ट्रैक्टर समाचार सरकारी योजना समाचार कृषि समाचार कृषि मशीनरी समाचार मौसम समाचार कृषि व्यापार समाचार सामाजिक समाचार सक्सेस स्टोरी समाचार

Bharat Rice: भारत ब्रांड के तहत 25 रुपए प्रति किलो की दर से चावल बेचेगी सरकार,जानें कहां मिलेगा सस्ता चावल

Bharat Rice: भारत ब्रांड के तहत 25 रुपए प्रति किलो की दर से चावल बेचेगी सरकार,जानें कहां मिलेगा सस्ता चावल
पोस्ट -28 दिसम्बर 2023 शेयर पोस्ट

देशभर में अब 25 रुपए प्रति किलो पर लोगों को मिलेगा चावल, भारत ब्रांड के तहत सरकार बेचेगी चावल

केंद्र सरकार के प्रयास : देश का आम आदमी महंगाई से परेशान है। प्रतिदिन खाने में काम आने वाले आटा व चावल के दाम भी तेज बने हुए हैं। ऐसे में केंद्र सरकार ने महंगाई से राहत पहुंचाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। अब जनता की परेशानी को समझते हुए 25 रुपए किलो की दर से चावल बेचा जाएगा। मोदी सरकार भारत ब्रांड के तहत चावल की बिक्री करेगी। देश में इस समय चावल की औसत कीमत 43 रुपए आंकी गई है। इससे पहले केंद्र सरकार भारत ब्रांड के तहत देशभर में लोगों को 27.50 रुपए प्रति किलो की कीमत पर आटा उपलब्ध करा रही है।

New Holland Tractor

बासमती व गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात पर प्रतिबंध

देश में घरेलू आपूर्ति में सुधार करने एवं बाजार में गैर-बासमती चावल के बढ़ते दाम पर काबू पाने के लिए केंद्र सरकार ने बासमती तथा गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। देश में चावल की अच्छी फसल होने व निर्यात पर प्रतिबंध के बावजूद भी चावल के खुदरा दाम बढ़ने की वजह देशवासियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं, अब 2024 के आम चुनावों में महंगाई मुद्दा न बन जाए, इसके लिए केंद्र सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। केंद्र की मोदी सरकार अब भारत ब्रांड के तहत देशभर में 25 रुपए प्रति किलो की रेट से चावल बेचेगी। चावल के दामों में चल रही तेजी को कम करने के लिए सरकार ऐसा कर रही है। घरेलू बाजारों में इस समय चावल के दाम आसमान छू रहे हैं। पिछले दो सालों में चावल की कीमतों में 12 प्रतिशत इजाफा हुआ है। सरकार पहले से ही इस ब्रांड के तहत आटा और दालें बेचती है। 

चावल की कीमतों में होगी कमी

उपभोक्ता मंत्रालय की वेबसाइट पर दिए गए आंकड़ों के अनुसार, बीते एक साल में चावल की कीमतें 14.06 प्रतिशत बढ़कर 43.33 रुपए प्रति किलो पहुंच गई है। वहीं, अरहर दाल की कीमत 111.19 रुपए प्रति किलो से बढ़कर 153.02 रुपए तक पहुंच गई है। उड़द दाल का भाव 123 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गया है, तो देश में आटे की औसत कीमत 35 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई है। सरकार अभी भारत ब्रांड के तहत कम कीमतों पर आटा और दालें बेच रही है। वहीं, अब घरेलू बाजार में चावल के दाम पर अंकुश लगाने के लिए सरकार इस ब्रांड के तहत चावल बेचगी। देशभर में लोगों को भारत ब्रांड के तहत 25 रुपए प्रति किलो पर चावल मिलेगा। इससे चावल की कीमतों में चल रही तेजी को कम करने में मदद मिलेगी।  एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा है कि सरकार इसे भारतीय राष्ट्रीय कृषि विपणन महासंघ (Nafed), राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (NCCF) और केंद्रीय भंडार आउटलेट के माध्यम से बेचेगी। इसके अलावा, चावल उद्योग संघों को दामों को न्यूनतम लेवल पर लाने के निर्देश दिए गए हैं।

