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बत्तख पालन के लिए मिलेगा सरकार से लोन, किसान कम लागत में बढ़ा सकते हैं अपनी कमाई

बत्तख पालन के लिए मिलेगा सरकार से लोन, किसान कम लागत में बढ़ा सकते हैं अपनी कमाई
पोस्ट -21 दिसम्बर 2023 शेयर पोस्ट

बत्तख पालन : कम लागत में किसान बढ़ा सकते हैं अपनी आय, जानें कैसे करना है बत्तख पालन

सरकारी योजना :  देश में बढ़ती महंगाई एक विकट समस्या बनी हुई है, ऐसे में नागरिकों द्वारा आमदनी के लिए नए-नए साधन की तलाश की जा रही है। वहीं, देश के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए एकीकृत कृषि प्रणाली को अपना रहे हैं। ऐसे में अगर किसान इस तरह की फार्मिंग करते हैं और वे अपना मुनाफा डबल करने के लिए बत्तख (Duck Farming) पालन का कार्य शुरू कर सकते हैं। यह किसानों के लिए सबसे अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। क्योंकि इसमें मुर्गी पालन की अपेक्षा जोखिम काफी कम होती है और डक फार्मिंग के अंदर कम लागत में ही मुनाफा डबल मिलता है। खास बात यह है कि इसके मांस और अंडे दोनों की डिमांड घरेलू और अंतराष्ट्रीय बाजारों में अधिक है। क्योंकि इसके अंडे और मांस में वसा काफी अच्छे मात्रा में पाई जाती है। खास बात यह है कि पशु-पक्षियों को पालने का बिजनेस शुरू करने के लिए सरकार द्वारा अनुदानित ब्याज दर पर लोन एवं पर्याप्त साधन किसानों को उपलब्ध कराया जाता है। आइए, जानते हैं कि बत्तख का पालन कैसे शुरू करें और इसके लिए लोन कैसे मिलेगा। संबंधित जानकारी के लिए इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें। 

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सरकार की तरफ से सब्सिडी पर मिलेगा लोन

दरअसल, मुर्गी पालन की अपेक्षा बत्तख पालन में जोखिम काफी कम है और मुर्गी के मांस और अंडे की अपेक्षा बत्तख के अंडे और मांस दोनों में ही प्रोटीन की मात्रा काफी ज्यादा पाई जाती है। जिसकी वजह से मार्केट में इसकी मांग निरंतर बढ़ती जा रही है। देश के ग्रामीण इलाकों में निवास करने वाले लोग वर्तमान में खेती-किसानी के साथ मुर्गियों के पालन के स्थान पर बत्तख के पालन में अधिक रूचि दिखा रहे हैं। सबसे अहम बात यह है कि बत्तख पालन आज बेरोजगार युवओं और किसानों की आय का एक अच्छा साधन बन गया है | कई राज्य में किसान बड़ी संख्या में बत्तख पालन का काम कर इसके अंडे और मांस का व्यवसाय कर बेहद कम लागत में काफी अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। वहीं, केंद्र सरकार नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि व विकास ग्रामीण बैंक) के माध्यम से बत्तख पालन करने के लिए बत्तख पोल्टी फार्म स्थापित करने हेतु सब्सिडी के साथ ऋण भी उपलब्ध कराती है | इसके अतिरिक्त,  विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों के माध्मय से ऋण भी लाभार्थियों को प्रदान किया जाता है | बत्तख पोल्ट्री फार्म के लिए लोन पर सरकार की तरफ से सामान्य और ओबीसी  वर्ग के लोगों को 25 प्रतिशत, एससी/ एसटी वर्ग के लोगों को अधिकतम 35 प्रतिशत की सब्सिडी प्रदान की जाती है

डक पोल्ट्री फार्मिंग (बत्तख पालन) कैसे करें?

बत्तख पालन में किसानों को अधिक मेहनत करने की भी आवश्यकता नहीं होती है और इससे कम लागत में डबल मुनाफा भी कमाया जा सकता है। बत्तख एक जलीय जीव है इसे खेत के एक छोटे से कोने में छोटा तालाब बनाकर पाल सकते हैं। वहीं इसका पालन धान या मक्का के खेत में भी आसानी से किया जा सकता है। बत्तख को किसी पोखर या तालाब की समुचित व्यवस्था किए बिना घर के अन्दर या किसी छप्पर के नीचे भी बड़ी आसानी से पाला जा सकता है। लेकिन पोखर या तालाब के बिना बत्तख के पालन में उनके द्वारा दिए गए अंडो में गर्भधारण करने की क्षमता विकसित नहीं होती है। ऐसे में अगर आप इसके अंडो से बत्तख पालन करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको पानी की उचित व्यवस्था अनिवार्य रूप से करनी होगी। 

