loan scheme : छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है, इसके लिए सरकार द्वारा कई कल्याणकारी योजनाओं के तहत किसानों को ऋण की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है ताकि कृषि की लागत को कम कर किसानों की आय दोगुनी की जा सके। इसी कड़ी में उत्तराखंड में कृषि, बागवानी और छोटे उद्योग के विकास के लिए नाबार्ड ने 40 हजार करोड़ रुपए की ऋण योजना बनाई है, जो कि पिछले साल के मुकाबले 32.5 फीसदी अधिक है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार राज्य में कृषि, बागवानी तथा छोटे उद्योगों को विस्तृत करने के लिए करोड़ों रुपए खर्च करेगी। उन्होंने कहा कि यह राज्य के छोटे-सीमांत किसानों एवं छोटे- मझौले उद्योगों से जुड़े लोगों के लिए वरदान साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस ऋण (loan) व्यवस्था की सही निगरानी भी बहुत जरूरी है।
40 हजार करोड़ रुपए की ऋण योजना
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस साल नाबार्ड ने 40 हजार करोड़ रुपए की ऋण योजना तैयार की है, जिसके तहत राज्य में छोटे उद्योगों समेत कृषि और बागवानी क्षेत्र का विकास किया जाएगा। इससे राज्य में रोजगार को भी बढ़ावा मिल सकेगा, जिससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में ऋण वितरण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। जरूरतमंद लोगों को आसानी से ऋण मिल सके, इसके लिए बेहतर व्यवस्था की जाएगी। साथ ही इस ऋण व्यवस्था की सही से निगरानी की जाएगी। इसमें बैंकों/वित्तीय संस्थानों की बहुत बड़ी भूमिका होगी। सीएम ने कहा कि रिवर्स पलायन की दिशा में राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। राज्य सरकार ने पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन रोकने के लिए विशेष पलायन निवारण आयोग का गठन भी किया है। उन्होंने कहा बैंक भी इस काम में सहयोगी बनें।
इन क्षेत्रों में ऋण बांटने के बैंक चला सकते हैं विशेष कैंप
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि, राज्य की भौगोलिक परिथिति और जलवायु बागवानी, मेडिसनल प्लांट्स, ऐरोमेटिक प्लांट्स, मधुमक्खी पालन, मशरूम पालन, डेयरी, फिशरीज और जैविक खेती के लिए अनुकूल है। इन क्षेत्रों में ऋण बांटने के लिए भी बैंक विशेष कैंप अभियान चला सकते हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा का मुख्य उद्धेश्य, सरकार की योजनाओं को कमज़ोर लोगों तक पहुंचाना है और उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
सीमित संसाधनों वाले उत्तराखंड में राज्य सरकार द्वारा 20236 करोड़ रुपए की 11 महत्वाकांक्षी विकास परियोजनाएं चलाई जा रही है। इनमें से अधिकतर को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल चुकी है। कुछ में फंडिंग एजेंसियों के साथ एमओयू होने हैं। राज्य के लिए केंद्र की वाह्य सहायतित योजना बड़ी मददगार है। योजना के तहत स्वीकृत परियोजना का 90 फीसदी खर्च केंद्र सरकार वहन करती है। धामी सरकार ने 2025 तक उत्तराखंड (Uttarakhand) को देश का अग्रणीय राज्य बनाने का जो संकल्प लिया है, उसमें इन परियोजनाओं का सबसे अहम रोल है।
महिलाओं के लिए विशेष योजना
सीएम धामी ने कहा कि राज्य के ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों का विकास करना जरूरी है, क्योंकि यह हमारे रिवर्स पलायन मिशन के लिए भी अति आवश्यक है। राज्य सरकार लगातार ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं, सड़क और संचार कनेक्टिविटी आदि को मजबूत करने के साथ-साथ टीकाऊ आजीविका अवसर उपलब्ध कराने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा राज्य सरकार उत्तराखंड में महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत का आरक्षण प्रदान कर रही है। नाबार्ड के अधिकारियों से कहा कि राज्य की महिलाओं के लिए विशेष योजना लागू करें, ताकि महिलाओं को भी इन योजनाओं का अधिक लाभ मिल सके। हाल ही में उन्होंने टिहरी जिले की लाभार्थी महिलाओं से संवाद किया। उनके द्वारा जानकारी साझा कि सशक्त बहना उत्सव योजना से मार्केटिंग में उन्हें काफी सहायत मिली है।
किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में पीएम- किसान सम्मान निधि योजना के 7.60 लाख लाभार्थी हैं। इनमें 6.89 लाख किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan credit card) दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि के माध्यम से अवशेष किसानों को भी किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सभी को सामूहिक रूप से प्रयास करने होंगे। राज्य के कमजोर वर्ग के छोटे-सीमांत किसान इस कार्ड की मदद से सस्ती ब्याज दरों पर खेती के लिए फसल ऋण बैंकों से प्राप्त सकते हैं।
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