Krishi Subsidy Scheme : केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा किसानों को अनुदानित दरों पर नवीन तकनीक के उन्नत कृषि यंत्र दिए जाते हैं। इसके लिए कई योजनाएं चलाई जा रही है। इन योजनओं का उद्देश्य कृषि में यंत्रीकरण को बढ़ावा देना है। आधुनिक कृषि यंत्र न केवल फसल उत्पादकता बढ़ाते हैं, बल्कि इससे किसानों की आय में भी इजाफा होता है। इसी कड़ी में संचालनालय कृषि अभियांत्रिकी, मध्यप्रदेश, भोपाल द्वारा e कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर 27 फरवरी 2025 से आठ प्रकार के विभिन्न ट्रैक्टर चलित और शक्तिचलित कृषि उपकरणों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। वही अब कृषि अभियांत्रिकी विभाग ने कृषि यंत्र हैप्पी सीडर (Happy Seeder) के लिए भी आवेदन मांगे हैं, जिसकी सूचना विभाग ने ई - कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल के माध्यम से 4 मार्च 2025 को जारी की है।
इससे पहले पोर्टल पर सब साइलर, बैकहो/ बैकहो लोडर, रेज्ड बेड प्लांटर विथ इन्कलाइंड प्लेट प्लांटर एंड शेपर, स्टोन पिकर, पॉवर स्प्रेयर / बूम स्प्रेयर, लेजर लेण्ड लेवलर, फर्टिलाईजर ब्राडकस्टर एवं पल्वेराइज़र हेतु आवेदन आंमत्रित किए गए थे। ऊपर दिए गए इन सभी कृषि यंत्रों के लिए पोर्टल पर 27 फरवरी (गुरुवार) से आवेदन प्रक्रिया जारी है जो की 11 मार्च 2025 तक चलेगी। इसके बाद 12 मार्च को पोर्टल पर ही लॉटरी संपादित की जायेगी। विभिन्न ट्रैक्टर चलित / शक्ति चलित सभी कृषि यंत्रों के लिए ऑनलाईन जिलेवार आवेदन 27 फरवरी 2025 से 11 मार्च 2025 तक कर सकते हैं। 12 मार्च 2025 को पोर्टल लॉटरी संपादित की जाएगी। योजना के दिशा निर्देशानुसार चयनित हितग्राहियों को अनुदान की पात्रता रहेगी। आइए, जानते हैं हैप्पी सीडर के लिए डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) कितनी राशि की बनवानी होगी और इस पर अनुदान (Krishi Subsidy Scheme) लाभ लेने के लिए चयन प्रक्रिया क्या होगी?
ई – कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल के माध्यम से नवीन तकनीक के चिन्हित उन्नत कृषि यंत्रों (Advanced Agricultural machinery) पर “मांग अनुसार” (ऑन डिमांड) श्रेणी अंतर्गत अनुदान उपलब्ध कराने की सुविधा दी गई है। इस हेतु उन्नत कृषि यंत्र चिन्हित किए गए हैं। इन यंत्रों हेतु आवेदन प्रस्तुत किए जाने हेतु निम्नानुसार प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
कृषकों को सूचित किया जाता है कि वर्तमान में निम्नानुसार कृषि यंत्रों को मांग अनुसार श्रेणी में रखा गया है –
हैप्पी सीडर (राशि रुपए 4500/- का डिमांड ड्राफ्ट (डीडी))
आवेदन प्रस्तुत करते समय आवेदकों को उपयुक्त राशि के बैंक ड्राफ्ट को उनके जिले के सहायक कृषि यंत्री (https://www.mpdage.org/Advertisement/e-krishi-DD_090921062243.pdf ) के नाम से बनवाकर स्कैन करके पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा । “मांग अनुसार” श्रेणी अंतर्गत दिए जा रहे कृषि यंत्रों के लिए किसान अपने आवेदन अगली सूचना तक पोर्टल पर प्रस्तुत कर सकते हैं। पंजीयन में डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) निश्चित राशि से कम का होने पर आवेदन अमान्य किया जाएगा। बैंक ड्राफ्ट केवल आवेदनकर्ता के नाम से तैयार करके प्रस्तुत करना अनिवार्य है, अन्यथा आवेदन निरस्त हो जाएगा। इच्छुक कृषक निर्धारित धरोहर राशि का भुगतान ऑनलाइन पेमेंट गेटवे के माध्यम से कर ऑनलाईन आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
मध्यप्रदेश कृषि अभियांत्रिकी विभाग ई - कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल के माध्यम से निम्न कृषि यंत्रों के जारी जिलेवार लक्ष्य में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा सामान्य वर्ग के लिए अलग-अलग श्रेणी के कृषि यंत्रों पर अलग अलग अनुदान उपलब्ध कराने की सुविधा दी जाएगी। कृषि यंत्र अनुदान योजना के तहत लघु एवं सीमांत कैटेगरी के सभी वर्गों के किसानों को इकाई लागत पर 50 से 60 प्रतिशत का अनुदान दिया जाएगा। अन्य सभी वर्ग के किसानों को इकाई लागत पर 40 से 50 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जाएगा। मांग अनुसार श्रेणी के अंतर्गत हैप्पी सीडर कृषि यंत्र पर किसानों को अधिकतम 78000 रुपए तक का अनुदान दिया जाएगा। आधिकारिक वेबसाइट पर सब्सिडी कैलकुलेटर के माध्यम से सब्सिडी की गणना कृषक कर सकते हैं।
किसी भी श्रेणी के कृषक शक्तिचालित/ ट्रैक्टर चलित कृषि यंत्रों को खरीद सकते हैं। आवेदन के लिए केवल वे ही कृषक पात्र होंगे जिन्होंने गत 5 वर्षो में उक्त यंत्रों के क्रय पर विभाग की किसी भी योजना के अंतर्गत अनुदान लाभ प्राप्त नहीं किया है। ट्रैक्टर चलित कृषि यंत्रों के लिए आवेदकों के स्वयं के नाम पर पहले से ट्रैक्टर होना अनिवार्य है।
आवेदन करने वाला किसान मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।
क्रय स्वीकृति आदेश जारी होने के 20 दिवस में सामग्री का क्रय कर प्रकरण डीलर के माध्यम से निर्माता को प्रेषित किया जाना अनिवार्य होगा।
आवेदन अमान्य होने के उपरांत आगामी 6 माह तक आवेदन प्रस्तुत करने की पात्रता नहीं होगी।
कृषक को सामग्री पर अनुदान का लाभ उसी स्थिति में प्राप्त होगा, जब वह सामग्री के लिए अनुदान की पात्रता शर्तों की पूर्ति करते हों।
चयनित डीलर के माध्यम से कृषक अपने अभिलेख के साथ-साथ देयक की प्रति एवं सामग्री के विवरण भी पोर्टल में दर्ज कराएं।
एक बार डीलर का चयन किये जाने पर डीलर पुनः बदलना संभव नहीं होगा ।
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