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फसलों की सिंचाई पर 2200 करोड़ रुपए खर्च करेगी ये सरकार, अभी करे आवेदन

फसलों की सिंचाई पर 2200 करोड़ रुपए खर्च करेगी ये सरकार, अभी करे आवेदन
पोस्ट -23 जून 2023 शेयर पोस्ट

फसलों की सिंचाई के लिए चौथे कृषि रोडमैप के तहत दिए जाएंगे 4.80 लाख नए ट्यूबवेल कनेक्शन 

अरब सागर से उठे चक्रवाती तूफान बिपरजॉय के कारण देशभर के कई छोटे बड़े राज्यों में भारी बारिश के साथ तेज हवाओं का असर जारी है। इस बीच देश के कई इलाकों में मानसून के साथ खरीफ सीजन का भी आगाज हो चुका है। कई इलाकों के किसान खरीफ सीजन में फसल की बुवाई और रोपाई के कार्य में जुट गए हैं। इसी बीच बिहार सरकार ने किसानों को बड़ी खुशखबरी दी है। दरअसल, बिहार सरकार राज्य में फसलों की सिंचाई व्यवस्था पर 2200 करोड़ रुपए खर्च करने जा रही है, ताकि किसानों को खरीफ सीजन की फसलों की सिंचाई के लिए मानसूनी बारिश पर निर्भर नहीं रहना पड़े। 

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खरीफ सीजन में धान की फसल मुख्य रूप से बोई जाती है, जिसके अच्छे से विकसित करने के लिए पर्याप्त सिंचाई की आवश्यकता पड़ती है। इसलिए सरकार ने किसानों को बेहतर सिंचाई व्यवस्था देने के लिए अपने स्तर पर लगभग 2200 करोड़ रुपए खर्च करने का प्लान बनाया है। इससे किसान फसलों की सिंचाई समय से कर पाएंगे और खरीफ सीजन की धान फसल से अच्छा मुनाफा भी कमा पाएंगे।

ऊर्जा विभाग ने मंजूरी की राशि 

बिहार में खरीफ फसलों को समय पर सिंचाई की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने को लिए बिहार सरकार 2200 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। बिहार ऊर्जा विभाग ने इस राशि को मंजूरी दे दी है। चौथे कृषि रोड मैप के तहत विभाग ने इस राशि से किसानों को नए कनेक्शन देने और तार एवं पोल लगाने का भी फैसला लिया है। जिससे किसानों के खेत तक आसानी से सिंचाई का पानी पहुंच सके और फसलों की सिंचाई कम लागत खर्च पर समय से कर पाए। विभागीय अधिकारियों के अनुसार चौथे कृषि रोड मैप के तहत बिहार सरकार ने सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कदम उठाया है।

4.80 लाख किसानों को दिए जाएंगे नए कनेक्शन

बिहार सरकार के चौथे कृषि रोड मैप के तहत फसलों की सिंचाई के लिए मंजूरी की गई इस राशि से 11 केवी डेडिकेटेड कृषि फीडर बनाए जाएंगे। राज्य में हजारों नए ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। किसानों की मांग पर उनके खेत तक बिजली पहुंचाने के लिए लो-टेंशन तार बिछाए जाएंगे। किसान बिजली ट्यूबवेल द्वारा अपनी फसलों की सिंचाई कर पाए इसके लिए उन्हें बिहार कृषि रोडमैप के तहत 4.80 लाख नए कनेक्शन भी दिए जाएंगे। जिसमें 2.90 लाख उत्तर बिहार और 1.90 लाख दक्षिण बिहार में किसानों को कनेक्शन दिए जाएंगे। खास बात यह है किसानों को जो नए  कनेक्शन दिए जाएंगे इन पर सरकार कोई शुल्क नहीं लेगी। स्थानीय किसान अपनी फसल की कम लागत में समय पर सिंचाई बिजली ट्यूबवेल द्वारा कर पाएंगे। 

किसानों की सुविधा के लिए 31 हजार से अधिक लगेंगे नए ट्रांसफॉर्मर

बिहार में इस साल लगभग 31.51 लाख हेक्टेयर रकबे में खरीफ फसलों की बुवाई और रोपाई किसानों द्वारा की जा रही है, जिनमें 3.35 लाख हेक्टेयर भूमि में मक्का, 1.15 लाख हेक्टेयर में दलहन, 0.25 लाख हेक्टेयर में तिलहन फसलों की खेती किसान करेंगे। जबकि, 0.11 लाख हेक्टेयर में जूट फसल की खेती करने का लक्ष्य है। बिहार सरकार के निर्णय के तहत बिहार में अब तक 1354 डेडिकेटेड कृषि फीडर बन चुके हैं। जबकि, बिजली कंपनी ने 12430 सर्किट किलोमीटर 11 केवी की तार बिछाने का फैसला किया है। वहीं, खेती के लिए बिहार में अब तक 93 हजार 420 ट्रांसफॉर्मर लगाए जा चुके हैं। जबकि, बिजली कंपनी ने किसानों की सुविधा के लिए 31 हजार 78 और नए ट्रांसफॉर्मर लगाने का फैसला किया है।

किसानों को अनुदान पर सामूहिक नलकूप (बोरिंग) 

बता दें कि बिहार सरकार इस साल राज्य में खरीफ फसलों की बुवाई और सिंचाई को लेकर काफी गंभीर है। फसलों की समय पर किसान सिंचाई कर पाए इसके लिए सरकार हर संभव प्रयास अपने स्तर पर कर रही है। इसी के तहत बिहार सरकार सामुदायिक नलकूप योजना के तहत अनुदान पर किसानों के समूह को नलकूप दे रही है। सामुदायिक नलकूप योजना का उद्देश्य फसल की अच्छी पैदावार के लिए खेतों की अच्छी सिंचाई सुनिश्चित करना है। सामुदायिक नलकूप के लिए किसान समूहों को 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाती है। बिहार सरकार की इस योजना की अधिक जानकारी के लिए अपने कृषि उद्यान विभाग से संपर्क कर सकते हैं। वही, बिहार उद्यान विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट पर भी योजना से संबंधित जानकारी  ले सकते हैं। सामूहिक नलकूप योजना में आवेदन करने के लिए इच्छुक आवेदन करने वाले समूह के सभी किसान सदस्यों के पास कम से कम 0.5 एकड़ खेती भूमि का होना अनिवार्य है। नियमानुसार सब्सिडी राशि का भुगतान संबंधित समूह/किसान के बैंक खाते में किया जाता है।

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