एफपीओ योजना : छोटे किसानों की बढ़ेगी आय, 6,865 करोड़ रुपए होंगे खर्च

पोस्ट -14 अक्टूबर 2022 शेयर पोस्ट

देश में लगभग 86 प्रतिशत छोटे किसानों की मदद करेंगी केंद्र सरकार, जानें पूरी खबर

देश में छोटे और सीमांत किसानों आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार बहुत से अवसर प्रदान कर रही है। केंद्र सरकार छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने के लिए नई-नई योजनाएं चला रही है। किसानों को खेती-बाड़ी से अच्छा लाभ मिल सके इसके लिए सरकार ने देशभर में 2025 तक करीब 10 हजार नए एफपीओ बनाने का प्रस्ताव जारी किया है। इसके लिए 6865 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इन एफपीओ से छोटे और सीमांत किसानों को जोड़ा जा रहा हैं। इससे देशभर में लगभग 86 प्रतिशत छोटे किसानों को फायदा मिलेगा, क्योंकि इन एफपीओ की मदद से किसानों को फसल की उपज से लेकर बिक्री तक कई सहूलियतें प्रदान की जाएंगी। ट्रैक्टरगुरू की इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको केंद्र सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने की पूरी योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दे रहे हैं।

किसानों की आय बढ़ाने का प्रयास 

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है भारत सरकार गांव-गरीब-किसान को आगे बढ़ाने और उनका जीवन बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए सरकार किसानों और बाजार के बीच की दूरी कम करने, ग्रामीण इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने, बिचौलियों का दखल खत्म करने की योजना पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किए जा रहे इन प्रयासों से किसान को प्रोसेसिंग व उपज की बाजार में उचित दाम पर बिक्री में सहयोग जैसी सुविधाएं मिलेगी। सामूहिक ताकत से कृषि को बेहतर इनपुट, टेक्नोलॉजी और आधुनिक मार्केटिंग के जरिए बाजार तक पहुंचने और अच्छे दाम पर फसल बेचने में सहायता मिलेगी। एफपीओ की मदद से वह किसान जिनके पास अपनी भूमि नहीं है, उनकी आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। इसके अलावा किसान एफपीओ के जरिए उत्पादों की प्रोसेसिंग भी कर सकते हैं। इसके लिए किसानों को बिना गारंटी के दो करोड़ रुपए तक की वित्तीय सहायता की व्यवस्था भी सरकार कर रही है।

डिजिटल कृषि पर चल रहा है काम 

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि किसानों को हर आवश्यक सुविधा मिलें, इस दिशा में सरकार प्रयत्नशील है। किसानों को परिवहन सुविधा व अच्छा दाम मिले, इसके लिए सरकार काम कर रही है। डिजिटल कृषि मिशन पर काम चल रहा है। यह जब पूरा होगा तो कृषि क्षेत्र में दिखने वाला असंतुलन खत्म होगा। क्रॉप आंकलन व जानकारी एकत्रित कर नुकसान का आंकलन में पारदर्शिता आएगी व भाव में असंतुलन को पाटा जा सकेगा। साथ ही किसानों को तकनीक ,जलवायु और प्राकृतिक खेती आदि के बारे में सलाह दी जा सकेगी।  

14 हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट स्वीकृत हो गए हैं

उन्होंने कहा कि खेती के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर जुटाने को सरकार ने एक लाख करोड़ रुपए का एग्री इन्फ्रा फंड बनाया है। साथ ही डेढ़ लाख करोड़ रु. के पैकेजों की व्यवस्था गांवों में कृषि व सम्बद्ध कार्यों के लिए की गई है। इसके अलावा तिलहन में आयात निर्भरता कम करने के लिए 11 हजार करोड़ रुपए के पाम ऑयल प्रोजेक्ट फंड बनाया है। देशभर में लगभग 28 लाख हेक्टेयर भूमि ऑयल पाम की खेती के लिए उपयुक्त है। एग्री इन्फ्रा फंड से 14 हजार करोड़ रु. के प्रोजेक्ट स्वीकृत भी हो गए हैं। आने वाले दिनों में इसका लाभ किसानों को मिलेगा। इसके अलावा सरकार पशुपालन, मत्स्यपालन, औषधीय खेती के लिए भी विशेष फंड स्वीकृत किए है।  

गैर- बराबरी को समाप्त करने किया जा रहा है काम 

केंद्रीय कृषि मंत्री तोमर कहना है कि देश में गरीब गैर-बराबरी असमानताओं को दूर करने के लिए काम कर रही है। सरकार गरीब परिवारों की लाखों बहनों को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका देकर गैर-बराबरी को समाप्त करने का काम किया जा रहा है, तो वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार पीएम आवास योजना में गरीबों के घर बनाए जा रहे हैं। हर घर शौचालय, जन-धन खाते, सौभाग्य योजना के तहत बिजली और उज्जवला योजना के माध्यम से हर घर में रसोई गैस सिलेंडर और गांव-गांव खाद्यान्न पहुंचाया जा रहा है। देश की साख दुनिया के राजनीतिक मंच पर बढ़ाने, मेक इन इंडिया के विस्तार, विरासत को सहेजने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे है। 

क्या है एफपीओ इसके किसानों को क्या लाभ हैं?

भारत सरकार गांव-गरीब-किसान को आगे बढ़ाने और किसानों और बाजार के बीच की दूरी कम करने, ग्रामीण इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने, बिचौलियों का दखल खत्म करने के लिए पीएम किसान एफपीओ योजना शुरू किया था हैं। जिसके अंतर्गत सरकार द्वारा 10000 एफपीओ बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। एफपीओ एक प्रकार का किसान उत्पादक संगठन है, जो किसानों के हित में कार्य करता है और कंपनी एक्ट के अंतर्गत रजिस्टर्ड होता है। संगठनों को 18 लाख रुपए की आर्थिक सहायता सरकार द्वारा प्रदान की जाती है। देश के किसान को खेती में भी कारोबार की तरह लाभ मिलेगा। एफपीओ संगठनों को सरकार द्वारा वह सभी फायदे भी प्रदान किए जाएंगे जो एक कंपनी को प्रदान किए जाते हैं। इस योजना के अंतर्गत दी जाने वाली राशि 3 सालों में प्रदान की जाती है। देश के किसान अन्य बड़े संगठनों से जुड़े किसानों को अपनी उपज बचे सकते है। साथ ही उनके लिए खाद, बीज, दवाई और कृषि उपकरण जैसा जरूरी सामान खरीदना बेहद आसान होगा। एक और बड़ा फायदा होगा कि किसान बिचौलियों से मुक्ति हो जाएंगे। एफपीओ सिस्टम में किसानों को अपनी फसल के लिए अच्छा रेट मिलेगा।

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