IFFCO Pesticides : हर साल फसलों में कीट-व्याधियों से होने वाले नुकसान को कम करने और फसल की उत्पादन लागत को घटाने के लिए राज्य सरकारें कई कारगर कदम उठा रही है। साथ ही इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड (इफको) द्वारा भी कई प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी है। इस बार कीटनाशक दवाओं के उपयोग के लिए होने वाले खर्च में किसानों को राहत मिलेगी। क्योंकि खेती में किसानों की बढ़ती लागत को देखते हुए इफको (IFFCO) ने अपने कीटनाशक उत्पादों के दाम घटाने का फैसला लिया है। इससे फसल उत्पादन लागत में कमी होगी और पैदावार भी बढ़ेगी, जिससे किसानों की कमाई भी बढ़ेगी। चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग और इफको की बैठक में कम कीमतों पर उपलब्धता का फैसला लिया गया और नई बिक्री दरें जारी की गईं। इस बार कीटनाशक शिमो, काशिमा और शिरासागी की कीमत को पूर्व के मुकाबले कम रखा गया है। इफको के इन उत्पादों की कीमतों में संशोधन से किसानों को कम दामों पर कीटनाशक उपलब्ध होंगे, जिससे उत्पादन में लगने वाली लागत में कमी होगी।
लाल बहादुर शास्त्री गन्ना किसान संस्थान में हुई बैठक में चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग की प्रमुख सचिव वीणा कुमारी मीणा ने बताया कि प्रदेश के गन्ना किसानों के हित में इफको द्वारा उत्पादों की दरों में अतिरिक्त छूट प्रदान की जाएगी। इफको (IFFCO) के इस निर्णय से गन्ना किसानों को उचित दर पर जरूरी उत्पाद मिलेगा, जिससे कम लागत और बचत के साथ किसान गन्ने का बेहतर उत्पादन कर सकेंगे। प्रमुख सचिव ने बताया कि नई दरों के संबंध में प्रदेश के सहकारी गन्ना समिति संघ द्वारा समस्त क्षेत्रीय उप गन्ना आयुक्तों एवं समस्त जिला गन्ना आयुक्तों एवं समस्त जिला गन्ना अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
गन्ना संघ के प्रबंध निदेशक सत्येंद्र सिंह ने बताया कि यूपी सहकारी गन्ना समितियों के स्तर पर इफको उत्पाद (IFFCO Products) शिमो, काशिमा और शिरासागी की पूर्व की दरों में संशोधन किया गया है और नई बिक्री दरें निर्धारित की गई है। नई दरों के अनुसार, पूर्व में चोटी बेधक कीट नियंत्रण के लिए 1200 रुपये में मिलने वाली 150 मिलीलीटर शिमो दवा अब मात्र 885 रुपए में मिलेगी, जबकि 500 रुपए में मिलने वाली 60 मिलीलीटर दवा अब किसानों को 390 रुपए में उपलब्ध होगी। वहीं एक किलोग्राम काशिमा दवा पूर्व में किसानों को 180 रुपए में मिलती थी, जो अब 140 रुपए में मिलेगी और 4 किलोग्राम दवा 650 रुपए के बजाय अब किसानों को 520 रुपए में दी जाएगी। इसके अलावा, शिरासागी की 100 ग्राम दवा पहले किसानों को 900 रुपए में मिलती थी, जो अब केवल 755 रुपए में उपलब्ध होगी।
| उत्पाद नाम | मात्रा | पुरानी दरें | नई दरें | किसानों की बचत |
|
शिमो |
150 मिलीलीटर | 1200 रुपए | 885 रुपए | 315 रुपए |
| 60 मिलीलीटर | 500 रुपए | 390 रुपए | 110 रुपए | |
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काशिमा |
1 केजी | 180 रुपए | 140 रुपए | 40 रुपए |
| 4 केजी | 650 रुपए | 520 रुपए | 130 रुपए | |
| शिरासागी | 100 ग्राम | 900 रुपए | 755 रुपए | 145 रुपए |
प्रबंध निदेशक ने बताया कि समितियों के माध्यम से वितरित होने वाली इन कीटनाशक दवाओं पर किसानों को 50 प्रतिशत का अनुदान भी दिया जाएगा। इससे गन्ना किसान कम लागत में अधिक से अधिक पैदावार प्राप्त कर सकेंगे। उत्पादों की दरों में कटौती से किसानों को गन्ने की फसलों में प्रति एकड़ छिड़काव में बड़ी बचत होगी और फसलों में कीट-व्याधियों की समस्याएं दूर होगी। इफको द्वारा उत्पादों की पूर्व में निर्धारित दरों में किए गए संशोधन से गन्ना किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
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