Agricultural Equipment Subsidy Scheme 2024 : देश में किसानों को खेती करने में कोई परेशानी न हो और वे समय से फसलों की बुवाई के लिए खेतों को तैयार कर सके। इसके लिए राज्य सरकारों द्वारा अलग-अलग योजनाओं के तहत किसानों को खेती व फसल प्रबंधन में काम आने वाले विभिन्न यंत्रों पर अलग-अलग अनुदान दिया जाता है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक समस्या के इन कृषि उपकरणों को क्रय कर सके और खेती में इस्तेमाल कर अपनी श्रम लागत बचा सके। इस बीच राज्य सरकार द्वारा राजस्थान में कृषि यंत्र अनुदान योजना 2024 (Agricultural Equipment Subsidy Scheme 2024) लागू की गई, जिसके तहत इस साल किसानों को विभिन्न कृषि यंत्र अनुदान पर दिए जा रहे हैं। योजना के तहत अनुमोदित कृषि यंत्रों की खरीद पर राज्य सरकार द्वारा किसान श्रेणी के अनुसार अधिकतम 40 से 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है।
कृषि विभाग की कृषि यंत्र अनुदान योजना 2024 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। इच्छुक किसान योजना में आवेदन कर अपनी जरूरतों के अनुसार कृषि यंत्र की खरीद सब्सिडी कीमतों पर कर सकते हैं। आइए, जानते हैं कि कृषि यंत्रों पर सब्सिडी के लिए योजना में आवेदन कैसे करें और आवेदन पात्रता क्या है?
राज्य कृषि विभाग की विभिन्न प्रकार की अनुदान योजनाओं में इस साल 2024 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसमें राज्य कृषि यंत्र अनुदान योजना (State Agricultural Machinery Subsidy Scheme) भी शामिल है। इस योजना के अंतर्गत अनुमोदित सीड ड्रिल/सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल, डिस्क प्लाऊ/डिस्क हैरो, रोटोवेटर, मल्टी क्रॉप थ्रेसर, रिज फरो प्लांटर/मल्टी क्रॉप प्लांटर/ट्रैक्टर ऑपरेटेड रिपर, चिजल प्लाऊ कृषि यंत्रों को क्रय करने पर किसानों की श्रेणीवार अधिकतम 40 प्रतिशत से लेकर 50 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जाएगा। योजना के तहत इन कृषि यंत्रों की खरीद पर किसानों को सब्सिडी देने का उद्देश्य खेती में उन्नत कृषि यंत्रों के उपयोग से समय और श्रम दोनों की बचत करना है। साथ ही फसल पैदावार को बढ़ावा देना है। राज्य सरकार द्वारा कृषि यंत्रों पर अनुदान देने से किसानों पर कृषि मशीनों की खरीदी करने पर वित्तीय बोझ नहीं पडे़गा और किसान इन मशीनों का क्रय कर कृषि कार्यों का झटपट निपटान कर सकेंगे।
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क्र. सं. |
योजना/ गतिविधि | एस.एम.ए.एम. (SMAM)/एन.एफ.एस.एम. (NFSM) तिलहन | ||
| यंत्रीकरण (ट्रैक्टर /पावर चालित यंत्र) | हार्सपावर रेन्ज (HP) | अनुसूचित जाति/जनजाति /लघु/सीमान्त व महिला किसान | अन्य श्रेणी के किसान | |
| 1 | सीड ड्रिल/सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल | 20 बी.एच.पी. से कम की क्षमता से 35 बी.एच.पी. से अधिक की क्षमता तक | कीमत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 15,000-28,000 रुपए (जो भी कम हो) * | मूल्य का 40 प्रतिशत या अधिकतम 12,000-22,400 रु. (जो भी कम हो) * |
| 2 | डिस्क प्लाऊ/ डिस्क हैरो | 20 बी.एच.पी. से कम की क्षमता से 35 बी.एच.पी. से अधिक की क्षमता तक | मूल्य का 50 प्रतिशत या अधिकतम 20,000-50,000 रु. (जो भी कम हो) * | मूल्य का 40 प्रतिशत या अधिकतम 16,000-40,000 रु. (जो भी कम हो) * |
| 3 | रोटोवेटर | 20 बी.एच.पी. से अधिक की क्षमता से 35 बी.एच.पी. से अधिक की क्षमता तक | मूल्य का 50 प्रतिशत या अधिकतम 42,000-50,400 रु. (जो भी कम हो) * | मूल्य का 40 प्रतिशत या अधिकतम 34,000-40,300 रु. (जो भी कम हो) * |
