Rabi Marketing Season 2024-25 : देश में एक तरफ जहां राजनैतिक पार्टियों द्वारा लोकसभा चुनाव की जोर शोर से तैयारियां की जा रही है, वहीं दूसरी ओर कई राज्यों में किसानों की रबी फसल गेहूं-चने और सरसों की कटाई का दौर चल रहा है। कई राज्य सरकारों द्वारा रबी 2024 सीजन में किसानों से गेहूं की एमएसपी (MSP) पर सरकारी खरीद भी की जा रही है तथा उत्पादकों के खाते में सीधे एमएसपी (MSP) का भुगतान भी किया जा रहा है। साथ ही अधिकांश क्षेत्रों में इस बार गेहूं का बंपर उत्पादन होने का अनुमान राज्य सरकारों द्वारा बताया जा रहा है, जिससे लोगों को इस साल सस्ता गेहूं मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, पिछले दो साल में गेहूं के भाव काफी तेजी से बढ़े हैं और लोगों को 3,000 से 3,400 रुपए प्रति क्विंटल तक गेहूं खरीदना पड़ा है। अब भी बाजारों और उपज मंडियों में गेहूं का भाव (Wheat Price) 2800 से 3200 रुपए प्रति क्विंटल चल रहा है, जिसको लेकर किसान बड़े उत्साहित दिखाई दे रहे हैं।
वहीं, गेहूं और आटा की महंगाई से लोगों को राहत पहुचाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा ऐलान किया है। इसके तहत सरकार ने 1 अप्रैल, 2024 से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के व्यापारियों, थोक विक्रेताओं, खुदरा विक्रेताओं, बड़ी कंपनियों की चेन के खुदरा विक्रेताओं व एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों को अपने स्टॉक की स्थिति घोषित करने का निर्देश दिया है। इससे गेहूं की जमाखोरी और सट्टेबाजी रोकने में मदद मिलेगी, उम्मीद है कि सरकार के इस कदम से लोगों को सस्ता गेहूं (Wheat) मिलेगा। इन सब के बीच हरियाणा में रबी सीजन 2024 के तहत आगामी 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू होगी, जिसको लेकर विभाग द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
सरकार का मानना है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार खरीद एजेंसियों पर गेहूं की ज्यादा आवक आने की उम्मीद है, जिसे देखते हुए खरीद के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इस बार भी एमएसपी (MSP) खरीद मूल्य का भुगतान इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से 48 से 72 घंटे के अंदर-अंदर सीधे उत्पादकों के खातों में भेजा जाएगा। एमएसपी पर गेहूं खरीद संबंधित सभी चीजों का ब्यौरा विभाग के पोर्टल पर दिया गया है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ सुमिता मिश्रा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों तथा जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) के साथ हरियाणा में रबी 2024 सीजन के लिए गेहूं की एमएसपी (Wheat MSP) खरीद की तैयारियों के संबंध में बैठक की। इस बैठक में खरीद की आवश्यक तैयारियां पूरी करने के लिए आधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ सुमिता मिश्रा ने कहा कि रबी 2024 सीजन के लिए आगामी 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद की जाएगी, जिसके लिए 417 मंडियां और खरीद केंद्र बनाए गए हैं।
रबी विपणन वर्ष 2024-25 के लिए केंद्र सरकार द्वारा गेहूं (Wheat) के लिए घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य 2275 रुपए प्रति क्विंटल पर खरीद सुनिश्चित की जाएगी। यह खरीद चार खरीद एजेंसियां खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, हैफेड, एचएसडब्ल्यूसी और एफसीआई (केंद्रीय एजेंसी) के माध्यम से की जाएगी। सभी जिला उपायुक्त अपने जिलों में इन एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करें तथा खरीद कार्यों की निगरानी करेंगे। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा भी मंडियों का आकस्मिक निरीक्षण किया जाएगा।
