम बारिश होने के आसार है।
कृषि के लिए जुलाई एक महत्वपूर्ण महीना है क्योंकि धान और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई जुलाई के दौरान होती है। जुलाई में पूरे देश में 106 प्रतिशत से भी ज्यादा बारिश होने की उम्मीद है। इससे मौसम में ठंडक बने रहने के आसार हैं और इस बार की बारिश किसानों को फायदा दे सकती है। लेकिन ज्यादा बारिश भी किसानों के लिए समस्या खड़ी कर सकती है।
बारिश के कारण आपकी फसल खराब न हो इसके लिए आपको कुछ बातो का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। जैसे :
यदि बारिश से या अन्य किसी कारण से आपकी फसल बर्बाद हो जाती है जैसे सूखा होना, बाढ़ आना, फसल में कीट लग जाना तो ऐसी स्थिति में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है।
तो यह थी जुलाई 2025 मानसून अपडेट के अनुसार कुछ ऐसी जानकारी जो हर किसान को पता होनी चाहिए। हमें उम्मीद है कि जुलाई 2025 में खेती पर मानसून का प्रभाव अच्छा ही होगा।
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