तमिलनाडु के सहकारी बैंकों के कर्जदार किसान परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य के मुख्यमंत्री सी विजय जोसेफ (C. Vijay Joseph) ने किसानों को आर्थिक राहत देने के लिए सहकारी बैंकों से लिए गए फसल ऋण (Crop Loan) माफ करने का बड़ा ऐलान किया है।
सरकार के फैसले के अनुसार, सीमांत किसानों का ₹50 हजार तक का फसल ऋण पूरी तरह माफ किया जाएगा। वहीं, बड़े किसानों को भी ₹5 हजार तक की राहत देने की घोषणा की गई है।
इस फैसले से राज्य के करीब 14 लाख से अधिक किसानों को आगामी खरीफ सीजन से पहले सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है और वे बिना कर्ज के दबाव के खेती के कार्यों को बेहतर तरीके से जारी रख सकेंगे।
आइए आगे विस्तार से जानते हैं कि इस कर्ज माफी योजना का लाभ किन किसानों को मिलेगा, इसके लिए क्या पात्रता तय की गई है और आवेदन के दौरान किन जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होगी?
मालूम हो कि फसल ऋण माफी का मुद्दा विधानसभा चुनाव के दौरान प्रमुख चुनावी वादों में शामिल था। अप्रैल 2026 में हुए विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान सी विजय जोसेफ और उनकी पार्टी ने किसानों को कर्ज से राहत देने का वादा किया था।
अब सरकार बनने के बाद इस वादे को पूरा करते हुए मुख्यमंत्री ने फसल ऋण माफी योजना लागू करने की घोषणा कर दी है। माना जा रहा है कि इस योजना से राज्य के छोटे और सीमांत किसानों पर कर्ज का बोझ कम होगा और उन्हें आगामी खेती सीजन के लिए नई आर्थिक मजबूती मिलेगी।
सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इस योजना का लाभ राज्य के करीब 14.22 लाख किसान परिवारों को मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए यह फैसला किसानों को आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के मध्य सरकार का संदेश मजबूत करने का प्रयास माना जा रहा है।
सरकार की जानकारी के अनुसार, 1 मई 2025 से 28 फरवरी 2026 के बीच राज्य सहकारी बैंकों से लिए गए फसल ऋण इस योजना के दायरे में शामिल किए गए हैं। योजना के अंतर्गत सीमांत किसानों का 50 हजार रुपए तक का फसल ऋण पूरी तरह माफ किया जाएगा।
वहीं, अन्य बड़े किसानों को भी राहत देते हुए 5 हजार रुपए तक की ऋण माफी का लाभ दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस फैसले से किसानों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी और वे आगामी बुवाई सीजन के लिए दोबारा ऋण लेकर खेती का काम आसानी से जारी रख सकेंगे।
राज्य सरकार ने यह भी संकेत दिए हैं कि भविष्य में अन्य किसानों के लिए भी फसली ऋण माफी योजना का दायरा बढ़ाया जा सकता है। इस योजना को लागू करने में सरकार पर करीब 2,044 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आने की संभावना है।
सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री विजय ने कर्नाटक की मेकेदातु बांध परियोजना को लेकर अधिकारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक भी की। बैठक का मुख्य उद्देश्य कावेरी नदी पर तमिलनाडु के जल अधिकारों की रक्षा करना और राज्य के किसानों के हितों को सुरक्षित रखना था।
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