अनाज की कीमतें बढ़कर 10.27 प्रतिशत हो गई

जानकारी के बता दें कि नवंबर में अनाज की कीमतें बढ़कर 10.27 प्रतिशत हो गईं, जिससे खाद्य मुद्रास्फीति नवंबर में 8.70 प्रतिशत हो गई, जबकि पिछले महीने यह 6.61 प्रतिशत थी। खाद्य मुद्रास्फीति कुल कंज्यूमर प्राइस बास्केट का करीब आधा हिस्सा है, जबकि खुदरा महंगाई तीन महीने की गिरावट के पश्चात नवंबर महीने में बढ़कर 5.55 प्रतिशत पर पहुंच गई थी। सरकार भारतीय खाद्य निगम (FCI) के माध्यम से ई-नीलामी द्वारा खुले बाजारों में गेहूं बिक्री की मात्रा बढ़ाकर इसकी बढ़ती कीमतों पर काबू करने में सक्षम रही है।

व्यापारियों को आरक्षित दाम पर बेचा जा रहा चावल

चावल के लिए भारतीय खाद्य निगम (FCI) ने खुला बाजार बिक्री योजना (OMSS) नियमों में कुछ ढील देते हुए संशोधन किया है। चावल प्रसंस्करण उद्योग को जानकारी देते हुए एफसीआई ने कहा कि अच्छी गुणवत्ता वाले चावल का पर्याप्त भंडार है। इसे ओएमएसएस के माध्यम से 29 रुपए प्रति किलो के आरक्षित दाम पर बेचा जा रहा है। ओएमएसएस योजना के तहत व्यापारी भारतीय खाद्य निगम (FCI) से चावल लेकर उपभोक्ताओं को उचित लाभ अंतर पर बेच सकते हैं। एफसीआई ने एक व्यापारी के लिए चावल की न्यूनतम और अधिकतम मात्रा क्रमश: 1 मीट्रिक टन और 2 हजार मीट्रिक टन तय की है। घरेलू बाजार में अनाज की आपूर्ति बढ़ाने के लिए खुला बाजार बिक्री योजना (OMSS) के माध्यम से चावल की बिक्री बढ़ाने और कीमतों पर काबू पाने के लिए यह कदम उठाया गया है। 

महंगाई बढ़ने का कारण

महंगाई का बढ़ना और घटना उत्पादों की मांग और आपूर्ति पर निर्भर होता है। अगर आपूर्ति और मांग के बीच असंतुलन होता है, तो चीजों की कीमतें बढ़ेगी। इससे लोगों को चीजें खरीदने लिए के ज्यादा कीमत चुकानी पड़ती है। कई बार मुद्रास्फीति के चलते बाजार बुरी तरह से प्रभावित होता है। एक उपभोक्ता खुदरा मार्केट से चीजें खरीदते हैं। इससे जुड़े दामों में हुए उतार-चढ़ाव को दिखाने का काम कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) करता है। उपभोक्ता वस्तु या सर्विसेज के लिए जो औसत कीमत का भुगतान करता हैं, कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स  यानी CPI उसी को मापता है। कच्चे तेल, कमोडिटी की कीमतों, मेन्युफैक्चर्ड कॉस्ट के अलावा कई अन्य चीजें भी होती हैं, जिनकी मुद्रास्फीति तय करने में अहम भूमिका होती है। करीब 300 सामान ऐसे हैं, जिनकी कीमतों के आधार पर मुद्रास्फीति रेट तय होता है। 

Website - TractorGuru.in
Instagram - https://bit.ly/3wcqzqM
FaceBook - https://bit.ly/3KUyG0y

Call Back Button

Quick Links

Popular Tractor Brands

Most Searched Tractors