National Gopal Ratna Award 2023 : किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने एवं देश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार कई योजनाएं चला रही है। इन्हीं में राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार योजना भी शामिल है। इस योजनान्तर्गत सरकार किसानों को स्वदेशी गौवंशीय पशुओं की नस्लों में सुधार, संरक्षण एवं दुग्ध उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान पुरस्कार से सम्मानित करती है। सरकार द्वारा यह पुरस्कार हर साल 26 नवंबर के दिन “राष्ट्रीय दुग्ध दिवस” के मौके पर दिया जाता है। हाल ही में केंद्रीय पशुपालन और डेयरी विभाग ने गुवाहाटी में श्वेत क्रांति के जनक डॉ. वर्गीज कुरियन की याद में “राष्ट्रीय दुग्ध दिवस” मनाया। इस मौके पर पशुपालन और डेयरी विभाग द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री श्री परषोत्तम रूपाला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। राष्ट्रीय दुग्ध दिवस कार्यक्रम में इस साल भी स्वदेशी गाय- भैंस की नस्ल पालने वाले सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान, सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन और सर्वश्रेष्ठ डेयरी सहकारी समिति (डीसीएस) / दूध उत्पादक कंपनी / डेयरी किसान उत्पादक संगठन के विजेताओं को पुस्कार के रूप में नकद राशि देकर सम्मानित किया गया है। आईये जानते हैं कि इस बार किन किसानों को सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान चुना गया है।
भारत दुनिया में दूध उत्पादन के क्षेत्र में सबसे आगे
इस वर्ष राष्ट्रीय दुग्ध दिवस कार्यक्रम का आयोजन पशुपालन और डेयरी विभाग द्वारा गुवाहाटी में किया गया। रविवार, 26 नवम्बर के दिन आयोजित इस कार्यक्रम में प्रगतिशील विजेताओं को राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार से सम्मानित करते हुए, केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री परषोत्तम रूपाला ने कहा कि भारत दुनिया में दूध उत्पादन के क्षेत्र में सबसे आगे है और दुनियाभर के विविध बाजारों में अलग पहचान बना रहा है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि वर्ष 2022-23 के दौरान देश में कुल दुग्ध उत्पादन 230.58 मिलियन टन अनुमानित है, जिसमें पिछले 5 वर्षों में 22.81 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो वर्ष 2018-19 में 187.75 मिलियन टन था। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2021-22 के अनुमान से वर्ष 2022-23 के दौरान कुल दुग्ध उत्पादन 3.83 प्रतिशत बढ़ गया है।
विभिन्न श्रेणियों के लिए विजेताओं का चयन
केंद्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्री ने कहा इस वर्ष राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार के लिए देशभर से कुल 1770 आवेदन गृह मंत्रालय द्वारा विकसित ऑनलाइन आवेदन पोर्टल awards.gov.in के माध्यम से प्राप्त हुए थे। प्राप्त आवेदनों में से सरकार ने विभिन्न श्रेणियों के लिए विजेताओं का चयन किया। इस वर्ष भी सर्वश्रेष्ठ स्वदेशी मवेशी / गाय-भैंस की नस्लों को पालने-पोसने वाले सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान / कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन / डेयरी सहकारी समिति / दुग्ध उत्पादक कंपनी / डेयरी किसान उत्पादक संगठन के विजेता किसानों को गोपाल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इसमें सर्वश्रेष्ठ स्वदेशी गाय/ भैंस नस्ल रखाने वाले किसानों में हरियाणा के करनाल निवासी किसान राम सिंह को सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान पुरस्कार मिला है। वहीं, दूसरा पुरस्कार गुजरात के निलेश मगनभाई अहीर एवं तृतीय पुरस्कार गुजरात के वललसड की वृंदा सिद्धार्थ शाह और महाराष्ट्र के नासिक निवासी राहुल मनोहर को दिया गया।
सर्वश्रेष्ठ डेयरी सहकारी समिति/ दुग्ध उत्पादक कंपनी/ डेयरी किसान उत्पादक संगठन को पुरस्कार
केंद्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्री परषोत्तम रूपाला ने कहा कि सर्वश्रेष्ठ डेयरी सहकारी समिति/ दुग्ध उत्पादक कंपनी/ डेयरी किसान उत्पादक संगठन क्षेत्र में प्रथम पुरस्कार के लिए केरल के वायनाड की पुलपल्ली क्षीरोलपदक सहकारण संगम डी लिमिटेड दिया गया है, द्वितीय पुरस्कार कर्नाटक की टीएम होसूर मिल्क प्रोड्यूसर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड एवं तृतीय श्रेणी का पुरस्कार तमिलनाडू की एमएस 158 नाथमकोविलपट्टी दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति और सहकारी समिति मांड्या, कर्नाटक को दिया गया। इसके अलावा, सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन क्षेत्र में प्रथम पुरस्कार बिहार के अररिया के सुमन कुमार साह को दिया गया। दूसरा पुरस्कार ओडिया के अनिल कुमार प्रधान एवं तीसरा पुरस्कार के लिए आंध्र प्रदेश के मुद्दपु प्रसाद राव चुना गया।
किसानों को इतने रुपए नगद राशि का मिला पुरस्कार
केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की तरफ से राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिया जाता है। इसमें स्वदेशी मवेशी/ गाय-भैंस नस्ल का पालन करने वाले सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसानों को पहला पुरस्कार दिया जाता है। दूसरा पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ डेयरी सहकारी/दुग्ध उत्पादक कंपनी/डेयरी किसान उत्पादक संगठन एवं तीसरा पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन (एआईटी) को दिया जाता है। प्रत्येक श्रेणी में प्रथम पुरस्कार के लिए 5 लाख, द्वितीय पुरस्कार के लिए 3 लाख रुपए और तीसरे स्थान के लिए 2 लाख रुपए की नकद राशि पुरस्कार स्वरूप दी जाती है। साथ ही विजेता को प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह भी दिया जाता है। सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान की श्रेणी में राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार 2023 में विजेता को केवल प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह दिया गया है।
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