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ट्रैक्टर मेंटेनेंस: किसानों के लिए ट्रैक्टर मेंटेनेंस के आसान सुझाव, कम खर्च में सही देखभाल

ट्रैक्टर मेंटेनेंस: किसानों के लिए ट्रैक्टर मेंटेनेंस के आसान सुझाव, कम खर्च में सही देखभाल
पोस्ट -12 अप्रैल 2023 शेयर पोस्ट

ट्रैक्टर की देखभाल के लिए कुछ जरूरी सुझाव : जानें, अपने ट्रैक्टर की कैसे करनी है देखभाल

ट्रैक्टर रखरखाव : खेती-किसानी में खेतों की जुताई से लेकर फसलों की बुवाई तक ट्रैक्टर एक अहम रोल निभाता है। इसके अतिरिक्त फसल उत्पादन को बाजारों में बिक्री के लिए लाने ले जाने में भी प्रमुखता से काम आता है। खेती संबंधित सभी कृषि मशीन चाहे वह जुताई कृषि मशीन हो या फिर गहाई कृषि मशीन सभी को ट्रैक्टर से अटैचमेंट कर संचालित किया जाता है। सही मायने में ट्रैक्टर किसान का सच्चा साथी होता है और यह खेती संबंधित सभी जरूरतों को पूरा करता है। ऐसे में ट्रैक्टर की सही देखभाल करना बेहद जरूरी हो जाता है। ट्रैक्टर में किसी भी प्रकार का कोई भी भारी नुकसान नहीं हो, इसके लिए ट्रैक्टर के रखरखाव की सही जानकारी बहुत जरूरी है। रख-रखाव की सही जानकारी होने से किसान भाई अपने ट्रैक्टर का ख्याल अच्छे से रखकर लंबे समय तक फालतू के खर्चे से बच सकते हैं। ट्रैक्टरगुरू के इस पोस्ट के माध्यम से ट्रैक्टर रख-रखाव के आसान तरीकों के बारे में जानते हैं, जो  ट्रैक्टर के रख-रखाव खर्च को कम करेंगे और उसकी लाइफ लाइन को बढ़ाएंगे। इससे आपको खेती-किसानी से बेहतर मुनाफा भी मिलेगा । 

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ट्रैक्टर की साफ-सफाई का रोजाना रखें ध्यान 

ट्रैक्टर का उपयोग किसान भाईयों द्वारा खेती एवं संबंधित जरूरतों एवं औद्योगिक गतिविधियों में किया जाता है। इसमें ट्रैक्टर धूल-मिट्टी और कीचड़ से अधिक गंदा होता है। इसके कारण ट्रैक्टर इंजन में चौकिंग, बॉडी में जंग लगना, टायरों का जाम होना और पुर्जों में जंग लगने जैसी कई अन्य दिक्कते हो सकती है। इसके लिए अपने ट्रैक्टर की रोजाना देखभाल कर अच्छे से साफ-सफाई करें। खेत में जुताई एवं बुवाई के कार्य संपन्न करने के पश्चात ट्रैक्टर की अच्छे धुलाई कर कल-पुर्जों में ग्रीस लगाएं। रोजाना साफ-सफाई के दौरान ट्रैक्टर में तेल, पानी, हवा और पुर्जों की जांच जरूर करें। एयर फिल्टर को नियमित चेक कर साफ-सफाई करें। लम्बे समय तक ट्रैक्टर की कार्य क्षमता बनाए रखने के लिए इन कामों को नियमित करना चाहिए। 

इंजन की नियमित जांच करें

काेई भी वाहन हो उसका सबसे महत्वपूर्ण भाग उसका इंजन होता है। ठीक उसी प्रकार ट्रैक्टर का भी अहम भाग इसका इंजन है। इसमें खेती संबंधित कार्य करने के लिए आधुनिक तकनीक के एडवांस इंजन आते हैं, जिनका मेंटेनेंस खर्च काफी अधिक होता है। इसके कारण ट्रैक्टर के इंजन का रखरखाव समय पर करना काफी महत्वपूर्ण हो जाता है। ट्रैक्टर के इंजन का समय-समय पर रखरखाव नहीं करने पर इसकी कार्य दक्षता में कमी होती है, जिसके कारण ईंधन की खपत बढ़ जाती है। इसलिए अपने ट्रैक्टर को लंबे समय तक कुशल और लागत प्रभावी बनाने के लिए, समय-समय पर कुशल मैकेनिक से सर्विस करवाएं। सही ग्रेड और ब्रांड का ऑयल और वास्तविक और प्रमाणित स्पेयर पार्ट्स का उपयोग करें। रोजना साफ-सफाई के दौरान इंजन में ऑयल के स्तर की जांच करें। रेडिएटर में पानी की जांच कर फिर से भरें। कूलेंट के स्तर की जांच करें। यदि स्तर कम है, तो कूलेंट फिर से भरें। एयर क्लीनर (फिल्टर) की जांच कर साफ-सफाई करें और तेल के लेवल की जांच करें। इंजन संबंधित इन सभी कार्य को नियमित रूप से करते रहना चाहिए। 

