किसान सब्सिडी स्कीम : इन राज्यों में किसानों को मिलेगी बंपर सब्सिडी, होगा लाभ

किसान सब्सिडी स्कीम : इन राज्यों में किसानों को मिलेगी बंपर सब्सिडी, होगा लाभ
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किसान सब्सिडी : कृषि यंत्र, बागवानी, पशुपालन और चारा की खेती पर उठाएं सब्सिडी का लाभ

subsidy schemes 2023 : किसान कृषि क्षेत्र से बेहतर मुनाफा कमा पाएं, इसके लिए केंद्र एवं राज्य सरकारें कई सरकारी योजनाओं के अंतर्गत खेती में आधुनिक तकनीकों एवं कृषि उपकरणों को बढ़ावा देने का प्रयास निरंतर करती है। वहीं, किसानों की आय को बढ़ाने के लिए उन्हें खेती के साथ अन्य सहायक कार्यों से भी जोड़ने की कोशिश भी राज्य सरकारों द्वारा की जा रही है। इसके लिए सभी राज्य सरकारें अपने-अपने लेवल पर योजनाएं लागू कर किसानों को खेती में कृषि मशीनों का उपयोग, पशुपालन तथा बागवानी के लिए के विभिन्न संसाधनों पर सब्सिडी मुहैया करवाती है। जिससे किसान कृषि से बेहतर इनकम हासिल कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना पाए। ऐसे में बिहार, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे कृषि राज्यों (agriculture province states) की सरकारें खेती एवं संबंधित कामों (agriculture and allied activities) के लिए किसानों को 50 से 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी (subsidy) सुविधा दे रही है। ताकि वे खेती से बेहतर मुनाफा कमा पाएं। इन चारों राज्यों में किसानों को दी जाने वाली ये सब्सिडी अलग-अलग सरकारी योजनांतर्गत मिल रही है। इसमें पशुपालन, बागवानी, कृषि उपकरण और चारा उत्पादन सब्सिडी शामिल है। किसानों को सब्सिडी देने का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेती के साथ बागवानी क्षेत्र का विस्तार करना तथा दुग्ध उत्पादन और  स्वदेशी नस्ल की गाय-भैंसों  के संरक्षण को बढ़ावा देना है। साथ ही किसानों एवं पशुपालकों की आय को बढ़ाना भी है। इच्छुक किसान सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए अपने-अपने राज्य के कृषि विभाग (agriculture department) की आधिकारिक वेबसाइट और कृषि पोर्टल (agriculture portal) पर अपना रजिस्ट्रेशन (registration) कर सकते हैं। वहीं, अधिक जानकारी के लिए अपने-अपने क्षेत्र के कृषि विभाग एवं उद्यानिकी और पशुपालन विभाग से संपर्क कर सकते हैं।   

हरियाणा सरकार कृषि उपकरणों पर दे रही बंपर सब्सिडी

किसानों की इनकम बढ़ाने एवं उन्हें खेती की नई तकनीकों एवं कृषि उपकरणों से जोड़ने के लिए हरियाणा सरकार (Haryana Government ) प्रदेश में कृषि यांत्रिकीकरण योजना (krishi yantrikaran yojana) को संचालित कर रही है। जिसके अंतर्गत व्यक्तिगत किसानों को कृषि उपकरण (farm equipment) खरीदने पर 50 प्रतिशत और सहकारी, समिति, किसान उत्पादन संगठन (FPO) तथा पंचायत द्वारा कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करवाने पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी कृषि यंत्र की खरीद पर देने की व्यवस्था हरियाणा सरकार ने की है। इच्छुक हितग्राही किसान / किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) और कस्टम हायरिंग सेंटर वाले कृषि मशीन सब्सिडी (agriculture machine subsidy) पर खरीदने के लिए कृषि यांत्रिकीकरण योजना के तहत हरियाणा के कृषि विभाग की वेबसाइट www-agriharyana-com पर जाकर आवेदन (Application) कर सकते हैं। इसके अलावा वे अपने नजदीकी किसान सहायक कृषि अभियंता और उप कृषि निदेशक के कार्यालय में भी संपर्क कर सकते हैं। वहीं, योजना के अंतर्गत अधिक जानकारी के लिए लाभार्थी टोल फ्री नंबर 1800-180-2117 पर कॉल कर सकते हैं। 

बता दें कि सभी राज्य सरकारों द्वारा कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत सब्सिडी पर कृषि यंत्र देने के लिए तय लक्ष्य के अनुसार किसानों एवं किसान समूह और समितियों से समय-समय पर आवेदन मांगे जाते हैं। जिसकी जानकारी किसान अपने राज्य के कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, किसान अपने नजदीकी कृषि विभाग के कार्यालय से भी संपर्क कर सकते हैं।

