प्रधानमंत्री बीज ग्राम योजना 2023 : खेती-किसानी से गुणवत्ता पूर्ण फसल मिले, इसके लिए प्रमाणित एवं उच्च किस्म के बीजों की आवश्यकता होती है। फसलों की बुवाई के लिए अच्छे एवं प्रमाणित किस्म के बीज किसानों के लिए उपलब्ध हो, इसके लिए कृषि विशेषज्ञ निरंतर प्रयास करते हैं। आज बाजारों में अच्छे किस्म के बीजों की भरमार है, लेकिन कुछ मुनाफे के खातिर बीज व्यापारी सही बीजों की कालाबाजारी करते हैं, जिससे किसानों को फसलों की बुवाई के लिए सही बीज नहीं मिल पाता है। जिन किसानों को बुवाई के लिए बीज प्राप्त होते हैं वह नकली और महंगे होते हैं, जो फसल गुणवत्ता एवं पैदावर को भी प्रभावित करते हैं। ऐसे में फसलों की बुवाई के लिए उच्च किस्म के बीज किसानों को आसानी से सही समय पर मिल जाए, इसके लिए केंद्र सरकार प्रधानमंत्री बीज ग्राम योजना का संचालन कर रही है। किसानों को खेती से अच्छी फसल प्राप्त करने के लिए अच्छे एवं उच्च किस्म के बीज इस योजना के अंतर्गत उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। खास बात यह है कि बीज ग्राम योजना के जरिये आर्थिक रूप से कमजाेर, गरीबी रेखा से नीचे आने वाले किसानों का विशेष ध्यान रखा जाता है। आइए केंद्र सरकार की बीज ग्राम योजना 2023 के बारे में विस्तार से जानें, ताकि आप इस योजना से जुड़कर आसानी से कम लागत पर ज्यादा लाभ कमा पाए।
खेती में फसलों से गुणवत्तापूर्ण उत्पादन लेने के लिए किसानों को अच्छे व प्रमाणित बीज प्राप्त करने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। अक्सर देखा गया है कि किसानों को प्रमाणित व अच्छे बीजों के लिए कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने साल 2014 -15 में बीज ग्राम योजना को आरम्भ किया। किसानों की सहूलियत के अनुसार इस योजना के तहत उच्च गुणवत्तापूर्ण बीज सरकार द्वारा किसानों को उपलब्ध कराए जाते हैं। साथ ही बीज उत्पादन के लिए किसानों को मदद भी दी जाती है, जिससे किसान उत्पादकता बढ़ाकर कम पैसों में ज्यादा से ज्यादा लाभ कमा सके। इस योजना को गरीबी रेखा से नीचे आने वाले किसानों को ध्यान में रखकर शुरू किया है।
गरीबी रेखा से नीचे आने वाले किसानों के लिए आरंभ की गई पीएम बीज ग्राम योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा के नीचे आने वाले किसानों को उच्च क्वालिटी के बीज मुहैया करवाया जाता है। खास बात यह है कि इस योजना के अंतर्गत बीज उत्पादन के लिए मदद दी जाती है। केंद्र सरकार की इस योजना के अंतर्गत आरएसएससी द्वारा आस-पास के गांव के किसानों को मिलाकर दो-तीन समूह बनाया जाता है। प्रत्येक समूह में 50 से लेकर 100 किसानों को सम्मिलित किया जाता है। इन समूहों को बीज के साथ बीज की बुवाई से कटाई तक के बारे में विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाता है। ताकि किसानों को खेती से अधिक से अधिक लाभ मिल सके।
बीज ग्राम योजना का उद्देश्य किसानों को फसलों की बुवाई के लिए उसके क्षेत्र में ही उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज मुहैया करवाना है। अपने क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाले बीज का उत्पादन कर आत्मनिर्भर बनाना है। उच्च् गुणवत्ता वाले बीजों की कालाबाजारी को रोकना है। इस योजना के जरिए किसानों द्वारा तैयार की गई फसलों के बीजों को जिले के कृषि विज्ञान केंद्रों में लगाया जाता है, जिन्हें ब्रीडर बीज कहते हैं। अगले साल इन ब्रीडर बीज से जो फसल विकसित की जाती है, उस फसल से उत्पादित बीजों को फाउंडेशन बीज बोला जाता है। कृषि विज्ञान केंद्रों द्वारा किसानों को यह फाउंडेशन बीज 0.1 हैक्टेयर क्षेत्र में बुवाई के लिए दिया जाता है। एक साल बाद जब इन फाउंडेशन बीजों से जो फसल उत्पादन होता है, उसे प्रमाणिक (सर्टिफाइड) बीज के रूप में जाना जाता है। किसानों द्वारा इन प्रमाणिक (सर्टिफाइड) बीजों को दुबारा खेतों में बुवाई के लिए इस्तेमाल किया जाता हैं।
बीज ग्राम योजना से जुड़ने के लिए आपको अपने जिले के कृषि कार्यालय में जाना होगा। कृषि कार्यालय में जिला कृषि पदाधिकारी से संपर्क करना होगा। इसके बाद आप आसान सी ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के माध्यम से बीज ग्राम योजना से जुड़ सकते हैं। इसके बाद आप इस योजना के जरिये बीज उत्पादन कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं। योजना में जुड़ने के लिए मांगे गये सभी जरूरी दस्तावेजों को साथ जरूर लेकर जाये।
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