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खजूर की खेती : खजूर की खेती पर सरकार देगी 75 प्रतिशत की सब्सिडी, मिलेगा लाभ

खजूर की खेती : खजूर की खेती पर सरकार देगी 75 प्रतिशत की सब्सिडी, मिलेगा लाभ
पोस्ट -14 अगस्त 2023 शेयर पोस्ट

खजूर की खेती पर मिलेगी 75 प्रतिशत तक की सब्सिडी, जानें आवेदन की प्रक्रिया

Rajasthan govt subsidy scheme for Agriculture : राजस्थान के अधिकांश इलाकों में भूमि बंजर और रेतीली है। सिर्फ कुछ ही इलाके ऐसे हैं जहां कृषि योग्य भूमि मौजूद है। जिस पर यहां के किसानों द्वारा पारंपरिक फसलों में सिर्फ ज्वार, बाजारा, रागी,  गेहूं, जौ, सरसों और मक्का की ही खेती की जाती है। लेकिन अब राजस्थान सरकार (Government of Rajasthan) ने रेतीली और बंजर भूमि को भी खेती योग्य बनाने का प्रयास शुरू कर दिया है। इसके लिए सरकार कई योजनाओं के अंतर्गत किसानों को बागवानी फसलों (horticulture crops) की खेती करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसके लिए किसानों को भारी सब्सिडी भी दे रही है। राजस्थान के किसान अब अपनी बंजर और रेतीली भूमि से लाखों-करोड़ों रुपए छापते नजर आएंगे। अब खाड़ी देशों में उगने वाले सबसे बेस्ट खजूर अब पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में भी उगने लगे हैं। पश्चिमी राजस्थान में सैंकड़ों किसान खजूर के बगीचे लगा रहे हैं। क्योंकि पश्चिमी राजस्थान की शुष्क जलवायु और रेतीली मिट्टी खजूर के लिए सबसे उपयुक्त मानी जा रही है। यहां के किसानों के लिए खजूर की खेती (date palm farming) वरदान साबित हो सकती है। ऐसे में राजस्थान सरकार खजूर के बगीचे लगाने हेतु किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए सब्सिडी भी दे रही है। वहीं, राजस्थान उद्यान विभाग (Rajasthan Horticulture Departments) द्वारा किसानों को खजूर के बगीचे लगाने के लिए पौधे भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। इसके लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (National Agriculture Development Plan) के तहत वित्तीय साल 2023-24 में टिश्यू कल्चर तकनीक (tissue culture techniques) एवं ऑफशूट (offshoot) से उत्पादित खजूर पौधे रोपने के लिए उद्यान विभाग द्वारा प्रदेश के 17 जिलों का चयन किया गया है। 

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अधिकतम 4 हेक्टेयर क्षेत्रफल तक बगीचा लगाने के लिए दिया जाएगा अनुदान

उद्यानिकी विभाग, जैसलमेर के सहायक निदेशक ने योजना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि किसानों को खजूर के बगीचे लगाने के लिए कम से कम 0.5 हेक्टेयर और अधिकतम चार हेक्टेयर क्षेत्रफल के लिए सब्सिडी दी जाएगी। खजूर पौधरोपण के लिए एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में 148 मादा पौधे व 8 नर  पौधों की आवश्यकता होती है। खजूर की मादा किस्मों में बरही, खूनेजी, मेडजूल, खलास, सगई, जामली, खदरावी एवं हलावी शामिल है और नर किस्मों में अल-इन-सिटी व घनामी पर ही विभाग द्वारा अनुदान दिया जाएगा। 

खजूर के पौधे पर किसानों को कितना दिया जाएगा अनुदान 

सहायक निदेशक ने बताया कि खाड़ी देशों की तर्ज पर राजस्थान के जैसलमेर जिले में अब करीब 400 टन से अधिक खजूर का उत्पादन सालाना हो रहा है। इस वित्तीय वर्ष 2023-24 में करीब 6000 पौधे तैयार कर किसानों को पौध रोपने के लिए वितरित करने का लक्ष्य सरकार ने निर्धारित किया है। चयनित जिलों के किसान खजूर बगीचा में ऑफशूट एवं टिश्यू कल्चर से तैयार पौधे लगा सकते हैं। बगीचे लगाने के लिए सिंचाई की उचित व्यवस्था के लिए ड्रिप सिस्टम स्थापित करना अनिवार्य है। ड्रिप सिंचाई सिस्टम के लिए विभागीय गाइडलाइंस के अनुसार पृथक से सब्सिडी किसानों को दी जाएगी। दिशा-निर्देशानुसार टिश्यू कल्चर तकनीक से उत्पादित खजूर पौध रोपण पर किसानों को प्रति पौधा 3 हजार रुपए या प्रति पौधा इकाई लागत का 75 प्रतिशत जो भी कम हो, सब्सिडी दी जाएगी। ऑफशूट तकनीक से उत्पादित खजूर पौधे रोपण पर किसानों को अनुदान मातृ पौधे से अलग होने के तुरंत बाद के ऑफशूट खजूर प्रति पौधा खरीद मूल्य 1 हजार रुपए पर 75 प्रतिशत एवं जड़ विकसित होने के बाद प्लास्टिक थैली सहित खजूर पौधे की खरीद मूल्य 1500 रुपये पर 75 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। 

