किसानों के लिए गन्ना बीज पर ₹310 सब्सिडी, कृषि यंत्रों पर 80% तक अनुदान

किसानों के लिए गन्ना बीज पर ₹310 सब्सिडी, कृषि यंत्रों पर 80% तक अनुदान
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बिहार गन्ना योजना 2026-27: सिंगल बड तकनीक पर ₹15,000 और कृषि यंत्र बैंक के लिए मिलेंगे ₹8 लाख

गन्ना किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। सरकार ने गन्ना किसानों के लिए दो योजनाओं को मंजूरी दी है जिससे गन्ने की खेती पर होने वाला खर्च कम होगा और आधुनिक कृषि मशीनें खरीदना भी आसान होगा। इन योजनाओं के तहत उन्नत गन्ना बीज उत्पादन पर किसानों को ₹310 प्रति क्विंटल की सब्सिडी मिलेगी, जबकि कृषि यंत्रों की खरीद पर 80% तक अनुदान दिया जाएगा। सरकार के इस फैसले से गन्ना उत्पादन की लागत घटाने, खेती में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने और किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। ऐसे में अगर आप भी गन्ने की खेती करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है। आइए ट्रैक्टर गुरु के माध्यम से बिहार सरकार की 'बीज विकास योजना' और 'गन्ना यंत्रीकरण योजना' के बारे में विस्तार से जानते हैं।

1. बीज विकास योजना: बीज उत्पादन पर मिल रहा है छप्परफाड़ अनुदान

गन्ने की अच्छी पैदावार के लिए सबसे जरूरी है उच्च गुणवत्ता वाला बीज। किसानों को खुद बेहतर क्वालिटी का बीज तैयार करने के लिए प्रेरित करने हेतु सरकार प्रति क्विंटल के हिसाब से नकद सब्सिडी दे रही है:

  • सामान्य वर्ग के किसानों के लिए: सत्यापित (Certified) बीज उत्पादन करने पर ₹260 प्रति क्विंटल का अनुदान।
  • SC-ST वर्ग के किसानों के लिए: अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के किसानों को ₹310 प्रति क्विंटल की दर से सबसे ज्यादा सब्सिडी मिलेगी।
  • आधार बीज (Foundation Seed) उत्पादन: यदि कोई किसान आधार बीज तैयार करता है, तो उसे अधिकतम ₹70,000 प्रति हेक्टेयर तक की वित्तीय सहायता मिलेगी।
  • प्रजनक बीज (Breeder Seed) उत्पादन: प्रजनक बीज तैयार करने की जिम्मेदारी ईख अनुसंधान संस्थान (पूसा) और भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (लखनऊ) के मोतीपुर केंद्र को दी गई है। इसके लिए ₹2.50 लाख प्रति हेक्टेयर तक की भारी प्रोत्साहन राशि तय की गई है।

2. सिंगल बड (Single Bud) तकनीक अपनाओ, ₹15,000 प्रति एकड़ पाओ!

पारंपरिक खेती में गन्ने के बीज पर बहुत ज्यादा खर्च होता है। इस खर्च को कम करने के लिए सरकार सिंगल बड (एक आंख वाली) तकनीक को विशेष रूप से बढ़ावा दे रही है।

  • फायदा: इस तकनीक में बहुत कम बीज की जरूरत होती है, जिससे खेती की लागत आधी हो जाती है।
  • विशेष सब्सिडी: जो भी किसान इस आधुनिक तकनीक को अपनाएंगे, उन्हें सरकार की तरफ से अधिकतम ₹15,000 प्रति एकड़ तक का विशेष अनुदान दिया जाएगा।

3. गन्ना यंत्रीकरण योजना: कृषि यंत्रों पर 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान

दूसरी बड़ी योजना गन्ना यंत्रीकरण योजना का मकसद खेत की तैयारी से लेकर रोपाई, सिंचाई, कीट-खरपतवार नियंत्रण और कटाई तक हर चरण में आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है। इस योजना पर सरकार करीब 34.60 करोड़ रुपये खर्च करेगी और वित्तीय वर्ष 2026-27 में 3,218 कृषि यंत्रों के वितरण के साथ-साथ 80 यंत्र बैंक (Custom Hiring Centers) खोलने का लक्ष्य रखा गया है।

सब्सिडी की दरें वर्ग के हिसाब से अलग-अलग तय की गई हैं:

  • सामान्य वर्ग के किसानों को कृषि यंत्रों पर 40 प्रतिशत तक अनुदान
  • अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के किसानों को 50 प्रतिशत तक अनुदान
  • फसल अवशेष प्रबंधन से जुड़े यंत्रों पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी
  • बीज उपचार मशीनों की खरीद पर 80 प्रतिशत तक सरकारी सहायता
  • यंत्र बैंक खोलने के लिए अधिकतम 8 लाख रुपये तक की मदद

इन यंत्र बैंकों की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि छोटे और सीमांत किसान भी बिना भारी-भरकम निवेश के कम किराये पर आधुनिक मशीनें किराए पर ले सकेंगे। इससे न सिर्फ खेती का काम तेज और आसान होगा, बल्कि मजदूरी पर होने वाला खर्च भी घटेगा।

कैसे और कहां करें आवेदन?

दोनों योजनाओं का लाभ लेने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है, ताकि किसानों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें:

1. बीज विकास योजना के लिए किसानों को केन केयर पोर्टल (Cane Care Portal) पर आवेदन करना होगा।
2. गन्ना यंत्रीकरण योजना के लिए कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर आवेदन किया जा सकेगा।

आवेदन के बाद विभागीय स्तर पर सत्यापन होगा और पात्र पाए जाने वाले किसानों के बैंक खातों में स्वीकृत राशि सीधे प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से भेज दी जाएगी। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और किसानों को समय पर पैसा मिलेगा।

किसानों को कैसे होगा फायदा?

गन्ना उद्योग विभाग का मानना है कि इन दोनों योजनाओं के सही तरीके से लागू होने से राज्य में गन्ने की उत्पादकता, चीनी रिकवरी और किसानों की आय तीनों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा। आधुनिक तकनीक, बेहतर क्वालिटी के बीज और कृषि यंत्रीकरण के दम पर राज्य के चीनी उद्योग को भी पर्याप्त मात्रा में अच्छी गुणवत्ता का गन्ना मिल सकेगा, जिससे पूरी सप्लाई चेन मजबूत होगी।

कुल मिलाकर, यह पहल गन्ना किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। कम लागत, ज्यादा सब्सिडी और आसान ऑनलाइन प्रक्रिया ये तीनों मिलकर किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। जो किसान इन योजनाओं का लाभ उठाना चाहते हैं, उन्हें जल्द से जल्द संबंधित पोर्टल पर जाकर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।

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