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बंजर जमीन पर होगी अंजीर की खेती, सरकार से मिलेगी 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी

बंजर जमीन पर होगी अंजीर की खेती, सरकार से मिलेगी 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी
पोस्ट -13 जुलाई 2023 शेयर पोस्ट

बंजर जमीन अब उगलेगी “सोना”, सरकार दे रही अंजीर समेत इन फसलों की खेती पर सब्सिडी

बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के किसानों की आय को दोगुना करने पर सरकार फोकस कर रही है। इसके लिए सरकार बुंदेलखंड क्षेत्र के 7 जिलों में अंजीर समेत ड्रैगन फ्रूट, आंवला एवं नींबू की खेती करने पर किसानों को सब्सिडी की सुविधा दे रही है । 

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बागवानी मशीन 2023 :  सरकार से मिलेगी सब्सिडी बंजर जमीन से भी होगी लाखों रुपए की कमाई

उत्तर प्रदेश देश का प्रमुख कृषि प्रधान राज्य है। यहां फल, सब्जियों समेत गेहूं, धान, सरसों और गन्ना जैसे कई फसलों का उत्पादन बड़े स्तर पर किसानों द्वारा किया जाता है। लेकिन प्रदेश में लगभग दस लाख हेक्टेयर से ज्यादा भूमि बंजर है। हालांकि, यह बंजर भूमि कुछ हद तक कृषि योग्य है, जिस पर किसान बहुत कम खेती करते हैं। क्योंकि इस पर खेती करने में काफी अधिक लागत और मेहनत खर्च होती है और उत्पादन भी पर्याप्त नहीं निकल पाता है। ये बंजर और ऊसर जमीन उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र में है। देखा जाए तो यहां किसान खेती में उत्पादन न होने के भय से इन जमीनों को खाली छोड़ देना ज्यादा उचित समझते हैं। लेकिन अब बुंदेलखंड और विंध्य रेंज की बंजर और ऊसर जमीन भी “सोना” उगलेगी। बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के किसान अपनी बंजर और ऊसर जमीन को खाली छोड़ने के स्थान पर इनमें फ्रूट्स की खेती कर लाखों रुपए की कमाई कर सकते हैं। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने के लिए राष्ट्रीय बागवानी मिशन चलाया जा रहा है, जिसके तहत विभिन्न बागवानी योजनाओं को संचालित कर बंजर भूमि पर बागवानी फसलों की खेती को बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है। 

दरअसल, केंद्र सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत सभी राज्यों की सरकारें अपने क्षेत्र की भूमि, जलवायु और मौसम के तहत फल-सब्जी फसलों की खेती करने पर किसानों काे 50 प्रतिशत या इससे भी अधिक सब्सिडी देकर प्रोत्साहित कर रही है। इस मिशन के तहत कई राज्यों के किसानों ने  लाभ उठाकर अपनी बंजर और ऊसर भूमि को उपजाऊ बनाया है। इतना ही नहीं इस प्रकार की भूमि से अब किसान लाखों रुपए की कमाई भी कर रहे हैं। ऐसे में अब यूपी के बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के किसानों को योगी सरकार ने भी यह मौका दिया है। 

इन फ्रूट्स की खेती पर मिलेगी भारी सब्सिडी

खास बात यह है कि अब बुंदेलखंड एवं विंध्य क्षेत्र के किसान एवं आदिवासी समुदाय के लोग अपनी बंजर और ऊसर जमीन पर चिरौंजी की खेती कर अपनी तकदीर को चमकाएंगे। इसके अलावा, इन रेंज के 7 जिलों में सरकार अंजीर, ड्रैगन फ्रूट, आंवला और नींबू की खेती पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। इन जिलों में किसानों को इन फ्रूट्स की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसके लिए सरकार अपने स्तर पर भारी सब्सिडी की सुविधा भी दे रही है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का मानना है कि इन जिलों में किसान अंजीर, ड्रैगन फ्रूट, आंवला और नींबू की खेती से अपनी आय को चार गुना तक बढ़ा सकते हैं। 

बुंदेलखंड रेंज में सरकार फ्रूट्स की खेती पर कर रही फोकस

जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी की उत्तर प्रदेश सरकार बुंदेलखंड रेंज में राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के अतंर्गत फ्रूट्स की खेती पर अधिक फोकस कर रही है। क्योंकि कृषि संस्थानों के विशेषज्ञों ने बुंदेलखंड एवं विंध्य रेंज में जलवायु और मिट्टी को आंवला, नींबू, अंजीर और ड्रैगन फ्रूट्स समेत कई अन्य बागवानी फसलों की खेती के  लिए अनुकूल बताया है। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि बुंदेलखंड इलाके में किसान बागवानी मिशन के तहत इन फ्रूट्स की खेती कर बेहतर लाभ अर्जित कर सकते हैं। खास बात यह है कि बागवानी मिशन के तहत चित्रकूट के जंगली इलाकों में किसानों ने चिरौंजी की खेती शुरू भी कर दी है। योगी सरकार इन्हें अब व्यावसायिक खेती से जोड़ने का प्रयास करने जा रही है। योजना की अधिक जानकारी के लिए किसान अपने जिले के कृषि उद्यानिक विभाग से भी संपर्क कर सकते हैं।

ड्रैगन फ्रूट उत्पादन से हर साल 8-10 लाख रुपए इनकम

कृषि वैज्ञानिकों ने बेल, चिरौंजी, महुआ और आंवला को शुष्क श्रेणी की फसल बताया है। इन फसलों की खेती 50 सेमी की वार्षिक वर्षा वाले इलाकों में आसानी से की जा सकती है। इनके उत्पादन में किसी खास सिंचाई की कोई आवश्यकता नहीं होती हैं। वहीं, वैज्ञानिकों ने पाया है कि बुंदेलखंड का मौसम ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए अनुकूल है। क्योंकि ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए उष्णकटिबंधीय मौसम की आवश्यकता होती है। इस हिसाब से बुंदेलखंड के किसान ड्रैगन फ्रूट की खेती कर बेहतर उत्पाद ले सकते हैं। बता दे कि ड्रैगन फ्रूट की खेती में किसान एक हेक्टेयर भूमि 500 से 550 ड्रैगन फ्रूट के पौधे लगा सकते हैं। इसके प्रत्येक पौधे से 50 से 100 किलोग्राम तक उत्पादन हो सकता है। ड्रैगन फ्रूट का औसतन उत्पादन 4 से 6 टन प्रति हेक्टेयर हो सकता है। बाजार में इसके फल की कीमत 80-150 रुपए प्रति किलोग्राम तक मिल सकती है। इस तरह यहां के किसान ड्रैगन फ्रूट के एक हेक्टेयर खेती से हर साल 8-10 लाख रुपए तक इनकम कर सकते हैं। वहीं, किसान अन्य फ्रूट्स की खेती से भी बढ़िया कमाई कर सकते हैं।

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