| 4 | मल्टी क्रॉप थ्रेसर | 20 बी.एच.पी. से कम की क्षमता से 35 बी.एच.पी. से अधिक की क्षमता तक | मूल्य का 50 प्रतिशत या अधिकतम 30,000-1,00,000 रु. (जो भी कम हो) * | मूल्य का 40 प्रतिशत या अधिकतम 25,000-80,000 रु. (जो भी कम हो) * |
| 5 | रिज फरो प्लांटर/ मल्टी क्रॉप प्लांटर/ ट्रैक्टर ऑपरेटेड रिपर | 20 बी.एच.पी. से कम की क्षमता से 35 बी.एच.पी. से अधिक की क्षमता तक | मूल्य का 50 प्रतिशत या अधिकतम 30,000-75,000 रु. (जो भी कम हो) * | मूल्य का 40 प्रतिशत या अधिकतम 24,000-60,000 रु. (जो भी कम हो) * |
| 6 | चिजल प्लाऊ | 20 बी.एच.पी. से कम की क्षमता से 35 बी.एच.पी. की क्षमता तक | मूल्य का 50 प्रतिशत या अधिकतम 10,000-20,000 रु. (जो भी कम हो) * | मूल्य का 40 प्रतिशत या अधिकतम 8,000-16,000 रु. (जो भी कम हो) * |
कृषि विभाग के अनुसार, एन.एफ.एस.एम. (गेहूं एवं दलहन) योजनान्तर्गत रोटावेटर/टर्बो सीडर, मल्टीक्रॉप थ्रेसर, सीड ड्रिल/सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल, डिस्क हैरो/डिस्क प्लो इत्यादि यंत्रों पर एस.एम.ए.एम. योजना के प्रावधानों के अनुसार लाभार्थियों को अनुदान मिलेगा, जबकि अन्य सभी अनुमोदित कृषि यंत्रों पर सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाईजेशन (SMAM) के प्रावधानों के अनुसार दिया जाएगा। आवेदक के पास स्वयं के नाम से कृषि भूमि होनी चाहिए। अविभाजित परिवार की स्थिति में राजस्व रिकॉर्ड में आवेदक का नाम होना अनिवार्य है। ट्रैक्टर ऑपरेटेड कृषि यंत्रों के लिए अनुदान प्राप्त करने हेतु ट्रैक्टर का रजिस्ट्रेशन (आरसी) आवेदक कृषक के नाम से होनी चाहिए। योजनान्तर्गत एक किसान को विभाग की किसी भी योजना में एक प्रकार के कृषि यंत्र पर 3 वर्ष की कालावधि में केवल एक बार ही सब्सिडी प्रदान की जाएगी। एक किसान को एक वित्तीय वर्ष में समस्त योजनाओं में अलग-अलग प्रकार के अधिकतम तीन यंत्रों पर अनुदान का लाभ दिया जाएगा।
राजकिसान पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों का रैण्डमाईजेशन उपरान्त ऑनलाईन वरीयता क्रम के आधार पर निस्तारण किया जायेगा, जिसके बाद आवेदक को अनुदान का लाभ दिया जाएगा। राज्य के किसी भी जिले में पंजीकृत निर्माता/विक्रेता, जिनकी सूची पोर्टल पर प्रदर्शित हो, से कृषि यंत्र क्रय करने पर ही अनुदान आवेदक को मिलेगा। आवेदक कृषि यंत्रों का क्रय कृषि कार्यालय की प्रशासनिक स्वीकृति जारी होने के उपरान्त ही कर सकते हैं। स्वीकृति जारी होने की जानकारी किसानों को मोबाइल संदेश या अपने क्षेत्र के कृषि पर्यवेक्षक के माध्यम से आवेदन स्वीकार होने के पश्चात मिलेगी। कृषि पर्यवेक्षक / सहायक कृषि अधिकारी द्वारा यंत्र का भौतिक सत्यापन किया जायेगा। सत्यापन के समय यंत्र का क्रय बिल प्रस्तुत करना होगा, जिसके बाद किसान के संबंधित बैंक खाते में सीधे ऑनलाइन प्रोसेस के जरिए अनुदान राशि का भुगतान किया जाएगा।
राजस्थान कृषि विभाग की कृषि यंत्र अनुदान योजनांतर्गत आवेदन राजकिसान साथी पोर्टल पर किया जा सकता है। कृषि यंत्रों की श्रेणीवार देय अनुदान के लिए राज्य के इच्छुक किसान स्वयं या नजदीकी ई-मित्र केन्द्र पर जाकर कृषि यंत्र योजना में आवेदन कर सकते हैं तथा आवेदक आवेदन पत्र ऑन-लाईन जमा किए जाने की प्राप्ति रसीद ऑन-लाईन ही प्राप्त कर सकते हैं। अनुमोदित विभिन्न कृषि यंत्रों के लिए आवेदन के समय आवेदक के पास आधार कार्ड / जनाधार कार्ड , जमाबंदी की नकल (छह माह से अधिक पुरानी नही हो), जाति प्रमाण पत्र, ट्रैक्टर की वैध आर.सी की प्रति (ट्रैक्टर ऑपरेटेड यंत्रों के लिए अनिवार्य) होनी चाहिए। एन.एफ.एस.एम. (गेहूं एवं दलहन) और सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाईजेशन (SMAM) योजनांतर्गत लाभ उठाने के लिए किसान अंतिम निर्धारित तिथि 15 मई तक पोर्टल पर अपना ऑनलाइन आवेदन जमा करा सकते हैं।
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