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बारिश और बाढ़ के बीच सूखे के आसार, प्रभावित किसानों को मिलेगी सरकारी मदद

बारिश और बाढ़ के बीच सूखे के आसार, प्रभावित किसानों को मिलेगी सरकारी मदद
पोस्ट -27 जुलाई 2023 शेयर पोस्ट

आकस्मिक फसल योजना : बारिश और बाढ़ के बीच सूखे के आसार, जानें  किसानों को कैसे मिलेगा लाभ

देशभर में चल रहे मानसून सीजन के दौरान बिहार राज्य में इस बार बेहद कम बारिश हो रही है। जिसके चलते राज्य में सूखा पड़ने के आसार दिखाई दे रहे हैं। जिससे निपटने के लिए बिहार सरकार ने पहले से तैयारी शुरू कर ली है। आईये जानें क्या है सरकार का मास्टर प्लान और इस प्लान से किसानों को क्या लाभ मिलेगा?

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देशभर में इस बार मानसून दो हिस्सों में बंटा हुआ है। देश के एक हिस्से में मानसून की वजह से हो रही भारी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर है। पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे कई राज्यों भारी बारिश से जलमग्न है। जिसके चलते इन राज्यों में धान एवं अन्य खरीफ फसलों को भारी नुकसान हुआ है। वहीं, कई राज्यों में लोग अच्छी बारिश के लिए तरस रहे हैं। बिहार में पर्याप्त मात्रा से बेहद कम बारिश हो रही है। जिसके कारण इस बार राज्य में सूखा पड़ने के आसार लगाए जा रहे हैं। कम बारिश के चलते धान की फसल को नुकसान पहुंचने के भी अनुमान लगाया जा रहा है। धान फसलों की सिंचाई में किसानों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, तो दूसरी ओर कम बारिश की वजह से फसलों की सिंचाई में काफी कम लागत भी खर्च करना पड़ रहा है, जिसके कारण किसानों की खेती में लागत बढ़ रही है। किसानों की इन्हीं पेशानियों को दूर करने के लिए बिहार सरकार ने एक फुल प्रुफ प्लान तैयार किया है। आईये, राज्य सरकार के इस प्लान के बारे में जानें।

सरकार देगी वैकल्पिक फसलों के बीज

बिहार में इस बार बेहद कम बारिश हो रही है, जिसकी वजह से राज्य के कुछ इलाकों में धान की खेती करने वाले किसानों को फसल बचाने के लिए बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कम बारिश होने की वजह से कुछ हिस्से में तो धान की फसल लगभग खराब होने की स्थिति में पहुंच चुकी है। मानसून बारिश की बेरूखी और फसलों की सिंचाई पर बढ़ती लागत को देखते हुए किसान धान के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसल खेतों में लगाने पर विचार कर रहे हैं। अब किसानों की मदद के लिए बिहार सरकार ने प्रदेश में आकस्मिक फसल योजना की शुरूआत की है। इसके तहत किसानों को खेतों में धान की जगह दूसरी वैकल्पिक फसल लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सूखाग्रस्त स्थिति में पहुंच चुके इलाकों में बिहार सरकार 15 अलग-अलग तरह की वैकल्पिक फसलों के लिए बीज किसानों को मुफ्त में देगी। 

सूखाग्रस्त घोषित इलाकों के किसानों को प्राथमिकता

खेत में धान की जगह दूसरी वैकल्पिक फसलों को लगाने के लिए किसानों को आकस्मिक फसल योजना बिहार के अंतर्गत वैकल्पिक फसलों के बीज दिए जाएंगे। खास बात यह है कि इसमें सूखाग्रस्त घोषित इलाकों के किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी है। सूखाग्रस्त घोषित होने के बाद उस पंचायतों के किसान वैकल्पिक फसल की खेती करने के लिए फसलों के बीजों की मांग सरकार से कर सकते हैं। बीजों की मांग करने वाले इच्छुक किसानों को सरकार की ओर से आकस्मिक फसल योजना के तहत उन फसलों के बीज निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा, जिनकी मांग किसान ने की है। दरअसल, बिहार राज्य में खरीफ सीजन के दौरान बड़े पैमाने पर धान की खेती होती है। जिसमें पानी की काफी ज्यादा आवश्यकता पड़ती है। लेकिन इस बार राज्य में बारिश की समस्या को देखते हुए बिहार सरकार ने यह फैसला लिया है। 

बिहार सरकार, कृषि विभाग सूखाड़ से निपटने के लिए पूरी तरह से है तैयार

बिहार सरकार, किसानों को हर तरह से लाभ पहुंचाने के लिए तत्पर है। राज्य में कम हो रही बारिश को देखते हुए बिहार सरकार, कृषि विभाग एक्शन मूड में है। राज्य में बन रहे सूखाड़ की स्थिति से निपटन के लिए कृषि विभाग पूरी तरह से तैयार है। विभाग के अधिकारियों द्वारा सूखे की स्थिति में पहुंच चुके इलाकों की लगातार ट्रैकिंग की जा रही है। सूखाग्रस्त पंचायतों में किसानों को वैकल्पिक फसलों के बीज मांग के हिसाब से आकस्मिक फसल योजना के तहत उपलब्ध कराया जाएगा। वैकल्पिक फसलों की खेती करने वाले इच्छुक किसानों को बीजों का वितरण बिहार बीज निगम की ओर से किया जाएगा। 

मांग के हिसाब से इन फसलों के बीजों का वितरण करेगा बीज निगम

सूखा घोषित जिले, गांव, पंचायत एवं प्रखंडों में बिहार सरकार द्वारा 15 वैकल्पिक फसलों के बीजों का वितरण बिहार बीज निगम की मदद से किया जाएगा। राज्य में प्रभावित इलाकों में आकस्मिक फसल योजना के अंतर्गत इच्छुक किसानों को मांग के अनुसार मक्का (संकर), अरहर, उड़द, तोरिया, सरसों के (अगात) बीज, मगर (अगात), भिड़ी, मूली, कुल्थी, मडुआ, सांवा, कोदो, ज्वार और बरसीम आदि 15 अलग-अलग औषधीय, दलहन और तिलहन फसलों के बीज बिहार बीज निगम द्वारा आवंटित किए गए है। वैकल्पिक फसलों की खेती करने वाले इच्छुक प्रत्येक किसान को अधिकतम 2 एकड़ क्षेत्र के लिए मुफ्त बीज उपलब्ध कराया जाएगा। सूखाग्रस्त पंचायतों के किसान इस योजना के तहत आवेदन कर दो किस्म के वैकल्पिक फसल के बीज मुफ्त प्राप्त कर सकते हैं। 

किसानों को ऐसे मिलेगा बीज

बिहार राज्य बीज निगम सूखाग्रस्त इलाकों में विभिन्न वैकल्पिक फसलों के बीजों का वितरण मुफ्त कर रहा है। इसका लाभ लेने के लिए इच्छुक किसान को आकस्मिक फसल योजना के तहत आवेदन देना होगा। अगर आप इस योजना में आवेदन करना चाहते है, तो इसके लिए आपको अपने नजदीकी कृषि केंद्र या कृषि विभाग में जाकर योजना संबंधित अधिकारियों से संपर्क करना होगा। वैकल्पिक फसलों में दलहन, तिलहन और औषधीय फसलों के बीजों के लिए किसानों को जमीन के कागजात, आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो, किसान पंजीकरण संख्या, मोबाइल नंबर और फसल की जानकारी आदि जरूरी दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी। आवेदन करते समय किसान भाई इन जरूरी दस्तावेजों को ध्यान से अपने साथ रखें। 

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