krishi Yantrikaran Yojana 2025 : देश के अधिकांश किसान छोटी भूमि जोत वाले हैं, जो आज भी खेती के मुश्किल कामों के लिए पारंपरिक तरीकों और यंत्रों पर निर्भर हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे आधुनिक कृषि मशीनें और यंत्र खरीदने में असमर्थ रहते हैं। इसी समस्या को दूर करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें खेती के लिए उपयोगी आधुनिक कृषि उपकरणों के लिए किसानों को अनुदान दिया जाता है। बिहार में छोटे और सीमांत किसानों की संख्या काफी अधिक है, जिनके लिए कृषि यंत्र खरीदना एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में राज्य सरकार ने कृषि यांत्रिकरण योजना शुरू की है। इस योजना के तहत आधुनिक कृषि यंत्रों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए राज्य में वित्त वर्ष 26 (FY26) के लिए 267 कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना की जाएगी। योजना के तहत कृषि यंत्रों और मशीनों के साथ केंद्र की स्थापना के लिए सरकार लाभार्थी को 4 लाख रुपए तक का अनुदान दे रही है। ऐसे में जो किसान कस्टम हायरिंग सेंटर खोलकर कृषि यंत्रों से कमाई करना चाहते हैं उनके पास अभी शानदार मौका है।
खेती-किसानी में किसानों को आधुनिक मशीनों का लाभ दिलाने के लिए प्रदेश में ट्रैक्टर समेत अन्य उपयोगी यंत्रों के साथ कस्टम हायरिंग केंद्र (Custom Hiring Center), कृषि यंत्र बैंक (Farm Machinery Bank) और हाईटेक हब सेंटर (Hitech Hub) स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को खेती में काम आने वाली मशीनें जैसे ट्रैक्टर-ट्रॉली, रोटावेटर, कल्टीवेटर, सीड ड्रिल, ट्रैक्टर स्प्रे पंप और थ्रेसर सस्ती किराए की दरों पर उपलब्ध कराए जाते हैं। किसान अपनी जरूरत के अनुसार कृषि मशीनों को निर्धारित किराए पर ले सकते हैं और खेती का काम पूरा होने पर इन्हें वापस जमा करा सकते हैं।
कृषि विभाग बिहार सरकार द्वारा किसानों को आधुनिक कृषि मशीनों और यंत्रों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने उद्देश्य से राज्य में वर्ष 2025-26 के लिए कृषि यांत्रिकरण योजना (krishi Yantrikaran Yojana FY26) लागू की गई है। योजना के तहत किसानों को अनुदानित दर पर 267 कस्टम हायरिंग सेंटर और 120 स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर बनाए जाएंगे। योजना में प्रत्येक कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना पर 10 लाख रुपए की प्रोजेक्ट लागत तय की गई, जिसमें किसानों को 40 प्रतिशत अधिकतम 4 लाख रुपए तक का अनुदान मिलेगा। वर्ष 2025-26 में इस योजना पर 1078.750 लाख रुपए की धनराशि खर्च की जाएगी। इन कस्टम हायरिंग सेंटरों से किसान अपनी जरूरतों के अनुसार आधुनिक कृषि यंत्रों को किराए पर ले सकेंगे।
इस योजना के तहत फसल अवशेष प्रबंधन के लिए फ्लेक्सी फंड से 1454.50 लाख रुपए की लागत से राज्य के 15 जिलों में 120 स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर बनाए जाएंगे। इसमें रोहतास, कैमूर, बक्सर, भोजपुर, नालंदा, पटना, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, औरंगाबाद, लखीसराय, शेखपुरा, अररिया, गया, नवादा, जहानाबाद शामिल है। सभी स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर (SCHC) में फसल प्रबंधन की कम से कम 3 मशीनें लगाना अनिवार्य होगा, इसमें अतिरिक्त कृषि यंत्र भी लिए जा सकते हैं।
कृषि यांत्रिकरण योजना के अंतर्गत किसान अनुदान पर कस्टम हायरिंग सेंटर (Custom Hiring Center) स्थापित कर सकते है:
Website - TractorGuru.in
Instagram - TractorGuru Instagram Page
Facebook - TractorGuru Facebook Page
बिहार में ट्रैक्टर समेत 86 कृषि यंत्रों पर सब्सिडी, 30 सितंबर तक करें ऑनलाइन आवेदन
PM-RKVY और कृषोन्नति योजना के तहत ₹1,183 करोड़ जारी
कीट नियंत्रण ट्रैप पर किसानों को मिलेगी 75% की सब्सिडी
दूध के साथ गोबर-गौमूत्र से कमाई! नंदिनी योजना में ₹31 लाख तक अनुदान
7 Best 50 HP to 60 HP Tractors in India Under Rupees 10 Lakh
Yamaha Strengthens Prospr with Smart Weed-Control Technology