बत्तख पालन के लिए तालाब या टीनशेड की स्थापना

अगर आप बत्तख पोल्ट्री फार्मिंग का व्यापार शुरू करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको बत्तखों का पालन शांत स्थान पर ही करना चाहिए । जिन स्थान का चयन बत्तख पालन/ Duck Farming के लिए किया जा रहा है उस स्थान की जलवायु नम होनी चाहिए। बत्तख पालन के लिए 25 से 35 डिग्री सेल्सियस के तापमान को उचित माना गया है। अगर आप इसका पालन किसी तालाब के आस-पास वाले क्षेत्र में करते हैं, तो यह और भी मुनाफे वाला कारोबार साबित होगा। बत्तख पालन करने के लिए आप खेत में आवश्यकता के मुताबिक तालाब या पोखर का निर्माण करा सकते हैं। अगर आप तालाब या पोखर नहीं खुदवाना चाहते हैं, तो टीनशेड का निर्माण कर उसके चारों ओर 2 -3 तीन फिट गहरी और चौड़ी नाली भी बनवा सकते हैं, जिसमें बतखें आसानी से तैरकर अपना शारीरिक विकास कर पाए। अगर आप बत्तख पालन का फार्म पांच हजार बत्तखों के साथ शुरू करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको 3 हजार 3750 वर्ग फुट लंबे तालाब की आवश्यकता होगी, जिसमें पानी की उचित व्यवस्था होना अनिवार्य होगा। इसके अलावा एक शेड या तालाब से दूसरे शेड या तालाब के बीच की दूरी कम से कम 20 फीट या इससे अधिक होनी चाहिए। 

बत्तखों की देखभाल कैसे करें?

मुर्गियों के अपेक्षा बत्तखों की देखभाल के लिए कोई खास तरह की मेहनत नहीं करनी पड़ती है। क्योंकि मुर्गियों की तुलना में बत्तख में रोग का असर काफी कम देखने को मिलता है। लेकिन बत्तख में डक फ्लू का भय अधिक होता है, जिसके चलते इन्हें बुखार आता है। अगर सही समय से सही इलाज न किया जाए तो इनकी मृत्यु भी हो जाती है। फ्लू से बचाव के लिए बत्तख के चूजों को एक महीने का होने पर डक फ्लू वैक्सीन का टीका जरूर लगवाना चाहिए। इसके साथ ही शेड या पोखर जहां बत्तख की रहने जगह है, उस जगह की नियमित रूप से सफाई करते रहे और दो से तीन महीने के अंतराल पर रहने वाले स्थान पर कीटनाशक दवाओं का भी छिड़काव अवश्य करना चाहिए।

बतखों के लिए भोजन आहार का प्रबंध

बत्तख का सही तरह से शारीरिक विकास करने के लिए उसके चूजों को करीब 25 फीसदी पाच्य प्रोटीन देना होता है। वहीं, जब बत्तखें अंडे देने की स्थिति में हो जाये तो इनका प्रोटीन वाला आहार 17 प्रतिशत तक घटा देना चाहिए | हालांकि आप बत्तख को अपने क्षेत्र में स्थित किसी नजदीकी तालाब, पोखर या नालों में ले जाकर भी चरा सकते हैं, जिससे वे प्राकृतिक रूप से जलीय जीव जैसे घोंघे इत्यादि कीटों का आहार सेवन कर सके।  वैसे हर बत्तख काे सही तरीके से विकसित करने के लिए उन्हें 100-150 ग्राम सूखा दाना डालना आवश्यक होता है। इसके अलावा, बत्तख के आहार के रूप में चावल, मक्का, चोकर को थोड़ा गिला करके भी दिया जा सकता है।

बत्तख पालन फार्म से आय

बत्तख के अंडे व उसके मांस दोनों की बाजारों में मांग अधिक होती है और इसके अंडे की कीमत भी अच्छी मिलती है। बत्तख का एक अंडा करीब 6 से 8 रुपए प्रति अंडा बाजार में बिकता है। एक बत्तख साल में लगभग 285 -300 अंडे तक देती है। अगर 1 हजार चूजों से बत्तख का पालन शुरू किया जाए, तो इससे एक वर्ष में 3 से 4 लाख रुपए की आय आसानी से की जा सकती है। 

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