प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार (13 मई 2026) को खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के लिए 14 प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। सरकार का यह कदम किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया (Press Conference) को जानकारी देते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव (Union Minister Ashwini Vaishnaw) ने बताया कि नए दाम किसानों को उत्पादन लागत पर कम से कम 50% का मुनाफा सुनिश्चित करेंगे। आइए जानते हैं कि इस खरीफ सीजन आपकी फसलों के लिए नई सरकारी कीमत क्या है?
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार ने वर्ष 2026-27 के विपणन सीजन के लिए धान, मक्का और दालों समेत 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि की है, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित लाभकारी मूल्य मिल सके।
फसलों के लिए प्रति क्विंटल घोषित नए समर्थन मूल्य (MSP) और पिछले वर्ष की तुलना में की गई वृद्धि का विवरण नीचे तालिका में आसान और सरल भाषा में दिया गया है।
|
क्र.सं. |
फसल |
MSP 2026-27 (₹/क्विंटल) |
लागत* KMS 2026-27 |
लागत पर मार्जिन (%) |
MSP 2025-26 |
2026-27 में वृद्धि (₹) |
|
अनाज |
||||||
|
1 |
धान (सामान्य) |
2441 |
1627 |
50% |
2369 |
72 |
|
धान (ग्रेड A) |
2461 |
- |
- |
2389 |
72 |
|
|
2 |
ज्वार (हाइब्रिड) |
4023 |
2682 |
50% |
3699 |
324 |
|
ज्वार (मालदंडी) |
4073 |
- |
- |
3749 |
324 |
|
|
3 |
बाजरा |
2900 |
1858 |
56% |
2775 |
125 |
|
4 |
रागी |
5205 |
3470 |
50% |
4886 |
319 |
|
5 |
मक्का |
2410 |
1544 |
56% |
2400 |
10 |
|
दलहन |
||||||
|
6 |
तुर / अरहर |
8450 |
5496 |
54% |
8000 |
450 |
|
7 |
मूंग |
8780 |
5438 |
61% |
8768 |
12 |
|
8 |
उड़द |
8200 |
5418 |
51% |
7800 |
400 |
|
तिलहन |
||||||
|
9 |
मूंगफली |
7517 |
5011 |
50% |
7263 |
254 |
|
10 |
सूरजमुखी बीज |
8343 |
5562 |
50% |
7721 |
622 |
|
11 |
पीली सोयाबीन |
5708 |
3805 |
50% |
5328 |
380 |
|
12 |
तिल |
10346 |
6897 |
50% |
9846 |
500 |
|
13 |
नाइजरसीड |
10052 |
6701 |
50% |
9537 |
515 |
|
व्यावसायिक फसलें |
||||||
|
14 |
कपास (मध्यम रेशा) |
8267 |
5511 |
50% |
7710 |
557 |
|
कपास (लंबा रेशा) |
8667 |
- |
- |
8110 |
557 |
|
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में समर्थन मूल्य (MSP) में सबसे अधिक वृद्धि सूरजमुखी के बीज (622 रुपये प्रति क्विंटल) पर की गई है, उसके बाद कपास (557 रुपये प्रति क्विंटल), नाइजरसीड (515 रुपये प्रति क्विंटल) और तिल के लिए 500 रुपये प्रति क्विंटल की बड़ी बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने कहा कि इस सीजन में एमएसपी भुगतान के रूप में किसानों को करीब 2.60 लाख करोड़ रुपए का भुगतान होने का अनुमान है, जबकि 824 लाख मीट्रिक टन से अधिक फसलों की खरीद की संभावना है।
जानकारी के अनुसार, फसलों के लिए घोषित नई दरों में किराए पर लिए गए मानव श्रम, बैल श्रम / मशीन श्रम, पट्टे पर ली गई जमीन के लिए भुगतान किया गया किराया, बीज, उर्वरक, खाद जैसे कच्चे माल के इस्तेमाल पर होने वाली लागत, सिंचाई शुल्क, औजारों और कृषि भवनों पर मूल्यह्रास, कार्यशील पूंजी पर ब्याज, पंप सेट के संचालन के लिए डीजल / बिजली आदि, विविध खर्च और पारिवारिक श्रम का अनुमानित मूल्य जैसी सभी लागत शामिल है।
अश्विनी वैष्णव के मुताबिक विपणन वर्ष 2026-27 के लिए खरीफ फसलों के समर्थन में वृद्धि केंद्रीय बजट 2018-19 में एमएसपी को अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत (All-India Weighted Average Cost of Production) के कम से कम 1.5 गुना पर निर्धारित करने की घोषणा के अनुरूप है। किसानों को उत्पादन लागत पर मिलने वाला अपेक्षित लाभ मूंग (61 प्रतिशत) में सबसे अधिक, इसके बाद बाजरा (56 प्रतिशत), मक्का (56 प्रतिशत) और अरहर (54 प्रतिशत) में होगा। बाकि फसलों के लिए उत्पादन लागत पर मिलने वाला लाभ कम से कम 50 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
सरकार ने इस बार दालों के एमएसपी में सबसे बड़ी बढ़ोतरी की है, जिसका सीधा असर किसान की जेब पर पड़ेगा। अरहर (तुअर) के दाम में ₹450 और उड़द में ₹400 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। उपज की निश्चित खरीद के लिए सरकार ने अब 'अनलिमिटेड खरीद' की नीति अपनाई है। इसके तहत तुअर, उड़द और मसूर की शत–प्रतिशत खरीद करेगी। यानी किसान जितना भी उत्पादन करेंगे, सरकार उसे एमएसपी पर खरीदने के लिए बाध्य है। इसका सीधा फायदा यह हुआ है कि अब बाजार में दाम गिरने का डर खत्म हो गया है।
धान की खेती करने वाले किसानों को बढ़ी हुई कीमतों के साथ-साथ सिस्टम में सुधार का लाभ मिलेगा। सामान्य धान का रेट ₹2,441 प्रति क्विंटल होने से किसानों की प्रति एकड़ आय में ₹1,500 से ₹2,500 तक का इजाफा होगा। 2026 के मार्केटिंग सीजन में सरकार ने 100% भुगतान सीधे किसानों के बैंक खाते में करने की व्यवस्था पुख्ता की है। इससे बिचौलियों का कमीशन खत्म होगा। अब अच्छी गुणवत्ता वाले धान (Grade-A) पर ₹2,461 का भाव मिलेगा, जो किसानों को बेहतर बीज इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि दलहन और तिलहन के लिए एमएसपी में भारी बढ़ोतरी से किसान इन फसलों की ओर आकर्षित होंगे, जिससे देश में दालों की कमी दूर होगी और मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहेगी। इस सीजन एमएसपी का लाभ उठाने के लिए किसान अपने–अपने राज्य सरकार के पोर्टल पर अपनी फसल का पंजीकरण समय पर कराएं। कुल मिलाकर 2026-27 का सीजन उन किसानों के लिए सबसे लाभकारी है जो दलहन और तिलहन फसलों की खेती पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
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