किसानों को इन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत

योजना के तहत चयनित जिलों के किसान सब्सिडी पर खजूर बगीचा स्थापित करना चाहते हैं, तो उन्हें अपने फोटो सहित आवेदन पत्र के साथ शपथ पत्र, खेत की जमाबंदी, नक्शा ट्रेस, स्थाई सिंचाई स्त्रोत का प्रमाण पत्र, पृथक से ड्रिप संयंत्र लगाने का प्रमाण पत्र, मिट्टी-पानी की परीक्षण रिपोर्ट, बैंक खाता पासबुक की फोटो प्रति, आधार कार्ड, जनाधार या भामाशाह कार्ड आदि जरूरी दस्तावेजों को संलग्न करना होगा। योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसानों को अपने आवश्यक दस्तावेजों सहित आवेदन पत्र तैयार करके उपनिदेशक उद्यान विभाग के कार्यालय में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। खजूर का बगीचा लगाने के लिए इच्छुक किसानों को निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना होगा। किसानों का पंजीयन “पहले आओ-पहले पाओ” के तर्ज पर किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए किसान अपने जिले के उद्यानिकी विभाग में संपर्क कर सकते हैं। 

बगीचा लगाने के लिए किसान यहां से ले सकते हैं पौधे

योजना के तहत इच्छुक किसान द्वारा आवेदन करने के पश्चात अगर उनका चयन हो जाता है, तब किसान राजकीय फार्म सगरा भोजका, जैसलमेर, मेकेनाइज्ड कृषि फार्म, खारा, बीकानेर व राज्य के कृषि विश्विद्यालयों से ऑफशूट पौधे प्राप्त कर सकते हैं। वहीं, जिन किसानों ने पूर्व में खजूर के बगीचे लगाए हुए हैं तथा गुणवत्तायुक्त ऑफशूट उपलब्ध कराने में सक्षम है। ऐसे किसानों से भी चयनित किसान ऑफशूट पौधे प्राप्त कर सकते हैं। टिश्यू कल्चर के पौधे कृषक डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी से प्रमाणित प्रयोगशालाओं, अतुल राजस्थान डेट पाम लिमिटेड, चोपासनी, जोधपुर तथा विभाग द्वारा निविदा उपरांत चयनित आपूर्तिकर्ता फर्म यथा नेकॉफ तथा एनएफसीडी से प्राप्त कर सकते हैं। 

जैसलमेर में लगाए गए हैं इतने खजूर के पौधे

उद्यानिकी व उद्यान विभाग, जैसलमेर के डिप्टी डायरेक्टर प्रताप सिंह कुशवाहा के अनुसार जैसलमेर में 400 टन से ज्यादा खजूर का उत्पादन सालाना होने लगा है। यहां के सगरा-भोजका में जैसलमेर- जोधपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर 104 हैक्टेयर में प्रायोगिक टिश्यू कल्चर खजूर बगीचा स्थापित किया गया है। बगीचे में खाड़ी देशों आयातित खजूर की विभिन्न 9 किस्मों के टिश्यू कल्चर से तैयार पौधों का रोपण किया गया था। कुल 97.5 हेक्टेयर क्षेत्रफल में करीब 15900 खजूर के पौधे का रोपण किया गया है। जिनमें 900 नर पौधे हैं तथा 15 हजार मादा पौधे हैं। पिछले तीन वर्षों की बात करें, तो किसानों को वित्तीय वर्ष 2020 - 21 में करीब 17 लाख रुपए के 3 हजार पौधे और साल 2021-22 में 70 लाख रुपए के करीब 4 हजार पौधे एवं वित्तीय साल 2022-23 में करीब 75 लाख रुपए के 5 हजार से अधिक खजूर के पौधे न्यूनतम सरकारी दरों पर किसानों को वितरित किए गए हैं।

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