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मानसून में मिली खुशखबरी : सरकार 20 हजार किसानों को देगी मुफ्त मछली बीज

मानसून में मिली खुशखबरी : सरकार 20 हजार किसानों को देगी मुफ्त मछली बीज
पोस्ट -30 जून 2023 शेयर पोस्ट

किसानों को मिलेगा रोजगार का नया अवसर, राजस्थान में बजट घोषणा लागू

किसान कल्याण के लिए केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारें, कुछ ना कुछ नई योजनाएं लांच करती रहती हैं। वहीं सरकार के हर बजट में कृषि के समग्र विकास और किसानों के हित में की घोषणाएं की जाती हैं। इसी कड़ी में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हाल ही बजट 2023-24 की एक घोषणा लागू की है। इसके तहत मानसून सत्र 2023 में प्रदेश के 20 हजार मछली उत्पादक किसानों को उन्नत नस्ल की मछलियों के बीज नि:शुल्क प्रदान किए जाएंगे। इस पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रस्तावित खर्च 2 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। प्रदेश के कई जिलों में मछली पालन होता है जिससे हजारों किसान अपनी आजीविका चला रहे हैं। इन किसानों को सरकार मुफ्त में मछली बीज उपलब्ध करवा कर इनको मछली पालन के लिए प्रोत्साहित करेगी। मछली की बढिया नस्लों के ये बीज राजस्थान के ही मछली बीज उत्पादक फार्मों पर उपलब्ध कराए जाएंगे। यहां ट्रैक्टर गुरू की इस पोस्ट पर आपको मछली के मुफ्त में मिलने वाले बीजों के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। आप भी यदि मछली पालन व्यवसाय से जुड़े हैं तो सरकार की इस योजना का लाभ अवश्य उठाएं।

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मछली आखेट पर लगाई रोक

राजस्थान में सरकार ने मछली पकड़ने पर सख्त रोक लगा दी है। बारिश के दिनों में मछलियों का प्रजनन काल रहता है ऐसे में अनेक लोग नजदीकी जलाशयों से मछलियों का आखेट करते हैं। सरकार ने मछलियों के पकड़ने, इनकी खरीद-फरोख्त करने पर 16 जून से 31 अगस्त तक कड़ी पाबंदी लगा दी है। इसका उद्देश्य है कि मछलियों के प्रजनन काल में किसी तरह की बाधा नहीं आ सके और ज्यादा से ज्यादा मछलियों के बीज तैयार हो सकें।

यहां-यहां होता है मत्स्य बीज का उत्पादन

मछलियों का बीज कहां तैयार होता है? क्या राजस्थान में ही सरकार को मछलियों का बेस्ट क्ववालिटी का बीज उपलब्ध हो जाएगा। इसके लिए बता दें कि राजस्थान में 10 स्थानों पर मछली का बीज उत्पादन करने के लिए बीज उत्पादन फार्म खुले हैं। इनमें बांसवाड़ा, हनुमानगढ़, जयसमंद, भरतपुर, भीलवाड़ा, कोटा, उदयपुर, अलवर आदि शामिल हैं। कोटा में तीन मछली बीज उत्पादन फॉर्म हैं।

कौन-कौन सी प्रजाति की मछलियों के बीज मिलेंगे?  

मत्स्य पालन के लिए किसानों को कई प्रकार की मछलियों के बीज मिलेंगे। इनमें हर मछली उत्पादक किसान को डिग्गी भारतीय मेजर कॉर्प, रोहू, कतला और मृगल नामक मछली के एक हजार आंगुलिका आकार के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। इस पर कृषि कल्याण कोष से दो करोड़ की राशि व्यय की जाएगी।

सीएम गहलोत ने यह भी की थी घोषणा

राजस्थान सरकार ने बजट 2023-24  में यह घोषणा भी की थी कि मछली पालन के लिए चयनित किसानों को जिला स्तर पर प्रशिक्षण भी दिया जाएगा जो नि:शुल्क होगा।  मत्स्य विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों, कृषि विभाग के ब्लाक स्तरीय अधिकारियों द्वारा मछली उत्पादन में आने वाली समस्याओं एवं इनके निराकरण के बारे में उचित सलाह दी जाएगी। इससे मछली उत्पादक किसानों को मत्स्य पालन में परेशानी नहीं आएगी।

मछली पालन के लिए सबसे पहले क्या करें?

मछली पालन व्यवसाय आमदनी का अच्छा स्त्रोत है। अगर आपको मछली पालन व्यवसाय करना है तो इसके लिए सबसे पहले तालाब की तैयारी करनी होगी। एक साफ तालाब आप बना सकते हैं। इसकी लंबाई, चौड़ाई उपलब्ध जमीन के अनुसार रखी जा सकती है। एक एकड़ तालाब में मछली पालन करें तो तालाब को पहले पूरी तरह से सुखा लें। इसमें पहले से मौजूद मछलियां हो तो उन्हे हटा दें। अब तालाब में साफ पानी जमा करें। इसमें मछलियों की उन्नत नस्ल के बीज जिसे जीरा भी कहा जाता है वह डालें। इनके भोजन के लिए सरसों की खली या चावल आदि खाद्य पदार्थ पर्याप्त मात्रा में डाले जाएं।  एक एकड़ तालाब में 1500 किलोग्राम मछली का उत्पादन हो सकता है। इससे करीब 30 हजार रुपये का शुद्ध लाभ होगा।

इस तरीके से मछली पालन में होगा ज्यादा लाभ

मछली उत्पादक किसान यदि समन्वित तरीके से मछली पालन करें तो उन्हे ज्यादा मुनाफा हो सकता है। इसके लिए इन किसानों को मुर्गी, बतख आदि पालने होंगे। इनके मल-मूत्र से मछलियों को प्राकृतिक भोजन मिलेगा और मछलियों का उत्पादन अधिक होगा। इसमें खास खर्चा भी नहीं है। उधर मुर्गी और बतख से अलग से इन्कम होगी।

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