किसानों को फलदार पौधों पर मिलेगी 50 प्रतिशत की सब्सिडी

देश के किसानों को पारंपरिक खेती के साथ बागवानी खेती के लिए भी केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारों द्वारा प्रेरित किया जा रहा है। कई राज्य सरकारें राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के अंतर्गत बागवानी योजना लागू कर किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए फल, सब्जी एवं मसाला फसलों पर बंपर सब्सिडी देती है। बिहार सरकार भी राज्य में बागवानी खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए सब्सिडी दे रही है। राज्य में शुष्क बागवानी योजना के अंतर्गत आंवला, बेर, जामुन, बेल, अनार, मीठा नींबू, नींबू और कटहल जैसे फलदार पौधे पर बिहार सरकार प्रति इकाई 60 हजार रुपए की लागत पर 50 प्रतिशत यानी 30 हजार रुपए की धनराशि सब्सिडी के तौर पर किसानों के खाते में डीबीटी के माध्यम से दे रही है। बिहार सरकार की इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसान भाईयों को सबसे पहले बिहार सरकार, कृषि विभाग एवं उद्यानिक निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट www-horticulture bihar-gov-in पर जाकर आवेदन करना होगा। इसके अलावा किसान भाई अधिक जानकारी के लिए अपने जिले के नजदीकी कृषि या उद्यानिकी निदेशालय के कार्यालय में भी संपर्क कर सकते हैं। वहीं, राजस्थान, हरियाणा, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तरप्रेदश की राज्य सरकारें भी बागवानी योजना के तहत किसानों को बागवानी करने पर अपने-अपने तय प्रावधानों के मुताबिक विभिन्न फसलों पर सब्सिडी देती है। जिनकी जानकारी किसान भाई सरकार द्वारा जारी की गई आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ले सकते हैं। इसके अलावा किसान भाई अपने राज्य के कृषि एवं बागवानी विभाग के कार्यालय में भी संपर्क कर सकते हैं। 

डेयरी उद्योग : किसान एवं पशुपालकों को दी रही सब्सिडी 

देश के किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन क्षेत्र एक अहम जरिया साबित हो रहा है। पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा देने एवं देश में दुग्ध उत्पादन और पशुओं के नस्ल संरक्षण के लिए केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय पशुधन मिशन चलाया जा रहा है। जिसके अतंर्गत विभिन्न परियोजनाओं को लागू कर डेयरी सेक्टर, पशुओं के भोजन-चारे की व्यवस्था, मुर्गी, भेड़-बकरी पालन और गाय-भैंस के पालन एवं नस्ल सुधार के लिए किसान तथा पशुपालकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी कड़ी में देश की कई राज्यों में सरकारें अपने स्तर पर योजनाएं चलाकर अपने-अपने राज्य में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने एवं स्वदेशी गाय-भैंस की नस्ल सुधार करने के लिए किसानों को सब्सिडी दे रही है। जिनमें उत्तर प्रदेश सरकार भी नंद बाबा मिशन योजना के अंतर्गत राज्य में “गौ संवर्धन योजना” को शुरू कर किसान एवं पशुपालकों को गाय-भैंस पालन के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है। किसानों और पशुपालकों को गाय खरीदने, गाय लाने पर परिवहन खर्च, यात्रा के दौरान गाय का बीमा और किसान के पास आने के बाद गाय का बीमा कराने पर होने वाले खर्च पर सरकार सब्सिडी के तौर पर 40 हजार रुपए तक की धनराशि किसानों और पशुपालाकों को प्रदान करती है। इसके अलावा, राजस्थान, हरियाणा, मध्यप्रदेश और बिहार राज्य में भी किसानों एवं पशुपालकों को स्वदेशी नस्ल की गायों की डेयरी खाेलने पर सब्सिडी दी जा रही है। इसकी जानकारी किसान भाई अपने राज्य के पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से ले सकते हैं। इसके अलावा अपने जिले के पशुपालन विभाग के कार्यालय में जाकर संबंधित अधिकारी से संपर्क भी कर सकते हैं। 

घास की खेती करने पर किसानों को सब्सिडी

पशुपालन क्षेत्र में दुधारू पशुओं के दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के लिए उन्हें स्वस्थ और अच्छी गुणवत्ता वाले चारे की जरूरत होती है। हालांकि, गर्मियों में पशुओं के लिए हरा चारा उगाना एक कठिन और महंगा काम होता है। लेकिन कई राज्यों की सरकारें पशुओं के लिए हरा चारा की खेती करने पर किसानों को सब्सिडी प्रदान कर रही है। जिनमें राजस्थान और हरियाणा में किसानों को हरा चारा उत्पादन करने पर 10,000 रुपए प्रति हेक्टेयर/एकड़ की दर से सब्सिडी दी जा रही है। हाथी घास जिसे नेपियर घास भी कहते है। इसकी खेती करने के लिए राजस्थान सरकार अपने किसानों को प्रति हेक्टेयर की दर से 10,000 रुपए की राशि सब्सिडी के रूप में देती है। राजस्थान सरकार की इस योजना का लाभ राज्य के पशुपालक और किसान उठा सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपने नजदीकी कॉमस सर्विस सेंटर में जाकर योजना में आवेदन करना होगा। 

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