डॉ. मिश्रा ने निर्देश देते हुए कहा कि इस साल पिछले वर्ष की तुलना में गेहूं (Wheat) की ज्यादा आवक आने की उम्मीद है, जिसे देखते हुए फसलों की खरीद के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस बार फसल खरीद का भुगतान पंजीकृत किसानों को ई-खरीद पोर्टल (e-procurement) के माध्यम से 72 घंटे के अंदर-अंदर सीधे उनके खातों में ऑनलाइन किया जाएगा। मंडियों और खरीद केंद्रों में उचित सफाई व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने संबंधित जिला उपायुक्त को निर्देश दिए है कि फसल को स्टोर करने के लिए पर्याप्त स्थान की उपलब्धता चिह्नित करें। हैफेड और हरियाणा राज्य भण्डारण निगम के साथ समन्वय स्थापित करके अपने या साथ लगते जिलों में अगर कोई अतिरिक्त स्टोरेज स्थान, साइलोज इत्यादि उपलब्ध है, तो उसकी भी व्यवस्था सुनिश्चित करें।
इधर, उत्तर प्रदेश में इस बार गेहूं का बंपर उत्पादन होने का अनुमान सरकार द्वारा बताया जा रहा है। प्रदेश के कृषि अनुसंधान परिषद के वैज्ञानिक डॉ. विनोद तिवारी का कहना है कि इस बार मौसम गेहूं के अनुकूल रहा है। इससे दाने को फूलने का मौका मिला और क्वॉलिटी भी अच्छी हुई है। आगे भी मौसम सही बना रहे और सूखी और खड़ी फसल पर बारिश न हो तो प्रदेश में इस बार 388 लाख मीट्रिक टन उत्पादन होने का अनुमान है। अप्रैल में गेहूं की कटाई शुरू होगी तो स्टॉक में जमा पुराना गेहूं भी बाजार में आएगा।
नए गेहूं की पैदावार भी ज्यादा होगी तो कुछ सस्ता हो सकता है। सरकार ने गेहूं का एमएसपी (MSP) 2,275 रुपये कर दिया है। ऐसे में बाजार में इससे ज्यादा ही रेट रहेगा। इस प्रकार की स्थिति से इस साल लोगों को मंहगे भाव के गेहूं से निजात मिल सकती है। वहीं, प्रदेश के कृषि निदेशक जितेंद्र कुमार तोमर ने कहा कि रबी सीजन 2024 के लिए प्रदेश में किसानों से उनकी फसल समर्थन मूल्य (MSP) पर अप्रैल से खरीदी की जाएगी । यह खरीदी 15 जून तक की जाएगी। लाभ उठाने के लिए किसानों को अपना पंजीयन विभागीय वेबसाइट पर कराना होगा। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अभी चालू है।
दरअसल, देश में 1 अप्रैल से एमएसपी (MSP) पर विपणन सीजन 2024-25 के लिए किसानों से गेहूं खरीद शुरू होने जारी रही है। ऐसे में सरकार बफर स्टॉक के लिए पर्याप्त गेहूं की खरीदी कर सके, इसके लिए 1 अप्रैल, 2024 से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में व्यापारियों से अपने स्टॉक की स्थिति घोषित करना अनिवार्य किया गया है। व्यापारियों और प्रोसेसर्स पर इस तरह की नकेल से महंगाई कम करने में मदद मिलेगी और लोगों को सस्ता गेहूं और आटा मिल सकेगा। इस वक्त भी देश के कई राज्यों की मंडियों में गेहूं का दाम समर्थन मूल्य से अधिक है, जिसको देख ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि कहीं न कहीं कुछ लोग जमाखोरी कर रहे हैं। इसलिए सरकार ने गेहूं की जमाखोरी और सट्टेबाजी रोकने के लिए सभी को पोर्टल (https:// evegoils. nic. in/ wheat/ login) पर अगले आदेश तक हर शुक्रवार को गेहूं की अपनी स्टॉक की स्थिति घोषित करने के लिए कहा है।
Website - TractorGuru.in
Instagram - TractorGuru Instagram Page
Facebook - TractorGuru Facebook Page
कुफरी जामुनिया आलू की खेती कैसे करें? जानें उपज और विशेषताएं
एग्रीवोल्टाइक तकनीक से किसानों की बढ़ेगी आमदनी, खेती के साथ बिजली उत्पादन
बासमती धान का भाव 2026: 1401 किस्म ₹5,122 के पार, 1718 और 1121 में तेजी
Best 10 Profitable Winter Vegetables to Grow in October 2026.
एमपी में कृषि यंत्रों पर सब्सिडी, 29 अक्टूबर तक आवेदन का मौका
Which Tractor is Best for Black Cotton Soil: Massey Ferguson 241 DI or Eicher 380?