ऑयल लीकेज का रखें ध्यान 

आज कल ट्रैक्टर एडवांस तकनीक से निर्मित हैं। इसमें हर ऑपरेटिंग पुर्जों में प्रेशर के लिए ऑयल का इस्तेमाल किया जा रहा है। ट्रैक्टर के इंजन, स्टीयरिंग, ब्रेक, एयर फिल्टर, ट्रांसमिशन और हाइड्रोलिक्स आदि सब ऑयल आधारित पुर्जें है। इसलिए इनमें ऑयल प्रेशर और लीकेज का ध्यान रखना जरूरी है। इंजन ऑयल, ट्रांसमिशन फ्लुइड, ब्रेक, स्टीयरिंग और हाइड्रोलिक ऑयल की नियमित रूप से जांच करें। इससे लीकेज समेत अन्य दूसरी परेशानियों से बचा जा सकता है। अगर ट्रैक्टर में लीकेज हो जाता है और इसे समय पर ध्यान नहीं दिया जाता है, तो ट्रैक्टर में भारी नुकसान झेलना पड़ता है। 

ट्रैक्टर के छोटे-बड़े कल पुर्जों में ग्रीसिंग

ट्रैक्टर छोटे-बड़े कलपुर्जों से मिलकर बना है। इसमें भीतर और बाहर कई छोटे-बड़े कलपुर्जे लगे होते हैं। भीतरी पुर्जों में ग्रीसिंग की कोई खास आवश्यकता नहीं होती, लेकिन बाहरी कलपुर्जों को समय-समय पर ग्रीसिंग की आवश्यकता पड़ती है। ट्रैक्टर के उपयोग के पश्चात या उपयोग से पहले क्लच शॉफ्ट और बेयरिंग, ब्रेक कंट्रोल पैडल, पंखे का वासर, सामने के पहिये का हब, टाई रॉड रेडियस क्रॉस और लिफ्टिंग जैक सहित सभी बाहरी कलपुर्जों में ग्रीस की जांच कर ग्रीसिंग करें। तेल (डीजल) फिल्टर में संग्रहित पानी की जांच कर नली प्लग द्वारा बाहर निकालें। बैटरी के जल-स्तर की जांचकर पानी सीमा को लेवल में रखें। ट्रैक्टर की 7 से 10 दिनों में नियमित सर्विस करवाएं। 

इंजन ऑयल बदलें

ट्रैक्टर के इंजन ऑयल को समय-समय पर बदलना चाहिए। आप स्वयं भी इंजन ऑयल बदल सकते हैं। इसके लिए ट्रैक्टर को स्टार्ट कर थोड़ी देर बाद बंद करें और नली प्लग के माध्यम से बेल को बाहर निकाल कर प्रमाणित साफ ऑयल को इंजन में पुनः भरें। ट्रैक्टर के क्लच और ब्रेक के फील प्ले की समय-समय पर जांच करें। प्राथमिक डीजल फिल्टर को साफ रखें। ट्रैक्टर के रखरखाव के कार्यक्रम का नियमित पालन करें। अधिकृत सर्विस सेंटर या अनुभवी मैकेनिक द्वारा इंजेक्टर और डीजल पंप की सर्विस करवाएं। वाल्व के निरीक्षण के लिए अपने अधिकृत सर्विस सेंटर या अधिकृत डीलर से संपर्क करें। गियर बॉक्स का विशेष ध्यान रखें। समय-समय पर इसकी जांच कर तेल चेक कर सही ग्रेड के साफ तेल से भरें। ट्रैक्टर खेती में कई तरह से इस्तेमाल होने वाला वाहन है। इसका इन सब तरीकों से ध्यान रखने से इसकी सर्विस लाइफ बढ़ती है। 

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