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फायदे की बात : किसानों के खाते में आएंगे सात हजार रूपये, सिर्फ 2 दिन में निपटाएं ये काम

फायदे की बात : किसानों के खाते में आएंगे सात हजार रूपये, सिर्फ 2 दिन में निपटाएं ये काम
पोस्ट - July 29, 2022 शेयर पोस्ट

सरकार किसानों को दे रही प्रोत्साहन, सिर्फ 2 दिन बाकी है जल्द करें आवेदन

सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए कल्याणकारी योजनाएं लांच करती है। इसके पीछे सरकार का यही मकसद रहता है कि किसानों की आय दोगुना हो ताकि इनके जीवन स्तर में भी सुधार आ सके। इसके लिए केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकार भी किसानों के लिए कई तरह की योजनाएं संचालित करती है। इसी कड़ी में हरियाणा सरकार ने अपने राज्य में किसानों को प्रोत्साहन राशि देने का फैसला लिया हैं। राज्य सरकार किसानों को 7000 रुपये की आर्थिक मदद दे रही है। दरअसल देश के कई राज्यों में भूजल स्तर तेजी से नीचे गिर रहा है। धरती के इस गिरते जल स्तर का असर आम जनजीवन के अलावा अब खेती पर भी दिखाई दे रहा है। इस समय देश के कई राज्यों को इस समस्या से जुझते हुए देखा जा रहा हैं। इस समस्या से हरियाणा भी जुझ रहा हैं। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए हरियाणा की खट्टर सरकार राज्य के किसानों को धान की जगह अन्य फसलों की खेती करने के लिए प्रोत्साहन दे रही है। हरियाणा सरकार राज्य के किसानों को धान की खेती नहीं करने की सलाह दे रही है। इसके लिए सरकार किसानों को खेत खाली छोड़ने एवं धान के स्थान पर अन्य फसलों की खेती करने की सलाह दे रही हैं। हरियाणा की खट्टर सरकार इस तरह के फैसले से राज्य में गिरते भू-जल स्तर में सुधार करना चाहती हैं। आइए ट्रैक्टर गुरू की इस पोस्ट के माध्यम से जानते हैं कि धान की खेती छोड़ने एवं धान के स्थान पर अन्य फसलों की खेती पर किस प्रकार सब्सिडी का लाभ मिलेगा? और इसका फायदा किस प्रकार किसान उठा सकते हैं।  

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31 जुलाई से पहले करे आवेदन

हरियाणा के कई जिलों में भूजल स्तर तेजी से गिर रहा हैं। गिरते भूजल स्तर ने धान किसानों की समस्या को बढ़ा दिया है। क्योंकि धान की खेती में पानी की  अधिक आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में हरियाणा सरकार इस समस्या से निपटने के लिए किसानों को मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत धान की खेती छोड़ने एवं  अपने खेत खाली छोड़ने और धान के स्थान अन्य फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसके लिए किसानों को 7 हजार रूपये प्रति एकड़ के हिसाब से इनपुट सब्सिडी मुहैया करवा रही हैं। यह राशि किसानों को सीधा उनके बैंक खाते में दी जाएगी। इसके लिए किसानों को मेरी फसल मैरा ब्योरा पोर्टल पर अपना आवेदन करना होगा। अगर आप भी इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो 31 जुलाई से पहले अपना रजिस्ट्रेशन इस पोर्टल पर करा लें।  

किसानों को ऐसे दिया जाएगा योजना का लाभ 

राज्य में गिरते भूजल स्तर को ध्यान में रखते हुए हरियाणा की खट्टर सरकार ने इस खास योजना की शुरूआत की है। इस योजना के तहत किसानों को मक्का, अरहर, उड़द, कपास, बाजरा, तिल और बैसाखी मूंग जैसी फसलों की खेती के लिए 7000 प्रति एकड़ की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यदि राज्य का कोई भी किसान धान की खेती के स्थान पर इन फसलों की खेती करता है, तो उसे प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसके अलावा किसान अगर धान की सीधी बुवाई करता है, तो उसे भी प्रोत्साहन के तौर पर 7 हजार रूपये प्रति एकड़ के हिसाब से दिए जाएगा। प्रोत्साहन राशि के लिए किसान को कृषि विभाग को यह बताना होगा कि वे धान की खेती नहीं कर रहा है या इस बार उन्होंने अपने खेत खाली छोड़े हैं एवं धान के स्थान पर अन्य फसलों की खेती की है। 

कृषि विभाग द्वारा इस बात की पुष्टि होने के बाद किसानों को इनपुट सब्सिडी की राशि दी जाएगी। किसानों के खाते में ये राशि फसल विविधिकरण योजना के माध्यम से ट्रांसफर की जाएगी। सरकार द्वारा सब्सिडी की अधिकतम सीमा को भी खत्म कर दिया गया है। जानकारी के लिए आपको बता दें कि पहले ये अनुदान अधिकतम 2 हैक्टेयर भूमि तक दिया जाता था। सरकार के इस प्रयास से राज्य में 20 से 25 प्रतिशत तक पानी की बचत हो सकती हैं। हरियाणा राज्य में धान की खेती का कुल क्षेत्रफल करीब 13 लाख हेक्टेयर है।  

इन फसलों की खेती करने पर मिलेंगी प्रोत्साहन राशि 

हरियाणा राज्य में धान की खेती का कुल क्षेत्रफल करीब 13 लाख हेक्टेयर है। राज्य के काफी बड़े भू-भाग पर धान खेती की जाती है। धान की खेती में करीब 80-85 प्रतिशत तक पानी की आवश्यकता पड़ती है। वहीं अन्य फसल मक्का, अरहर, उड़द, कपास, बाजरा, तिल और मूंग में धान की अपेक्षा पानी की आवश्यकता बहुत कम होती है। इन दलहन-तिलहन फसलों को सिंचाई की कम अवश्यकता पड़ती है। 

दलहनी एवं तिलहन फसल मृदा में नाइट्रोजन की मात्रा बनाए रखने में भी सहायक होती है। दलहनी फसलों के उत्पादन से मिट्टी की सेहत में सुधार होता है और मृदा उपजाऊ बनी रहती है। इन फसलों की खेती करने पर सरकार किसानों को 4 हजार रूपये प्रति एकड़ के हिसाब से प्रोत्साहन दे रही है। इसके अतिरिक्त किसानों को सरकार की तरफ से धान की सीधी बिजाई पर भी तीन हजार रूपये प्रति एकड़ के हिसाब से प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। सरकार के इस प्रयास से राज्य में दलहन और तिलहन का उत्पादन बढ़ेगा एवं 20 से 25 प्रतिशत तक पानी की बचत भी हो सकेगी। 

सिर्फ 2 दिन बाकी, जल्द करें यहां आवेदन

धान की खेती छोडने, धान की सीधी बिजाई, खेत खाली छोड़ने एवं धान के स्थान पर अन्य फसलों की खेती पर हरियाणा सरकार की ओर से किसानों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। राज्य में कोई भी किसान इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो उन्हें 31 जुलाई यानि सिर्फ इन दो दिनों के अंदर अपना आवेदन करना होगा। इसके लिए आपको ऑनलाइन आवेदन के लिए मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट https://fasal.haryana.gov.in पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके अलावा किसान अपने क्षेत्र के कृषि विभाग कार्यालय में संपर्क करके मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत अपने नाम को पंजीकृत करवा सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के पश्चात कृषि विभाग की पुष्टि होने के बाद इस प्रोत्साहन राशि को आपके संबंधित खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।

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